35 घंटे बाद होश में आई बच्ची, हमला करने वाले तीसरी कक्षा के बच्चे पर क्या हो कार्रवाई? हरियाणा की घटना से उठे सवाल
पंचकूला के एक स्कूल में तीसरी कक्षा के छात्र के हमले से घायल पहली कक्षा की बच्ची 35 घंटे बाद ...और पढ़ें
HighLights
बच्ची पीजीआई में भर्ती, चेहरे की करनी पड़ेगी सर्जरी।
पंचकूला के संस्कृति मॉडल स्कूल में हुई घटना।
शिक्षा मंत्री ने जांच कमेटी बनाई, मांगी रिपोर्ट।
डिजिटल डेस्क, पंचकूला। तीसरी कक्षा के बच्चे के हमले से घायल पहली कक्षा की बच्ची को शनिवार को 35 घंटे बाद होश आया है। बच्ची चंडीगढ़ पीजीआई में भर्ती है और उसके चेहरे की हालत ऐसी है कि सर्जरी करनी पड़ेगी।
हरियाणा के पंचकूला में सेक्टर-20 स्थित शहीद मेजर अनुज राजपूत राजकीय संस्कृति मॉडल स्कूल में हुई घटना का सीसीटीवी फुटेज देख पूरी दुनिया का दिल दहल गया है। सवाल अब कार्रवाई होने को लेकर उठ रहे हैं।
इसके लिए किसकी और क्या जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए। बेरहम बच्चे पर कार्रवाई होनी चाहिए या फिर उसकी परवरिश करने वाले मां-बाप को सजा मिलनी चाहिए। या फिर जिन स्कूल टीचर्स की बच्चों की देखभाल की जिम्मेदारी बनी है उनके खिलाफ एक्शन लिया जाना चाहिए।
हरियाणा के शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने मामले को गंभीरता से लेते हुए मुख्यालय स्तर पर एक कमेटी का गठन कर जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने कमेटी से शनिवार शाम तक जांच रिपोर्ट मांगी है। जांच की आंच स्कूल की प्रिंसिपल और संबंधित शिक्षकों तक भी पहुंच सकती है। दोषी पाए जाने पर उनके खिलाफ भी विभागीय कार्रवाई की संभावना है।
घटना का वीडियो देख दहला पूरी दुनिया का दिल
तीसरी कक्षा का बच्चा मासूम बच्ची को स्कूल की पहली मंजिल पर बने क्लास रूम में बहाने से लेकर जाता है। वह बच्ची के सिर को तीन से चार बार बेंच पर पटकता है। इसके बाल पकड़कर घसीटता है। जमीन पर गिराकर लातें मारता है। बच्ची बुरी तरह सहम जाती है।
इसके बाद बेरहम बच्चा ईंट उठाकर लाता है और बच्ची के चेहरे पर वार करता है। इसके बार बच्ची की छाती पर खड़ा हो जाता है। चेहरे पर लातें मारता है और फिर ईंट से वार करता है। इसी तरह वह कई बार हमला करता है और फिर क्लास रूम से बाहर भाग जाता है।
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बच्ची अंदर बेहोश पड़ी, किसी को भनक तक नहीं
स्कूल की छुट्टी होने की वजह से कर्मचारी कमरे को ताला लगा देते हैं। किसी को यह भनक तक नहीं होती कि अंदर खून से लथपथ बच्ची बेहोश पड़ी है। जब बच्ची का पिता स्कूल पहुंचता है तो हमला करने वाला बच्चा ही उसे बताता है कि बच्ची कहां है।
इसके बाद पिता खिड़की से जब अपनी मासूम की हालत देखते हैं तो उनकी चीखें निकलती हैं। वे कर्मचारियों और टीचर्स को बुलाते हैं और कमरे का दरवाजा खुलवाते हैं।
बच्ची को कंधे से लगाकर दौड़ते हैं और तुरंत अल्केमिस्ट अस्पताल पहुंचते हैं तो डॉक्टर सरकारी अस्पताल में जाने की बात कहते हैं। पंचकूला के सिविल अस्पताल से बच्ची की हालत देखकर पीजीआई रेफर कर दिया।
टीचर्स लगवाती रही मेहंदी, बच्चों की तरफ नहीं दिया ध्यान
करवाचौथ से एक दिन पहले टीचर्स मेहंदी लगवा रही थी स्कूल में और बच्चों की तरफ कोई ध्यान नहीं था। जब स्कूल की छुट्टी हो गई तो किसी ने पहली मंजिल पर ध्यान नहीं दिया कि वहां कोई है तो नहीं और यह वारदात घटित हो गई।
पिता का दर्द...आज मेरी बेटी के साथ हुआ, कल किसी और के साथ होगा
बच्ची का पिता का कहना है कि जब स्कूल के बच्चों ने बेरहम बच्चे से पूछा कि ऐसा क्यों किया तो उसका जवाब था कि मुझे मजा आता है।बच्ची का पिता पिता कहता है बेरहम बच्चे को नाबालिग कहकर छाेड़ दिया जाएगा।
कमख्त ने मेरी बच्ची को लातों-ईंटों से मारा। मेरी बेटी की हालत देखकर मन करता है कि बच्चे का गला घाेंट दूं। इसके बाद वह कहता है कि मैं तो गरीब आदमी हूं। खाने-कमाने वाला हूं और अगर कल को यह बच्चा किसी और के साथ ऐसा करेगा तो क्या करोगे।
अभिभावकों का स्कूल के बाहर हंगामा

बच्ची के परिजनों समेत स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों के अभिभावकों में रोष बढ़ गया है। उनका आरोप है कि स्कूल प्रशासन ने घटना को दबाने का प्रयास किया। बुधवार को घटना हुई, जोकि अब तूल पकड़ रही है।
शनिवार को अभिभावक स्कूल के बाहर इकट्ठा हुए और कार्रवाई की मांग को लेकर हंगामा किया। स्थिति को संभालने के लिए भारी पुलिस बल तैनात करना पड़ा।
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