हरियाणा में ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ आंदोलन को लेकर कांग्रेस की रणनीति, कमान संभालेंगे संजय दत्त और राव नरेंद्र
हरियाणा में कांग्रेस ने 'वोट बचाओ, देश बचाओ' अभियान को ब्लॉक स्तर तक ले जाने की तैयारी की है। पार्टी ...और पढ़ें

24 अक्टूबर तक चलेगा कांग्रेस का प्रदेशव्यापी अभियान।
HighLights
अभियान 17 से 24 अक्टूबर तक नौ स्थानों पर चलेगा।
मतदाता सूची गड़बड़ी और चुनावी पारदर्शिता की जांच की मांग।
पार्टी प्रभारी और प्रदेशाध्यक्ष विरोध प्रदर्शनों का नेतृत्व करेंगे।
राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। हरियाणा में कांग्रेस ने ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ अभियान को ब्लाक स्तर तक ले जाने की तैयारी तेज कर दी है। एआइसीसी के हरियाणा प्रभारी संजय दत्त और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह विरोध मार्च और जनसंपर्क कार्यक्रमों का नेतृत्व करेंगे।
24 अक्टूबर तक चलने वाले अभियान में पार्टी मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों, चुनावी पारदर्शिता और मताधिकार की रक्षा के मुद्दे उठाएगी। पार्टी के कार्यक्रम के अनुसार, 17 अक्टूबर को फर्रुखनगर, बाढड़ा और कैथल, 18 अक्टूबर को तोशाम, हांसी और गुरुग्राम; तथा 19 अक्टूबर को नीलोखेड़ी, राई और सोनीपत में ब्लाक स्तरीय आंदोलन होंगे।
संजय दत्त और राव नरेंद्र सिंह इनका नेतृत्व करेंगे। 22 से 24 अक्टूबर तक दूसरे चरण का कार्यक्रम अलग से जारी किया जाएगा। संजय दत्त ने बताया कि अभियान में विरोध मार्च, साइकिल रैलियां और जनसंपर्क कार्यक्रम होंगे।
ये महात्मा गांधी या डा. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमाओं से शुरू होकर एसडीएम कार्यालय या स्थानीय प्रशासनिक मुख्यालय तक जाएंगे। समापन पर संविधान की प्रस्तावना का पाठ कर लोकतांत्रिक मूल्यों और मतदान के अधिकार की रक्षा का संकल्प लिया जाएगा।
राव नरेंद्र सिंह के अनुसार, सांसदों, विधायकों, पूर्व जनप्रतिनिधियों, जिला और ब्लाॅक कांग्रेस अध्यक्षों तथा पार्टी के अग्रिम संगठनों की भागीदारी सुनिश्चित करने को कहा गया है। कार्यक्रमों के समन्वय की जिम्मेदारी जिला और ब्लाक इकाइयों को दी गई है।
संजय दत्त और राव नरेंद्र सिंह ने मतदाता सूचियों में नाम जोड़ने और हटाने की प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं की स्वतंत्र जांच तथा चुनावी आंकड़ों में पारदर्शिता की मांग की।
उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और 2024 के हरियाणा विधानसभा चुनाव की स्वतंत्र समीक्षा की मांग भी दोहराई। संजय दत्त ने मतपत्र से मतदान बहाल करने की मांग करते हुए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से इस्तीफा देने को कहा।
