जेएनएन, चंडीगढ़। पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट के निर्णय से प्रभावित करीब 5000 कर्मचारियों के हक में सरकार बीच का रास्ता निकालने को तैयार हो गई है। प्रदेश सरकार ने मुख्य सचिव डीएस ढेसी के नेतृत्व में तीन सदस्यीय कमेटी बनाई है जो अदालत के निर्णय पर कर्मचारियों के हित में की जाने वाली कार्यवाही को लेकर सुझाव देगी।

हरियाणा के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री कृष्ण कुमार बेदी ने मुख्यमंत्री मनोहर लाल द्वारा गठित कमेटी की जानकारी दी। उल्लेखनीय है कि हाई कोर्ट ने पिछली हुड्डा सरकार की नियमितीकरण पॉलिसी को रद कर छह माह में नियमित भर्ती करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के नेता विपक्षी दलों के नेताओं से मुलाकात कर विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने को ज्ञापन दे रहे हैैं।

राज्य मंत्री कृष्ण कुमार बेदी के अनुसार मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने उक्त कर्मचारियों की मानसिक एवं आर्थिक परेशानी को समझते हुए मुख्य सचिव की अगुआई में तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया है। कमेटी अदालत के निर्णय की समीक्षा करते हुए सरकार को अपनी रिपोर्ट देगी।

राज्य मंत्री ने कहा कि छह माह के अंतराल में इतने बड़े स्तर पर भर्ती प्रक्रिया पूरा किया जाना संभव नहीं है और कर्मचारी एवं उनके परिवारों की स्थिति को ध्यान में रखते हुए यदि सरकार को पुनर्विचार याचिका दायर करनी पड़ी अथवा सुप्रीम कोर्ट का रुख करना पड़ा तो सरकार इस पर विचार करेगी। 

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Posted By: Kamlesh Bhatt

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