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मौत को मात देकर मुस्कुराई 6 साल की बच्ची, ब्रेन मैपिंग टेस्ट रिपोर्ट पर होगी हमलावर 8 वर्षीय छात्र पर कार्रवाई

Published: Mon, 02 Nov 2026 07:45 PM (IST)

पंचकूला के सरकारी स्कूल में हमले में घायल 6 वर्षीय बच्ची की सेहत में सुधार है और उसका पीजीआई में ...और पढ़ें

बच्ची का पीजीआई में इलाज चल रहा है और सेहत में सुधार है।

बच्ची का पीजीआई में इलाज चल रहा है और सेहत में सुधार है।

HighLights

  1. घायल बच्ची की सेहत में सुधार, पीजीआई में इलाज जारी।

  2. हमलावर छात्र का मानसिक परीक्षण, रिपोर्ट कल आएगी।

  3. प्रिंसिपल, दो शिक्षक निलंबित, स्कूल स्टाफ से पूछताछ।

जागरण संवाददाता, पंचकूला। क्लासरूम में आठ साल के बच्चे के हमले में घायल छह साल की बच्ची की सेहत में सुधार है। उसका पीजीआई में इलाज चल रहा और हमले के करीब एक हफ्ते बाद मौत को मात देकर चेहरे पर हल्की मुस्कान आई है। पिता ने बेटी के भविष्य के लिए बेटी के  उचित मुआवजे की मांग की है।

दूसरी तरफ, क्लासरूम में बच्ची पर ईंट और लातों से हमला करने वाले आठ वर्षीय छात्र का सोमवार को चंडीगढ़ के सेक्टर-32 स्थित जीएमसीएच में मेंटल मैपिंग टेस्ट करवाया गया।

उसे जुवेनाइल आब्जर्वेशन होम अंबाला से अस्पताल लाया गया था। इस परीक्षण की रिपोर्ट मंगलवार को आएगी, रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस के अनुसार हमला करने वाले बच्चे का जीएमसीएच-32 में परीक्षण करवाने के बाद उसे ऑब्जर्वेशन होम भेजा गया है। 

यह घटना पंचकूला सेक्टर-20 के सरकारी स्कूल में हुई थी। शिक्षा विभाग समेत तीन अलग-अलग समितियां मामले की जांच में जुटी हैं। दो महिला शिक्षकों और प्रिंसिपल नीलू कत्याल को सस्पेंड किया जा चुका है। सोमवार को स्कूल में बीईओ की अध्यक्षता में गठित जांच टीम ने ढाई घंटे तक पूछताछ की।

इस दौरान निलंबित दोनों टीचर, प्रिंसिपल और स्कूल का पूरा स्टाफ मौजूद रहा। टीम मामले में लापरवाही से लेकर कार्रवाई में हुई देरी की हर कड़ी को खंगाल रही है। जांच समिति की रिपोर्ट आने के बाद स्कूल के अन्य स्टाफ सदस्यों पर भी कार्रवाई हो सकती है।

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घटना के इन बिंदुओं पर जांच कर रही कमेटी

घटना के समय स्कूल में कितना स्टाफ था। उस समय बच्चों की संख्या कितनी थी और क्लास में कौन शिक्षक था। स्कूल में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज देखने की व्यवस्था प्रिंसिपल के कमरे में थी। ऐसे में जब बच्ची स्कूल से बाहर निकली, तब प्रिंसिपल स्कूल में थी या नहीं। सीसीटीवी फुटेज को समय पर क्यों नहीं देखा गया।

दोपहर की शिफ्ट में स्कूल छोटी कक्षा के बच्चों के लिए होता है, तो पहली मंजिल में 12वीं कक्षा का कमरा क्यों खुला था। जब चौकीदार ने क्लासरूम के दरवाजे को बंद किया तो उसने अंदर जाकर पूरी जांच क्यों नहीं की और बिना जांच के ताला लगा दिया।

 कब क्या हुआ, टाइमलाइन से जानिये

तारीख घटना का पूरा विवरण
28 अक्टूबर दोपहर बाद 3 से 4 बजे के बीच छह साल की बच्ची पर क्रूरता से हमला किया गया।
28 अक्टूबर बच्ची का पिता खून से लथपथ हालत में उसे निजी अस्पताल ले गया। वहां से सेक्टर-6 सरकारी अस्पताल भेजा गया। रात 12 बजे बच्ची को पीजीआई चंडीगढ़ रेफर किया गया।
30 अक्टूबर बच्ची पर हमले की घटना का खुलासा हुआ।
31 अक्टूबर पुलिस ने स्कूल प्रबंधन के खिलाफ केस दर्ज किया। शिक्षा विभाग ने दो महिला शिक्षकों को निलंबित किया। हमला करने वाले छात्र को आब्जर्वेशन होम अंबाला भेजा गया।
1 नवंबर लापरवाही बरतने के आरोप में स्कूल प्रिंसिपल को निलंबित किया गया।
2 नवंबर हमला करने वाले छात्र का जीएमसीएच-32 में माइंड मैपिंग टेस्ट कराया गया। जांच कमेटी ने स्कूल स्टाफ से पूछताछ की।

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