नूंह में बिजली संकट से हाहाकार, 80% से ज्यादा इलाका अंधेरे में; प्रशासन ने तैनात किए 13 कार्यकारी मजिस्ट्रेट
नूंह जिले में बिजली कर्मचारियों की हड़ताल के कारण गहराया बिजली संकट, 80% से अधिक क्षेत्र अंधेरे में डूब गया ...और पढ़ें

नूंह जिले के खेड़ली कला गांव में बिजली गुल होने के बाद अंधेरे में बैठे ग्रामीण चर्चा करते हुए। जागरण
HighLights
नूंह में बिजली कर्मचारियों की हड़ताल से गहराया संकट।
जिले का 80% से अधिक क्षेत्र बिजली विहीन हो गया।
कानून-व्यवस्था हेतु 13 कार्यकारी मजिस्ट्रेट नियुक्त किए गए।
मोहम्मद हारून, नूंह। हरियाणा बिजली कर्मचारी एवं इंजीनियर संयुक्त संघर्ष मोर्चा की हड़ताल के मद्देनजर जिले में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन ने 13 विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट नियुक्त किए गए। जिला मजिस्ट्रेट अखिल पिलानी ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 16(1) और 17(II) के तहत ये आदेश जारी किए हैं। नियुक्त मजिस्ट्रेट 21 से 24 अक्टूबर तक अपने निर्धारित क्षेत्रों में ड्यूटी संभालेंगे।
जिला प्रशासन की ओर से जारी आदेश के अनुसार...
- रोजका मेव थाना क्षेत्र में जिला बागवानी अधिकारी डॉ. अब्दुल रजाक
- सिटी नूंह में जिला समाज कल्याण अधिकारी बीरेंद्र सिंह
- सदर नूंह में बीडीपीओ अंकित यादव को जिम्मेदारी सौंपी
- आकेड़ा में जिला नगर योजनाकार बिनेश कुमार
- फिरोजपुर झिरका शहर में जिला प्रयोगशाला केमिस्ट ताहिर हुसैन
- सदर फिरोजपुर झिरका में बीडीपीओ अजीत सिंह ड्यूटी मजिस्ट्रेट रहेंगे
- पुन्हाना शहर में सहायक प्रोफेसर आकाश
- सदर पुन्हाना में एसडीई सुमित वर्मा
- बिछोर में खंड कृषि अधिकारी सुनील कुमार
- पिनगवां में एसडीई सुरेंद्र सिंह को तैनात किया गया
- नगीना में नायब तहसीलदार रवि कुमार
- तावडू शहर में एसडीई आबिद हुसैन
- सदर तावडू और मोहदपुर अहीर क्षेत्र में नायब तहसीलदार दया चंद को जिम्मेदारी दी गई
आदेश के मुताबिक, सभी नियुक्त मजिस्ट्रेट अपने निर्धारित क्षेत्रों में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कार्यकारी मजिस्ट्रेट की शक्तियों का इस्तेमाल करेंगे।
क्यों हुआ हरियाणा के कई जिलों में ब्लैक आउट?
नूंह और गुरुग्राम में बिजली व्यवस्था निजी कंपनी को सौंपने के विरोध में कर्मचारियों की हड़ताल का असर अब जनजीवन पर पड़ने लगा है। मेवात के शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली संकट गहरा गया है। पुन्हाना शहर में पिछले 24 घंटे से बिजली गुल है, जबकि तावडू में भी सुबह से बिजली नहीं आने के कारण रात को बाजारों में अंधेरा छाया रहा। जिले का 80 प्रतिशत से अधिक क्षेत्र बिजली संकट से जूझ रहा है।

कितने कर्मचारी कर रहे 12 घंटे काम?
विद्युत प्रसारण निगम के 474 कर्मचारियों में से महज 12 कर्मचारी ही ड्यूटी पर मौजूद हैं। अधिकांश कर्मचारियों और अधिकारियों के हड़ताल पर रहने से बिजली आपूर्ति बहाल करने में परेशानी आ रही है। इसका असर सरकारी कार्यालयों पर भी पड़ा है। नूंह स्थित लघु सचिवालय में सुबह से बिजली आपूर्ति बंद रही। दिनभर बिजली नहीं होने से अधिकारियों और कर्मचारियों को कामकाज निपटाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
लाइन ट्रिप होती रही और अंधेरा छाता गया
जानकारी के अनुसार, 66 केवी सब स्टेशन से आने वाली आपूर्ति लाइन का जंपर टूटने के कारण बिजली बाधित हुई। इसे जोड़ने के लिए पर्याप्त कर्मचारी उपलब्ध नहीं होने से समस्या बनी रही। वहीं, पिनगवां, फिरोजपुर झिरका, नगीना सहित कई ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली ट्रिप होने के बाद आपूर्ति दोबारा शुरू नहीं हो सकी। दिन में जैसे-जैसे लाइन ट्रिप होती गई तो उन्हें दोबारा चालू नहीं किया जा सका।
पेयजल संकट भी गहराया
बिजली आपूर्ति ठप होने से पेयजल व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है। बिजली के अभाव में पानी की मोटरें और पेयजल आपूर्ति व्यवस्था नहीं चल पा रही हैं। लोगों को पीने के पानी के लिए परेशानी उठानी पड़ रही है। यदि हड़ताल लंबी खिंचती है तो बिजली और पानी का संकट और गंभीर हो सकता है।
