यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 30, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
जाट आंदोलन: धरनास्थलों पर हुक्के की गुड़गुड़ाहट, लंगर का प्रबंध भी
हरियाणा में आंदोलन के लिए जाटों ने पूरी व्यवस्था की है। धरनास्थलों पर भाेजन के लिए लंगर चल रहे हैं ...और पढ़ें

जेएनएन, चंडीगढ़। हरियाणा मेें जाट आंदोलन के दौरान आंदोलनकारियों के लिए सभी तरह के इंतजाम किए गए हैं। भाेजन के लिए लंगर चल रहे हैं तो हुक्का और चाय के पूरे बंदोबस्त किए गए हैं। आंदोलनकारी ताश का भी आनंद ले रहे हैं। रोहतक में जसिया और हिसार में मय्यड़ में धरनास्थल पर आंदोलन कारियों के लिए पूरे इंतजाम दिख रहे हैं। अन्य जगहों पर भी ऐसी ही तैयारी की जा रही है।
आंदोलन के दूसरे दिन जसिया और मय्यड़ सहित सभी जगहों पर जाट काफी संख्या में धरना देेने के लिए पहुंचे हैं। इनमें महिलाओं की संख्या खासी है। जाट ट्रैक्टर ट्रालियों और अन्य वाहनों में धरनास्थलों पर पहुंच रहे हैं। धरनास्थलों पर नारेबाजी भी चल रही है आैर संघर्ष के लिए हर तरह से तैयार रहने का एलान किया जा रहा है।
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रोहतक के जसिया में भोजन तैयार करते लोग।
जसिया में लोगों ने धरना स्थल के पास ही भोजन तैयार करने की व्यवस्था रविवार से ही कर ली थी। मय्यड़ में आज से यह व्यवस्था की गई है। धरने पर बैठे लोगों के लिए चाय दी जा रही है। इसके लिए धरनास्थल पर गैस सिलेंडर लाकर इसकी व्यवस्था की गई। दोपहर में यहां लंगर चलाया गया। इसमें आंदोलन में भाग ले रहे लोगों को पूड़ी-सब्जी परोसी गई।

मय्यड़ में धरनास्थल लंगर का नजारा।
रोहतक के जसिया में महिलाओं ने भोजन बनाने की कमान संभाल रखी है। इसके लिए राशन की पहले ही व्यवस्था कर ली गई थी। यहां धरने में काफी संख्या मेें महिलाएं और बच्चे भी शामिल है। पूरा माहौल कई बार पिकनिक से लग रहा है। धरने पर बैठे हजारों लोग जमकर नारेबाजी कर रहे हैं आैर इसके बीच चाय की चुस्की उन्हें नई ताजगी देती है।
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हिसार के मय्यड़ में धरनास्थल पर चाय की व्यवस्था।
धरनास्थलों पर पीने के पानी की भी पर्याप्त व्यवस्था की गई है। आंदोलनकारी धरने के दौरान हुक्के का भी अानंद ले रहे हैं। ये सारे इंतजाम लंबे आंदोलन की जाटों की तैयारी का संकेत दे रहे हैं।
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