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हरियाणा में गर्भवती महिलाओं के लिए अच्छी खबर, आपात स्थिति में अब निजी अस्पतालों में भी मिलेगा इलाज

Published: Mon, 05 Oct 2026 07:57 PM (IST)

हरियाणा में अब गर्भवती महिलाओं को आपात स्थिति में निजी अस्पतालों में भी भर्ती कराया जा सकेगा। स्वास्थ्य मंत्री आरती ...और पढ़ें

हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती राव। फाइल फोटो

हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती राव। फाइल फोटो

HighLights

  1. गर्भवती महिलाओं को आपात स्थिति में निजी अस्पतालों में भर्ती की सुविधा।

  2. मातृ एवं शिशु मृत्यु दर कम करने हेतु 'समृद्धि' योजना शुरू।

  3. तकनीक-संचालित ट्रैकिंग और उच्च जोखिम वाली गर्भावस्थाओं पर विशेष ध्यान।

राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। हरियाणा में अब गर्भवती महिलाएं आपात स्थिति में निजी अस्पतालों में भी भर्ती कराई जा सकेंगी। गंभीर परिस्थितियों में समय बचाने के लिए प्रत्येक महिला को उसकी जोखिम श्रेणी के अनुसार उपयुक्त स्वास्थ्य सुविधा केंद्र से टैग किया जाएगा, जिसमें लाभार्थी के अनुरोध पर निजी स्वास्थ्य केंद्र भी शामिल हो सकते हैं। इससे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों से होने वाले अनावश्यक बहुस्तरीय रेफरल रुकेंगे और आपात स्थिति में सही स्तर की देखभाल तुरंत मिल सकेगी।

स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने मातृ मृत्यु दर और नवजात मृत्यु दर को कम करने के लिए सोमवार को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन द्वारा प्रस्तावित 'समृद्धि' (सुरक्षित मातृत्व और बाल स्वास्थ्य पहल) योजना का शुभारंभ करते हुए यह जानकारी साझा की। समृद्धि एक तकनीक-संचालित प्रणाली है जो राज्य में गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं की निरंतर ट्रैकिंग करेगी।

नवजात शिशु की देखभाल की एंड-टू-एंड निगरानी

विशेष रूप से उच्च जोखिम वाली गर्भावस्था पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। इस पहल के तहत गर्भवती महिला के प्रसवपूर्व पंजीकरण से लेकर प्रसव और जन्म के 42 दिनों तक नवजात शिशु की देखभाल की एंड-टू-एंड निगरानी सुनिश्चित की जाएगी।

'समृद्धि' तंत्र के सुचारू संचालन के लिए एनएचएम मुख्यालय में एक समृद्धि पोर्टल, स्टेट कमान सेंटर और समर्पित 102 काल सेंटर के साथ-साथ प्रत्येक जिला अस्पताल में एक जिला काल सेंटर स्थापित किया जा रहा है। समृद्धि पोर्टल पर हर गर्भवती महिला का पंजीकरण अनिवार्य होगा, जिससे एक यूनिक समृद्धि आइडी जनरेट होगी। यह पोर्टल सरकारी और निजी स्वास्थ्य केंद्रों में मिलने वाली सेवाओं की ट्रैकिंग में मदद करेगा।

इसके साथ ही आटोमेटेड अलर्ट और ड्यू लिस्ट के जरिए एएनएम और चिकित्सा अधिकारियों को समय पर प्रसवपूर्व देखभाल, फालो-अप और प्रसव की पूर्व तैयारी सुनिश्चित करने में सहायता मिलेगी। प्रत्येक उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिला को गर्भावस्था के दसवें से बारहवें सप्ताह में उचित नैदानिक मूल्यांकन और प्रबंधन के लिए प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत लगने वाले शिविर में भेजा जाएगा।

बुधवार और शनिवार को बैठेंगे स्त्री रोग विशेषज्ञ

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन हरियाणा के मिशन निदेशक डा. आरएस ढिल्लों ने बताया कि हरियाणा में कुल 101 प्रथम रेफरल इकाइयां हैं। विशेषज्ञ डाक्टरों की कमी के कारण इनमें से 11 प्रथम रेफरल इकाइयों में अपेक्षा के अनुरूप सेवाएं नहीं मिल पा रही थी। तुरंत प्रभाव से डाक्टरों की भर्ती के लिए हर बुधवार को बाक-इन वर्चुअल इंटरव्यू आयोजित किए जा रहे हैं, जिसके तहत 84 विशेषज्ञों की नियुक्ति को अंतिम रूप दिया गया है।

11 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) में बुधवार और शनिवार को स्त्री रोग विशेषज्ञ, बाल रोग विशेषज्ञ और एनेस्थेटिस्ट बैठेंगे, जिससे स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर होंगी।

इनमें अंबाला का सीएचसी चौरमस्तपुर, भिवानी का एसडीएच लोहारू, फतेहाबाद का सीएचसी भट्टू कलां व सीएचसी भूना, गुरुग्राम का एसडीएच पटौदी, झज्जर का एसडीएच मातनहेल व सीएचसी छारू, जींद का सीएचसी अलेवा, नूंह का सीएचसी पिनगवां तथा रेवाड़ी का सीएचसी बावल व सीएचसी नाहर शामिल हैं।

प्रतिनियुक्ति के दौरान ये विशेषज्ञ डाक्टर समर्पित ओपीडी क्लिनिक चलाएंगे, उच्च जोखिम वाली गर्भावस्थाओं की जांच करेंगे। साथ ही नियोजित सिजेरियन आपरेशन शेड्यूल करेंगे और आपातकालीन प्रसूति मामलों को संभालेंगे।

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