यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 31, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
जाट आंदोलन: अब दिल्ली जाम करने की धमकी, अर्द्धसैनिक बलों की 20 और कंपनियां पहुंचीं
हरियाणा में जाट आंदोलन अब गंभीर मोड़ लेता दिखाई दे रहा है। जाट आंदोलनकारियों ने दिल्ली जाम करने की चेतावनी ...और पढ़ें

जेएनएन, चंडीगढ़। हरियाणा में जाटों का आंदाेलन जारी है अौर यह अब गंभीर रूप लेता दिखाई दे रहा है। जाट आंदोलनकारियों ने चेतावनी दी है कि उनकी मांग नहीं मानी गई तो 12 फरवरी से दिल्ली को जाम करेंगे। दूसरी आेर, धरनों में जाटों की संख्या बढ़ने पर सरकार सतर्क हो गई है। सरकार ने अर्द्ध सैनिक बलों की 20 और कंपनियांं राज्य में बुला ली है।
कैथल के देवबन कैंची में राजमार्ग के पास धरने पर बैठे लोगों को संबोधित करते हुए जाट नेताओं ने कहा कि देश में शांति चाहिए तो सरकार जाट सहित छह जातियों को आरक्षण दें। यदि 12 फरवरी तक उनकी मांगें नहीं मानी गई तो जाअ दिल्ली को जाम कर देंगे। जाट आंदोलनकारी इसके बाद दिल्ली में जाम लगाएंगे।
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बता दें कि दूसरे दिन आंदोलनकारियों की संख्या पहले दिन की अपेक्षा दोगुना पहुंच गई। इसे देखते हुए धरना स्थल से पांच किलोमीटर पहले तितरम मोड पर रैपिड एक्शन फोर्स को तैनात किया गया। तीसरे दिन भी लाेगों का पहुंचना जारी है। प्रशासन ने धरनास्थल के आसपास की दुकानों व शराब के ठेके को भी बंद करा दिए हैं।
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दूसरी ओर, हरियाणा में आरक्षण के लिए धरने पर बैठे जाटों की भीड़ बढ़ती देख केंद्रीय गृह मंत्रालय सतर्क हो गया है। ताजा हालातों पर लगातार नजर रख रही केंद्र सरकार ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अर्द्धसैनिक बलों की 20 और कंपनियां मैदान में उतार दी हैं। 37 कंपनियां यहां पहले से मुस्तैद हैं। रविवार से शुरू हुए आंदोलन को लेकर गृह मंत्रालय ने प्रदेश सरकार से पूरी स्टेटस रिपोर्ट तलब कर ली है। हरियाणा के गृह विभाग ने भी कोई देरी न करते हुए गृह मंत्रालय को रिपोर्ट भेज दी है जिसमें अतिरिक्त अर्द्ध सैनिक बलों की मांग की गई है।
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पिछले साल शुरू में शांतिपूर्वक चले जाट आंदोलन ने बाद में जातीय हिंसा का रूप ले लिया था। इसमें 30 लोगों की मौत हुई और अरबों रुपये की संपत्ति राख हो गई। इस बार पहले से सतर्क केंद्र सरकार कोई जोखिम नहीं उठाना चाहती। हालांकि पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव के चलते गृह मंत्रालय पहले हरियाणा की मांग के मुताबिक अतिरिक्त पुलिस बल मुहैया नहीं करा पा रहा था, लेकिन मामले की नजाकत को देख अब अर्द्ध सैनिक बलों की 20 और कंपनियों को हरियाणा भेज दिया गया है। जरूरत पडऩे पर और सुरक्षा बल मुहैया कराने की पूरी तैयारी है।
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प्रदेश सरकार ने शुरू में केंद्र से अद्र्धसैनिक बलों की 55 टुकडिय़ां मांगी थी। बाद में 20 और टुकडिय़ों की मांग की गई। उत्तराखंड, पंजाब, उत्तर प्रदेश सहित पांच राज्यों में चुनाव के चलते पहले केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सुरक्षा बल भेजने में पहले तो हीला हवाली की परंतु प्रदेश सरकार के दोबारा मांग करने पर इस दिशा में कदम उठा लिया। वहीं, जिलों की पुलिस लाइनों में मौजूद अतिरिक्त पुलिसस्टाफ को भी ड्यूटी पर लगा दिया गया है।
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने बताया कि हरियाणा में भेजी गई अद्र्धसैनिक बलों की कंपनियों को मांग के अनुरूप जिलों में तैनात किया जा रहा है। केंद्र सरकार से अतिरिक्त बल तैयार रखने की गुजारिश की गई है। जरूरत पडऩे पर केंद्र से अतिरिक्त पुलिस बल तुरंत हरियाणा पहुंच जाएगा।
रोहतक, सोनीपत और जींद जिलों पर खास फोकस
जाट आंदोलन से निपटने के लिए रोहतक, सोनीपत व जींद पर फोकस है। इसीलिए सुरक्षा बलों की नई आई 20 कंपनियों में से अधिकतर को इन्हीं जिलों में भेजा गया है। तीनों ही जिलों में जाट आंदोलनकारियों की भीड़ लगातार बढ़ रही है। हालांकि झज्जर को भी सरकार अति संवेदनशील मानकर चल रही है।
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पिछले वर्ष फरवरी में हुए आंदोलन के दौरान सबसे अधिक 14 लोगों की मौत झज्जर में ही हुई थी। इससे बचने के लिए यहां अर्द्ध सैनिक बलों की आठ कंपनियां पहले से तैनात हैं। झज्जर में सुबह आठ बजे से शाम छह बजे तक इंटरनेट व फोन सेवाएं ठप कर दी गई हैं। खुफिया विभाग की रिपोर्ट के आधार पर पानीपत, कैथल, जींद, हिसार व भिवानी पर भी कड़ी नजर है।
