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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 30, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

जाट आंदोलन: कई जगह शाम की ग्रामीण बस सेवाएं बंद, धरनाें में बढ़ी भीड़

By Sunil Kumar JhaEdited By:
Published: Mon, 30 Jan 2017 10:50 AM (IST)Updated: Mon, 30 Jan 2017 04:13 PM (IST)

जाटों का आंदोलन दूसरे दिन धरनास्‍थलों पर ज्‍यादा संख्‍या में लोग आए हैं। सुरक्षा के प्रबंध कड़े कर दिए गए ...और पढ़ें

जाट आंदोलन: कई जगह शाम की ग्रामीण बस सेवाएं बंद, धरनाें में बढ़ी भीड़
जाट आंदोलन: कई जगह शाम की ग्रामीण बस सेवाएं बंद, धरनाें में बढ़ी भीड़

जेएनएन, चंडीगढ़। जाटों का हरियाणा में आंदोलन साेमवार को भी जारी है। राज्य में विभिन्न जगहों पर जाट अांदोलनकारियों की धरनास्थलों पर दूसरे दिन भीड़ बढ़ गई है।सबसे अधिक लोग रोहतक के जसिया में जुटे हैं। कैथल के देवबन कैंची में स्टेट हाइवे और हिसार के मय्यड़ में रेलवे ट्रैक के पास के धरना स्थल पर आंदोलनकारी दूसरे दिन भी जमे हुए हैं। कैथल सहित कुछ जगहों पर शाम की बस सेवा बंद कर दी गई है। जींद के भी इक्कस गांव में भी धरना स्थल काफी संख्या में आंदोलनकारी पहुंचे हैं। पूरे राज्य में धरना शांतिपूर्वक चल रहा है। स्थलाें के अासपास और शहरों में सुरक्षा और कड़ी कर दी गई है।

यशपाल मलिक बोले, आरक्षण की कानूनी बाधा सरकारें दूर करें

दूसरी आेर, अखिल भारतीय जाट अारक्षण संघर्ष समिति के प्रधान यशपाल मलिक ने कहा कि आरक्षण की कानूनी बाधा दूर की जानी चाहिए। केंद्र और राज्य की सरकारों को इसके लिए तुरंत कदम उठाए। उन्होंने कहा कि मांगें पूरी तरह लागू किए जाने तक हरियाणा में जाटों का आंदोलन जारी रहेगा।

राज्य के 19 जिलों में जाटों का आंदोलन रविवार को शुरू हुआ था। हिसार और कैथल में धरनास्थल को लेकर विवाद के कारण तनाव की हालत पैदा हो गई थी। हिसार में जाट मय्यड़ में हाइवे या रेलवे ट्रैक के किनारे धरना देने पर अड़ गए। प्रशासन की अनुमति नहीं मिलने के बावजूद जाटों ने रेलवे ट्रैक के पास धरना शुरू कर दिया।

हिसार के मय्यड़ में सोमवार को धरने पर बैठे जाट आंदोलनकारी।

कैथल में जाटों ने देवबन कैंची गांव में धरना देना शुरू कर दिया, जबकि उनको पहले जाखोली में धरना देने की अनुमति दी गई थी। प्रशासन ने उनको इसकी अनुमति नहीं दी थी। देवबन कैंची में धरना स्टेट हाइवे के करीब दिया जा रहा है। जाट आंदोलनकारियों ने साेमवार को धरना स्थल पर टेंट लग दिया। धरनास्थल पर खाने पीने की भी व्यवस्था की गई है।

कैथल के देवबन कैंची गांव में धरना देते जाट आंदोलनकारी।

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हिसार में जाट आंदोलनकारी मय्यड़ और रामायण गांव के पास रेलवे ट्रैक से महज 100 मीटर की दूरी पर धरने पर बैठ गए हैं। दूसरे दिन काफी संख्या में जाट वहां पहुंचे हैं। रविवार को काफी संख्या में जाट रेलवे लाइन पर भी पहुंच थे। जींद में भी इक्कस गांव में जींद-हिसार राष्ट्रीय राजमार्ग के पास धरना स्थल पर दूसरे दिन भी काफी संख्या में लोग पहुंचे हैं। धरना स्थल के आसपास सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। यहां भी टेंट लगा दिए गए हैं। यहां सुबह आंदोलनकारियों ने शहीद दिवस पर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को मौन रखकर श्रद्धांजलि दी।

भिवानी में धनाना गांव में धरना चल रहा है। दूसरे दिन भी धरना में काफी संख्या में लोग पहुंचे हैं। राज्य के अन्य जगहों पर जाटों का धरना दूसरे दिन भी शुरू हो गया है। सभी जगहों पर पुलिस बल तैनात है। शहराें और आसपास के क्षेत्रों में पुलिस जवान तैनात हैं।

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जाटों को सड़कों और हाइवे से दूर रखने के लिए पुलिस और अर्द्ध सैनिक बल के जवान तैनात किए गए हैं। हाइवे और संपर्क सड़कों पर दूसरे दिन भी नाके लगाकर वाहनों की चेकिंग की जा रही है। पानीपत जिले में भी कड़ी सुरक्षा है।

जींद के इक्कस गांव में धरना देते जाट आंदोलनकारी।

सिरसा, भिवानी में भी धरना शुरू

सिरसा, भिवानी, चरखी दादरी में भी जाटों का धरना दूसरे दिन भी शुरू हो गया है। कैथल में धरनास्थल को लेकर जाट नेताओं और प्रशासन के बीच रविवार को विवाद के सोमवार को भी यह हालत जारी रही। जाट देवबन कैंची में दूसरे दिन भी धरना दे रहे हैं। दूसरी आेर प्रशासन को कहना है कि यहां धरना देने की अनुमति नहीं दी गई है और इसके लिए कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

देखें तस्वीरें : हरियाणा में जाट आंदोलन पर पुलिस की कड़ी नजर

रोहतक के जसिया गांव में धरने के दौरान बुजुर्ग।

कुरुक्षेत्र के जैनुपर जाटान और पानीपत के उग्राखेड़ी में धरना

कुरुक्षेत्र जिले में लाडवा क्षेत्र के जैनपुर जाटान गांव में जाटों का धरना चल रहा है। यहां दूसरे दिन भी धरना दिया जा रहा है। पानीपत में जाट उग्राखेड़ी गांव में धरना दे रहे हैं। धरनास्थल और अासपास के क्षेत्र में कड़ी सुरक्षा की गई है। पानीपत शहर में भी सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए हैं और भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।

दिल्ली को जलापूर्ति करने वाली मूनक नहर की सुरक्षा बढ़ाते हुए रेलवे टै्रक और हाईवे पर अतिरिक्त फोर्स की तैनाती की गई है। सभी जिलों के पुलिस अधिकारियों के साथ नियमित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की व्यवस्था की गई है। हर रोज सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जाएगी। पुलिस कर्मियों और प्रशासनिक अधिकारियों की छुट्टियां पहले ही रद की जा चुकी हैं।

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