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नूंह में शाहिद का एनकाउंटर या मर्डर? स्वजन ने पुलिस दावों पर उठाए सवाल, मजिस्ट्रेट जांच शुरू

Published: Thu, 22 Oct 2026 06:24 PM (IST)

नूंह में पुलिस मुठभेड़ में मारे गए शाहिद उर्फ आडवाणी के मामले में मजिस्ट्रेट जांच शुरू हो गई है। मृतक ...और पढ़ें

नूंह में पुलिस एंकाउंटर पर उठे सवाल। फोटो:  सांकेतिक

नूंह में पुलिस एंकाउंटर पर उठे सवाल। फोटो: सांकेतिक

HighLights

  1. शाहिद मुठभेड़ मामले में मजिस्ट्रेट जांच शुरू, नया मोड़ आया।

  2. स्वजनों और ग्रामीणों ने इसे साजिश के तहत हत्या बताया।

  3. निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए एसडीएम को बयान दिए।

जागरण संवाददाता, नूंह। रोजका मेव थाना क्षेत्र में 15 को पुलिस मुठभेड़ में मारे गए शाहिद उर्फ आडवाणी के मामले में नया मोड़ आया है। बृहस्पतिवार को मजिस्ट्रेट जांच के तहत मृतक के स्वजन और गांव खरखड़ी के ग्रामीण जिला मुख्यालय पहुंचे और जांच कमेटी के अध्यक्ष एसडीएम नूंह के समक्ष अपने बयान एवं शिकायत दर्ज कराई।

स्वजन और ग्रामीणों ने पुलिस मुठभेड़ पर सवाल उठाते हुए इसे षड्यंत्र के तहत हत्या बताया और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।

स्वजन ने पुलिस मुठभेड़ पर उठाए सवाल

मृतक के भाई वहीद की ओर से एसडीएम को दिए शिकायत पत्र में गांव के छह नामजद लोगों सहित अन्य के विरुद्ध आरोप लगाए गए हैं। स्वजन ने मांग की कि घटना से जुड़े सभी साक्ष्यों, ग्रामीणों के बयान, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, सीसीटीवी फुटेज और पुलिस रिकार्ड की गहनता से जांच की जाए, ताकि घटना की वास्तविकता सामने आ सके।

वहीद ने आरोप लगाया कि उसके भाई की मौत पुलिस मुठभेड़ में नहीं हुई, बल्कि गांव के कुछ लोगों ने उसकी हत्या की साजिश रची थी। उसने पुलिस पर भी गंभीर आरोप लगाए और कहा कि उसके पास घटना से संबंधित वीडियो सहित कुछ साक्ष्य हैं।

ग्रामीणों ने निष्पक्ष जांच की मांग की

वहीं रिटायर्ड मेजर खलील ने भी पुलिस के एनकाउंटर के दावे पर सवाल उठाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की। ग्रामीण रजाक खान ने कहा कि वे प्रशासन और जांच कमेटी के अधिकारियों से मिल चुके हैं, लेकिन अभी संतुष्ट नहीं हैं।

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि निजी लोगों ने प्राइवेट वाहनों से शाहिद का पीछा किया और बाद में घटना को मुठभेड़ का रूप दिया गया। उन्होंने कहा कि यदि जिला स्तर पर न्याय नहीं मिला तो वे मामले को हाई कोर्ट या सुप्रीम कोर्ट तक ले जाएंगे।

पोस्टमार्टम के दौरान हुआ था हंगामा

गौरतलब है कि शाहिद की मौत के बाद पोस्टमार्टम के दौरान मेडिकल कालेज में हंगामा हुआ था। अंतिम संस्कार को लेकर भी स्वजन, ग्रामीणों और पुलिस-प्रशासन के बीच लंबे समय तक गतिरोध रहा था।

प्रशासन की ओर से मामले की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए गए हैं। जांच के दौरान बृहस्पतिवार को स्वजन और ग्रामीणों ने अपने पक्ष में शिकायत और साक्ष्य प्रस्तुत किए।

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