वॉट्सऐप पर आया चालान का मैसेज? हो सकती है ठगी, पलवल पुलिस ने जारी की साइबर एडवाइजरी
पलवल पुलिस ने 11 अक्टूबर को एडवाइजरी जारी कर लोगों को केवल आधिकारिक पोर्टल का उपयोग करने और ठगी होने पर तुरंत 1930 पर शिकायत करने की सलाह दी है।

आधिकारिक पोर्टल से ही चालान का भुगतान करें। (AI-Generated image)
HighLights
फर्जी चालान लिंक से बैंक खाते की जानकारी चुरा रहे ठग
पलवल पुलिस ने साइबर ठगी से बचने की एडवाइजरी जारी की
केवल आधिकारिक पोर्टल से ही चालान का भुगतान करें
जासं, पलवल। फर्जी ट्रैफिक चालान और सरकारी नोटिस के नाम पर साइबर ठग लोगों की गाढ़ी कमाई पर हाथ साफ कर रहे हैं। वाहन का चालान काटने और तुरंत भुगतान नहीं करने पर कानूनी कार्रवाई की धमकी देकर लोगों को फर्जी वेबसाइट पर पहुंचाया जा रहा है।
इसके बाद बैंक खाते और कार्ड से जुड़ी जानकारी लेकर रकम उड़ा ली जाती है। इसे लेकर पलवल पुलिस ने राष्ट्रीय साइबर जागरुकता माह के तहत 11 अक्टूबर को विशेष एडवाइजरी जारी कर लोगों को सतर्क रहने की अपील की है।
एसपी दीप्ति गर्ग ने बताया कि साइबर ठग मोबाइल पर एसएमएस और वाट्सअप के जरिए फर्जी चालान या सरकारी नोटिस भेजते हैं। संदेश में एक संदिग्ध लिंक दिया जाता है और दावा किया जाता है कि वाहन का चालान लंबित है।
जल्द भुगतान नहीं करने पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी देकर लोगों को घबराहट में लिंक खोलने के लिए मजबूर किया जाता है। लिंक पर क्लिक करने के बाद व्यक्ति असली सरकारी पोर्टल जैसी दिखने वाली फर्जी वेबसाइट पर पहुंच जाता है।
यहां चालान भुगतान के बहाने बैंक खाते, डेबिट या क्रेडिट कार्ड नंबर, सीवीवी और ओटीपी जैसी गोपनीय जानकारी मांगी जाती है। जानकारी साझा करते ही खाते से रकम निकल सकती है। कुछ मामलों में संदिग्ध लिंक के जरिए मोबाइल में मैलवेयर भी डाउनलोड हो जाता है, जिससे निजी डेटा चोरी होने का खतरा रहता है।
आधिकारिक पोर्टल से ही करें चालान का भुगतान
पलवल पुलिस ने लोगों को सलाह दी है कि एसएमएस या व्हाट्सएप पर आए किसी अनजान लिंक से चालान का भुगतान न करें। वाहन के चालान की जानकारी लेने और भुगतान करने के लिए केवल आधिकारिक सरकारी पोर्टल echallan.parivahan.gov.in का इस्तेमाल करें।
किसी भी अनजान वेबसाइट पर बैंक खाते की जानकारी, पासवर्ड या ओटीपी साझा न करें। धमकी भरे संदेश या कॉल मिलने पर घबराकर जल्दबाजी में भुगतान करने से बचें।
ठगी होने पर तुरंत करें शिकायत
एसपी दीप्ति गर्ग ने कहा कि साइबर धोखाधड़ी का शिकार होने पर बिना देर किए राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करें या www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं। शुरुआती समय में शिकायत मिलने पर ठगी गई रकम को रोकने की संभावना बढ़ सकती है।
पुलिस ने नागरिकों से साइबर सुरक्षा संबंधी सावधानियां अपनाने और जागरूकता अभियान में सहयोग करने की अपील की है।
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