अच्छी खबर! मछली और झींगा पालकों को मिलेगी 10 पैसे प्रति यूनिट बिजली, हरियाणा सरकार का एलान
हरियाणा सरकार ने मछली और झींगा पालकों को कृषि फीडर से 10 पैसे प्रति यूनिट बिजली देने की घोषणा की ...और पढ़ें

मछली और झींगा पालकों को मिलेगी 10 पैसे प्रति यूनिट बिजली (फाइल फोटो)
HighLights
मछली और झींगा पालकों को 10 पैसे यूनिट बिजली
कृषि उद्योगों को 4.75 रुपये प्रति यूनिट बिजली मिलेगी
नई मृदा-जल प्रयोगशालाएं और मछली मंडियां स्थापित होंगी
राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। हरियाणा में कृषि फीडर से जुड़े मछली और झींगा पालकों को 10 पैसे यूनिट बिजली दी जाएगी। गैर-कृषि फीडरों से जुड़े 20 किलोवाट तक के लोड वाले उपभोक्ताओं को किसान उत्पादन संगठन (एफपीओ) और कृषि उद्योग श्रेणी के अंतर्गत 4.75 रुपये प्रति यूनिट की दर से बिजली मिलेगी। इस श्रेणी में लोड सीमा को 20 किलोवाट से बढ़ाकर 40 किलोवाट तथा बिजली की दर 6.60 रुपये प्रति यूनिट से घटाकर 4.75 रुपये प्रति यूनिट कर दिया गया है।
कृषि एवं किसान कल्याण तथा मत्स्य पालन मंत्री श्याम सिंह राणा ने शुक्रवार को समीक्षा बैठक में कहा कि मत्स्य पालकों को उच्च गुणवत्ता का बीज उपलब्ध कराया जाएगा। मत्स्य तथा झींगा की बिक्री के लिए अलग से मंडी बनाई जाएंगी। यमुनानगर, रोहतक एवं फरीदाबाद में नई मृदा एवं जल परीक्षण प्रयोगशालाएं स्थापित की जाएंगी। छह करोड़ रुपये में बनने वाली तीनों प्रयोगशालाओं के मार्च तक शुरू होने की संभावना है।
20 करोड़ रुपये खर्च करने का अनुमान
मुख्यमंत्री ने बजट भाषण में मत्स्य एवं झींगा पालन के लिए कृषि फीडरों से बिजली प्राप्त करने वाले उपभोक्ताओं को 10 पैसे प्रति यूनिट की दर पर बिजली देने की बात कही थी, जिसे पूरा कर दिया गया है। श्याम सिंह राणा ने बताया कि ज्योतिसर एवं सांपला स्थित सरकारी मत्स्य बीज फार्मों का सुदृढ़ीकरण एवं नवीनीकरण किया जा रहा है। इन पर 20 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।
'प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना' के अंतर्गत हिसार एवं फरीदाबाद जिलों में कुल 100 करोड़ रुपये की लागत से दो आधुनिक मछली मंडियां स्थापित करने के लिए मुख्यमंत्री ने मंजूरी दे दी है। जल्द ही विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करके काम शुरू कर दिया जाएगा। करनाल में 50 करोड़ रुपये की लागत से मछली प्रसंस्करण इकाई स्थापित करने की दिशा में काम शुरू हो गया है। इसका कार्य दिसंबर 2028 तक पूरा हो जाएगा।
