पलवल में खुलेगा हरियाणा का पहला हीमोफीलिया ट्रीटमेंट सेंटर, 4 जिलों के मरीजों को मिलेगी बड़ी राहत
पलवल के केसी प्रशांत अस्पताल में जल्द ही हीमोफीलिया ट्रीटमेंट सेंटर (एचटीसी) शुरू होगा। इससे पलवल, फरीदाबाद, गुरुग्राम और नूंह ...और पढ़ें

पलवल में खुलेगा एचटीसी
HighLights
पलवल में हीमोफीलिया ट्रीटमेंट सेंटर जल्द होगा शुरू
चार जिलों के 209 मरीजों को मिलेगा स्थानीय उपचार
आपात स्थिति में जीवनरक्षक फैक्टर इंजेक्शन की सुविधा
अशोक कुमार यादव, पलवल। हीमोफीलिया से पीड़ित मरीजों के लिए राहत भरी खबर है। अब उन्हें आपात स्थिति में जीवनरक्षक फैक्टर इंजेक्शन के लिए दूर-दराज के अस्पतालों की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी। पलवल के केसी प्रशांत अस्पताल में जल्द ही हीमोफीलिया ट्रीटमेंट सेंटर (एचटीसी) शुरू होने जा रहा है।
इस केंद्र से पलवल के अलावा फरीदाबाद, गुरुग्राम और नूंह जिले के मरीजों को भी लाभ मिलेगा। सेंटर की स्वीकृति मिलने के बाद मरीजों और उनके परिजनों में खुशी की लहर है। केसी प्रशांत अस्पताल को वर्ल्ड फेडरेशन आफ हीमोफीलिया (डब्ल्यूएएफएच) की पहल पर सेंटर की स्वीकृति मिली है।
इस उपलब्धि पर हीमोफीलिया वेलफेयर सोसायटी पलवल के अध्यक्ष विकास शर्मा और अशोक कुमार ने अस्पताल संचालक डॉ. प्रशांत गुप्ता तथा सचिन अस्पताल के संचालक डॉ. सचिन गुप्ता से मुलाकात कर उन्हें बधाई दी। इस दौरान गुलदस्ता भेंट कर खुशी जाहिर की गई।
चार जिलों के 209 मरीजों को मिलेगा लाभ
केसी प्रशांत अस्पताल के संचालक डा. प्रशांत गुप्ता ने बताया कि हरियाणा में यह अपनी तरह का पहला और एनसीआर क्षेत्र में दूसरा सेंटर है। इसके शुरू होने से चार जिलों के हीमोफीलिया मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, पलवल में 54, नूंह में 20, फरीदाबाद में 65 और गुरुग्राम में 70 मरीज हैं।
इस तरह कुल 209 मरीजों को इस सुविधा का लाभ मिल सकेगा। हीमोफीलिया एक ऐसा आनुवंशिक रक्तस्राव संबंधी विकार है, जिसमें खून का थक्का जमने की प्रक्रिया प्रभावित होती है। ऐसे में चोट लगने, रक्तस्राव होने या सर्जरी के दौरान मरीज को समय पर फैक्टर उपलब्ध कराना बेहद जरूरी होता है।
नए सेंटर के शुरू होने से जरूरत के समय मरीजों को फैक्टर इंजेक्शन उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी और उपचार में होने वाली देरी कम हो सकेगी।
पंजीकृत मरीजों को ही मिलेगी सुविधा
सोसायटी के अनुसार, सेंटर की सुविधा सोसायटी में पंजीकृत तथा एचटीसी पहचान पत्र रखने वाले मरीजों को ही मिलेगी। सोसायटी के अध्यक्ष विकास शर्मा ने ऐसे मरीजों से जल्द पंजीकरण कराने और आवश्यक दस्तावेज जमा करने की अपील की है, जिन्होंने अभी तक अपना पंजीकरण नहीं कराया है।
उन्होंने बताया कि मरीजों का विवरण एचएफआइ के नेशनल हीमोफीलिया रजिस्टर में दर्ज होना भी जरूरी है। इसी रजिस्टर में शामिल मरीजों के लिए फेडरेशन की ओर से जीवनरक्षक दवाइयां भेजी जाती हैं। यह सेंटर हीमोफीलिया फेडरेशन इंडिया के सहयोग से हीमोफीलिया सोसायटी पलवल और केसी प्रशांत अस्पताल के संयुक्त प्रयास से संचालित होगा।
सरकारी अस्पताल में निशुल्क सुविधा
सामान्य प्रक्रिया के तहत मरीज को पहले जिला नागरिक अस्पताल में फैक्टर इंजेक्शन के लिए जाना होगा। यदि वहां इंजेक्शन उपलब्ध नहीं होता है तो मरीज को अस्पताल के कार्ड पर ''नाट अवेलेबल'' लिखवाकर लाना होगा। इसके बाद निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार नए सेंटर में इंजेक्शन लगाने की सुविधा मिलेगी।
वहीं, आपात स्थिति में मरीजों को राहत देने के लिए सचिन अस्पताल में डॉ. सचिन गुप्ता द्वारा उनका इलाज निशुल्क किया जाएगा। डॉ. सचिन गुप्ता पहले से ही थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों को निशुल्क रक्त चढ़ाने और उपचार में सहयोग करते रहे हैं। केसी प्रशांत अस्पताल में मरीजों का उपचार डॉ. श्रद्धा अग्रवाल और डॉ. केसी गुप्ता करेंगे।
सेंटर शुरू होने से चार जिलों के हीमोफीलिया मरीजों को स्थानीय स्तर पर उपचार की सुविधा मिलने की उम्मीद है। इससे खासकर आपात स्थितियों में मरीजों और उनके परिजनों को होने वाली परेशानी कम हो सकेगी।
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