घरेलू हिंसा से पीड़ित महिलाओं की ढाल बना नूंह का वन स्टॉप सेंटर, हेल्पलाइन 181 पर भी मिल रही मदद
नूंह का वन स्टॉप सेंटर घरेलू हिंसा से पीड़ित महिलाओं के लिए वरदान है, जो उन्हें चिकित्सा, पुलिस, कानूनी और मनोवैज्ञानिक सहायता प्रदान करता है।
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नूंह वन स्टॉप सेंटर में मिल रही घरेलू हिंसा से पीड़ित महिलाओं को मदद
HighLights
वन स्टॉप सेंटर छह प्रकार की सहायता एक छत के नीचे।
2019 से अब तक 1800 महिलाओं को हिंसा से राहत।
घरेलू हिंसा पीड़ित महिलाएं 181 हेल्पलाइन पर मदद ले सकती हैं।
जागरण संवाददाता, नूंह। मेवात जैसे पिछड़े इलाके में घरेलू हिंसा से पीड़ित महिलाओं की सुनवाई के लिए बना वन स्टाप सेंटर किसी वरदान से कम नहीं है। यह ऐसी जगह है, जहां पर महिलाएं बिना किसी रोक टोक के अपनी समस्या लेकर आ सकती हैं।
यह सेंटर घरेलू हिंसा से पीड़ित महिलाओं के लिए एक ही छत के नीचे चिकित्सा सहायता, पुलिस सहायता, परामर्श, कानूनी परामर्श व सहायता, मनोवैज्ञानिक परामर्श और अस्थाई आश्रय सहित छह प्रकार की सुविधाएं प्रदान करता है।
जिले में चल रहा वन स्टाप सेंटर अब तक 1800 महिलाओं को घरेलू हिंसा से निजात दिला चुका है। यह सेंटर भूली भटकी महिलाओं और बच्चियों को भी सही राह दिखाता है।
घरेलू हिंसा से पीड़ित 1800 मामले
विधिवक्ता मोहम्मद अशफाक ने जानकारी देते हुए बताया कि जिले में साल 2019 में वन स्टाप सेंटर की शुरूआत हुई थी। तब से लेकर अब तक यहां पर घरेलू हिंसा से पीड़ित 1800 महिलाओं के मामले सामने आ चुके हैं जिनमें से एक हजार महिलाओं को हिंसा से राहत मिल चुकी है।
इसके अलावा बाल विवाह, भूली भटकी हुई महिलाओं के मामले भी सामने आ चुके हैं। उन्होंने बताया कि दो महिलाएं घरेलू हिंसा से प्रभावित होकर अन्य राज्यों से मेवात पहुंच गई थी। जिन्हें वन स्टाप सेंटर द्वारा उनके जिले के वन स्टाप सेंटर पर सूचना देकर बुलाया गया और उन्हें उनके घर सुरक्षित भेज दिया गया।
इसके अलावा, पुन्हाना और नूंह में दो नाबालिग लड़कियों के बाल विवाह को भी रुकवाया गया। हिंसा से पीड़ित महिलाएं हेल्पलाइन नंबर 181 पर काल करके भी मदद ले सकती हैं। मोहम्मद अशफाक ने बताया कि वन स्टाप सेंटर की टीम द्वारा समय-समय पर महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति भी जागरुक किया जाता रहता है। समय पर समय सीजेएम नेहा गुप्ता द्वारा वन स्टाप सेंटर का निरीक्षण किया गया।
दहेज बन रही घरेलू कलह
अकसर घरेलू हिंसा की मुख्य वजह दहेज की डिमांड सामने आती है। वन स्टाप सेंटर पर पहुंचने वाली घरेलू हिंसा पीड़ित किसी महिला के यदि शरीर में चोट हैं तो पहले उसे चिकित्सा सहायता प्रदान की जाती है।
उसके बाद पुलिस सहायता फिर परामर्श और कानूनी परामर्श व सहायता, मनोवैज्ञानिक परामर्श तथा अस्थाई आश्रय भी प्रदान किया जाता है। जहां पर महिला को खाने पीने और रहने सहने की व्यवस्था भी प्रदान की जाती है।
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