मेवात में चालक की सूझबूझ से बचीं दो जिंदगियां, चलती बस में महिला ने दिया बेटे को जन्म
मेवात में एक महिला ने चलती बस में बेटे को जन्म दिया। बस चालक की सूझबूझ से मां औरे बेटे ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक तस्वीर, एआई जेनरेटेड
HighLights
मेवात में चलती बस में महिला ने बेटे को जन्म दिया।
बस चालक-परिचालक ने मां-बेटे को तुरंत अस्पताल पहुंचाया।
जच्चा और बच्चा दोनों स्वस्थ, मानवता की मिसाल कायम।
संवाद सहयोगी, मेवात। शहर के वार्ड एक की एक महिला ने चलती बस में बेटे को जन्म दिया। महिला अपने पति के साथ राजस्थान के अलवर के एक प्राइवेट अस्पताल में चैकअप करवाकर वापिस अपने घर लौट रही थी। रास्ते में लेबर पेन बढ़ने से महिला की डिलीवरी चलती बस में हो गई।
बस के चालक एवं परिचालक ने इस महिला एवं इसके बच्चे को सिविल अस्पताल फिरोजपुर झिरका पहुंचाया। लोगों ने बस के चालक एवं परिचालक की प्रशंसा की है।
समय से 15 दिन पहले बच्चे का हुआ जन्म
फिरोजपुर झिरका के वार्ड सात निवासी शोएब खान ने बताया कि वह शुक्रवार की सुबह अपनी गर्भवती पत्नि सुमैय्या को जांच के लिए अलवर के सानिया अस्पताल में ले गया था। जहां पर चिकित्सकों ने जांच के बाद उनको बताया कि सुमैय्या की डिलीवरी होने में अभी 15 दिन का समय बाकी है।
बस चालक की समझदारी
इसके बाद दंपति ने अस्पताल से दवाइयां ली और अपने घर वापिस लौटने लगे। अलवर से ये बस में बैठ गए। अलवर जिला के रामगढ़ कस्बा के पास अचानक से सुमैय्या को लेबर पेन होना शुरु हो गया। नौगांव आते- आते उसकी हालत चिंताजनक हो गई।
शोएब ने इसकी जानकारी के कंड़क्टर को दी। इसके बाद बस के चालक कासम बिना किसी देरी किए बस को फिरोजपुर झिरका के सिविल अस्पताल ओर चल दिया। फिरोजपुर झिरका सिविल अस्पताल में पहुंचते ही शुक्रवार की रात्रि लगभग आठ बजे सुमैय्या ने बस में ही बेटे को जन्म दिया।
इस दौरान बस में मौजूद महिलाओं ने उसकी मदद की । इसके बाद कासम खान बस को लेकर स्वास्थ्य केंद्र पहुंचा। जहां पर मां एवं उसके नवजात शिशु को भर्ती कर उनको प्राथमिक उपचार दिया गया।
जच्चा और बच्चा दोनों स्वस्थ
सिविल अस्पताल के कार्यकारी प्रवर चिकित्सा अधिकारी डा.आदित्य यादव ने बतया कि शुक्रवार देर शाम में महिला की बस में डिलीवरी हुई थी। बेहतर इलाज के लिए रात करीब एक बजे दोनों को अल आफिया अस्पताल मांड़ीखेड़ा के लिए रेफर कर दिया था। उन्होंने कहा जच्चा एवं बच्चा दोनों पूर्ण रूप से स्वस्थ हैं।
दंपति की यह पहली संतान है
बच्चे के पिता शोएब ने बताया कि यह उसकी पहली संतान है। उन्होंने बताया कि उसकी पत्नि का इलाज अलवर के अस्पताल मे चल रहा था। लोगों ने बस के चालक कासम एवं परिचालक की प्रशंसा करते हुए कहा कि प्रशासन को चाहिए कि वह तुरंत प्रभाव से बस के चालक एवं परिचालक को सम्मानित करे। क्योंकि समय रहते इन्होंने मानवता के धर्म को निभााया।
