विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 22, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

सरकार किसी भी दल की रही हो गुरमीत की मनमानी हमेशा चली

By Sunil Kumar JhaEdited By:
Published: Fri, 22 Sep 2017 12:45 PM (IST)Updated: Fri, 22 Sep 2017 03:11 PM (IST)

हरियाणा में किसी भी पार्टी की सरकार रही, गुरमीत राम रहीम की हमेशा चली। उसका ऐसा रसूख था कि वह कोई गैरकानूनी काम भी आसानी से करा लेता था।

सरकार किसी भी दल की रही हो गुरमीत की मनमानी हमेशा चली
सरकार किसी भी दल की रही हो गुरमीत की मनमानी हमेशा चली

जेएनएन,चंडीगढ़। हरियाणा में किसी पार्टी की सरकार रही हो, हर में डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम का रसूख रहा है। हर शासन में उसकी मनमानी पूरी तरह चलती रही। हर सरकार में वह फायदा उठाता था और गैर वाजिब काम भी करा लेता था। डेरा प्रमुख अथवा उसके किसी भी डेरा प्रतिनिधि की फाइल सरकारी टेबल पर नहीं रुकती थी। सरकारों ने डेरे से जुड़े तमाम ऐसे गैरकानूनी कामों को मंजूरी दी है, जिसमें नियम आड़े आते रहे। डेरा प्रमुख ने अपने प्रभाव का इस्तेमाल करते हुए करीब एक दर्जन प्रापर्टी को चेंज आफ लैैंड यूज (सीएलयू) से मुक्त करा लिया।

बिना सीएलयू प्रापर्टी नियमित कराता था डेरा सच्‍चा सौदा प्रमुख राम रहीम

उसने इन संपत्तियों को लाल डोरे के दायरे में दिखाया। ऐसी संपत्ति अथवा जमीनों की सीएलयू की जरूरत नहीं होती। यह संपत्ति बिना सीएलयू ही नियमित मानी जाती है। सिरसा में उसने शाह सतनामपुरा पंचायत का गठन कर इसके दायरे में इन संपत्तियों को बिना सीएलयू के नियमित कराया गया है। टाउन एंड कंट्री प्लानिंग से जुड़े इस काम को बिना सरकारी इशारे के नहीं किया जा सकता। अफसर ही डेरे को इन कामों को कराने की ट्रिक भी बताते थे।

यह भी पढ़ें: डेरा प्रमुख पर बड़ा खुलासा, मिसाइल और बम बनवाना चाहता था गुरमीत

टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग के अधिकारियों ने डेरे को ऐसी संपत्तियों को सीएलयू मुक्त करके दिए हैैं, जिन्हें मंजूर कराने में प्रभावशाली लोगों को भी दुश्वारी होती। फिलहाल एक दर्जन से अधिक संपत्तियां सामने आई हैैं। जांच में इनकी संख्या दो दर्जन भी हो सकती है।

------

'' डेरा अवैध घोषित नहीं हुआ है। गुरमीत को ही सजा हुई है। इसलिए डेरे पर किसी को सवाल नहीं उठाना चाहिए। डेरा पहले भी चलता था और आगे भी चलता रहेगा।

                                                                                                - अनिल विज, स्वास्थ्य मंत्री, हरियाणा।

-------

'' हम डेरे के पहले गुरु शाह सतनाम जी के पास जाते थे। डेरे ने जब से राजनीतिक विंग बनाई है, तब से हमने जाना छोड़ दिया था। सरकार के मंत्रियों की तरह कोई हमारी एक भी फोटो दिखा दे। हम मान लेंगे।

                                                                                             - अभय सिंह चौटाला, विपक्ष के नेता।

-------

'' मैैं कभी आज तक डेरे में नहीं गया। जो गए होंगे, वे जानें, मैैं तो नहीं गया। हमारी डेरे से कभी कोई राजनीतिक बात नहीं हुई।

                                                                                                    - भूपेंद्र सिंह हुड्डा, पूर्व मुख्यमंत्री।

यह भी पढें: पुलिस तलाश करती रही और चकमा देकर जयपुर से भाग गई हनीप्रीत