जेएनएन, चंडीगढ़। हरियाणा में किसानों को पिछले सत्रह साल में फसलों के नुकसान पर कुल 3212 करोड़ रुपये मिले हैं। पिछले तीन साल के दौरान 90 फीसद किसानों के खाते में मुआवजा राशि डाली गई। सरकार ने दावा किया कि उन्होंने न केवल अपनी, बल्कि पूर्ववर्ती सरकारों के कार्यकाल के समय का मुआवजा भी दिया है।

प्रश्नकाल में कालका की भाजपा विधायक लतिका शर्मा ने वर्ष 2001 से लेकर 2017 तक किसानों को आवंटित मुआवजे का ब्योरा मांगा था। जवाब में राजस्व एवं आपदा मंत्री कैप्टन अभिमन्यु ने बताया कि इस दौरान 33 लाख किसानों को सरकार ने मदद की है। पूर्व की सरकारों द्वारा प्राकृतिक आपदा के शिकार किसानों को राहत देने की लिए घोषणाएं तो बहुत की जाती थी लेकिन उन पर अमल करने में अक्सर ढिलाई बरती जाती थी।

मंत्री ने बताया कि वर्ष 2001 से लेकर वर्ष 2005 तक घोषणाओं की करीब 38.7 फीसद, वर्ष 2006 से 2014 तक 77 फीसद और 2015 से अब तक घोषणाओं की कुल 90 फीसद मुआवजा राशि किसानों को दी गई।

पृथला को सब-डिवीजन का दर्जा नहीं

प्रदेश सरकार ने पृथला को सब डिविजन का दर्जा देने से इनकार कर दिया है। विधानसभा में यह मुद्दा विधायक टेकचंद शर्मा ने उठाया। शर्मा ने कहा कि उनका विधानसभा क्षेत्र दो जिलों में बंटा हुआ है। इसके चलते पृथला में न तो बिजली का दफ्तर है और न ही पानी का दफ्तर है। टेक चंद ने कई तर्क दिए लेकिन राजस्व मंत्री ने गेंद धनखड़ कमेटी के पाले में डालते हुए साफ कर दिया कि सरकार ने धनखड़ कमेटी की सिफारिशों को आधार बनाकर ही इस बारे में कोई फैसला किया है।

यह भी पढ़ेंः वर्षों तक जान से मारने की धमकी देकर महिला से दुष्कर्म करता रहा पड़ोसी

By Kamlesh Bhatt