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पंचकूला में स्कूल प्रिंसिपल निलंबित, चौकीदार पर FIR; बच्ची पर तीसरी कक्षा के छात्र ने किया था हमला

Published: Sun, 01 Nov 2026 07:32 PM (IST)

पंचकूला के संस्कृति सीनियर सेकेंडरी स्कूल में 6 साल की बच्ची पर हमले के मामले में शिक्षा विभाग ने बड़ी ...और पढ़ें

क्लासरूम में बच्ची पर किया था हमला।

क्लासरूम में बच्ची पर किया था हमला।

HighLights

  1. दो टीचर को पहले किया जा चुका है निलंबित।

  2. 6 साल की बच्ची पर 8 साल के छात्र का हमला।

  3. स्कूल में सुरक्षा चूक, स्टाफ की लापरवाही उजागर।

जागरण संवाददाता, पंचकूला। सेक्टर-20 स्थित संस्कृति सीनियर सेकेंडरी स्कूल में छह साल की बच्ची के साथ मारपीट के मामले में शिक्षा विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए रविवार शाम स्कूल की प्रिंसिपल नीलू कत्याल को निलंबित कर दिया।

इससे पहले शनिवार देर रात दो जेबीटी पूजा रानी और सिमरनजीत कौर को भी निलंबित किया जा चुका है। वहीं, पुलिस ने इस मामले में स्कूल की प्रिंसिपल, क्लास इंचार्ज और चौकीदार के खिलाफ लापरवाही का केस दर्ज किया है।

स्कूल में मासूम बच्ची की सुरक्षा को लेकर हुई चूक और घटना के बाद की परिस्थितियों ने पूरे शिक्षा तंत्र पर सवाल खड़े कर दिए हैं। एफआईआर के अनुसार, 28 अक्टूबर को दोपहर 3 से 4 बजे के बीच तीसरी कक्षा के आठ वर्षीय छात्र ने छह साल की बच्ची को स्कूल की पहली मंजिल पर स्थित एक कमरे में ले जाकर हमला किया था।

बच्ची का सिर बेंच पर पटका, चेहरे पर ईंट और लातों से हमला किया। ईंट से सिर और चेहरे पर कई वार किए। आरोप है कि इसके बाद बच्ची घायल अवस्था में करीब दो घंटे तक बंद कमरे में पड़ी रही। स्कूल की छुट्टी हो चुकी थी और बच्ची अपनी कक्षा में भी नहीं मिली, लेकिन किसी कर्मचारी ने कमरे के अंदर जाकर उसे तलाशने की जरूरत नहीं समझी।

हर कक्षा में सीसीटीवी, फिर भी नहीं लगी भनक

बच्ची के चाचा ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि स्कूल की प्रत्येक कक्षा और गैलरी में सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं। इन कैमरों की फुटेज देखने की सुविधा प्रिंसिपल के कमरे में भी उपलब्ध है। इसके बावजूद बच्ची के साथ हुई मारपीट और उसके बाद कमरे में बंद रहने की जानकारी समय रहते सामने नहीं आई।

शिकायतकर्ता ने स्कूल प्रशासन और स्टाफ को इस घटना के लिए जिम्मेदार ठहराते हुए प्रबंधन, प्रिंसिपल, क्लास इंचार्ज, अन्य कर्मचारियों और चौकीदार के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। शिकायत में घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने का भी उल्लेख किया गया है।

पिता इलाज में व्यस्त, चाचा ने दर्ज करवाई एफआईआर

बच्ची के पिता उसके उपचार में व्यस्त थे, इसलिए उसके चाचा ने पुलिस को शिकायत दी। सेक्टर-20 थाने में शनिवार शाम 6:30 बजे एफआईआर दर्ज की गई। घटना 28 अक्टूबर की होने के बावजूद पुलिस में शिकायत तीन दिन बाद दर्ज हुई। एफआईआर में देरी का कारण बताने वाला कॉलम खाली छोड़ा गया है।

पुलिस ने किशोर न्याय (बालकों की देखरेख और संरक्षण) अधिनियम, 2015 की धारा 75 और भारतीय न्याय संहिता की धारा 125(बी) के तहत मामला दर्ज किया है। शिकायत की प्रति आगे की जांच के लिए जुवेनाइल ऑफिसर सुरेश पाल को सौंपी गई है, जबकि एएसआई प्रदीप को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है।

छात्र के व्यवहार को लेकर पहले भी हुई थीं शिकायतें

मामले में यह बात भी सामने आई है कि छात्र के व्यवहार को लेकर पहले भी शिकायतें की गई थीं। इसके बाद शिक्षकों ने छात्र और उसके परिजनों को चेतावनी भी दी थी। घटना वाले दिन छात्र ने कथित तौर पर पहले बच्ची के साथ शरारत की।

बच्ची ने उसे पागल कह दिया और शिकायत करने की बात कही। इसके बाद छात्र ने बच्ची से कहा कि उसके पिता उसे ऊपर कमरे में बुला रहे हैं। उसकी बात पर भरोसा कर बच्ची पहली मंजिल पर चली गई, जहां उसके साथ मारपीट हुई।

पुलिस पूछताछ में भी छात्र ने पागल कहने पर हमला करने की बात कही। जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड के समक्ष पेश करने के बाद छात्र को अंबाला ऑब्जर्वेशन होम भेज दिया गया है।

ऑनलाइन शॉपिंग, पिज्जा और मेहंदी में व्यस्त रहने के आरोप

घटना के बाद अन्य अभिभावकों ने भी स्कूल स्टाफ की कार्यप्रणाली पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका दावा है कि स्कूल में स्टाफ ऑनलाइन शॉपिंग में व्यस्त रहता है और ऑनलाइन पिज्जा मंगवाए जाते हैं।

जिस दिन बच्ची के साथ घटना हुई, उस दिन महिला टीचर्स के मेहंदी लगवाने में व्यस्त होने का आरोप भी अभिभावकों ने लगाया है। उनका कहना है कि स्टाफ अपने लिए बिसलेरी का पानी मंगवाता है, लेकिन बच्चों की सुरक्षा और जरूरतों पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जाता। अभिभावकों के मुताबिक, घटना वाले दिन प्रिंसिपल भी स्कूल में मौजूद नहीं थीं। 

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स्कूल के बाहर कई बार तनावपूर्ण स्थिति बनी

31 अक्टूबर को घटना के विरोध में स्कूल के बाहर कई बार तनावपूर्ण स्थिति बनी थी। बच्चों को लेने समय से पहले पहुंचे अभिभावकों और पुलिस के बीच भी बहस हुई थी। पुलिस उन्हें स्कूल गेट से बाहर जाने के लिए कह रही थी, जबकि अभिभावक वहां से हटने को तैयार नहीं थे।

अब प्रिंसिपल समेत तीन शिक्षकों के निलंबन और तीन स्कूल कर्मचारियों के खिलाफ दर्ज एफआईआर के बाद अभिभावक स्कूल में बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर जवाब मांग रहे हैं।

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