पेयजल संकट: जलघर की मोटर 4 दिन से खराब, 6500 की आबादी पानी को तरसे
खेड़ली कलां गांव में चार दिनों से जल घर की मोटर खराब होने से 6500 ग्रामीणों को गंभीर पेयजल संकट ...और पढ़ें
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सांकेतिक तस्वीर (AI-Generated Image)
HighLights
खेड़ली कलां में चार दिन से जल घर की मोटर खराब।
6500 ग्रामीणों को पीने के पानी के लिए भटकना पड़ रहा।
जनस्वास्थ्य विभाग की लापरवाही से 'हर घर नल से जल' योजना पर सवाल।
संवाद सहयोगी, नगीना। खेड़ली कलां गांव में पेयजल संकट गहराने से ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जल घर से पानी की सप्लाई करने वाली मोटर पिछले चार दिनों से खराब पड़ी है, लेकिन शिकायतों के बावजूद जनस्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी इसे ठीक करने के लिए मौके पर नहीं पहुंचे हैं।
ऐसे में करीब 6500 की आबादी वाले गांव में पानी के लिए हाहाकार मचा हुआ है। हालात ये हैं कि ग्रामीणों को पीने के पानी का इंतजाम करने के लिए दूर-दराज के क्षेत्रों और दूसरे गांवों का रुख करना पड़ रहा है। ग्रामीण आरिफ खान, आज़म, आसीन, आशिक, तैयब सहित दर्जनों ने कहा कि जल घर की मोटर खराब होने के कारण घरों में पानी की सप्लाई ठप हो गई है।
लोगों को रोजमर्रा के काम निपटाने के साथ ही पीने के पानी की व्यवस्था करने में भी मुश्किल हो रही है। महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को सबसे अधिक परेशानी उठानी पड़ रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि समस्या को लेकर विभागीय अधिकारियों को कई बार शिकायत दी जा चुकी है, लेकिन इसके बावजूद कोई कर्मचारी मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लेने और मोटर को ठीक करने की जहमत नहीं उठा रहा है।
ग्रामीणों के अनुसार गांव में पेयजल आपूर्ति बाधित होने की समस्या कोई नई नहीं है। यहां कभी मोटर खराब हो जाती है तो कभी बिजली के तारों में खराबी आने से पानी की सप्लाई प्रभावित हो जाती है। बार-बार सामने आ रही इस समस्या का स्थायी समाधान नहीं होने से ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ रही है।
उनका कहना है कि हर बार पानी की सप्लाई बाधित होने पर उन्हें परेशानी झेलनी पड़ती है, जबकि संबंधित विभाग को व्यवस्था दुरुस्त रखने के लिए नियमित निगरानी करनी चाहिए। ग्रामीणों ने जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से मांग की है कि जल घर की खराब मोटर को जल्द ठीक करवाकर पेयजल आपूर्ति बहाल की जाए। साथ ही, बार-बार होने वाली तकनीकी खराबियों का स्थायी समाधान किया जाए, ताकि गांव की हजारों की आबादी को दोबारा इस तरह के जल संकट का सामना न करना पड़े।
घर-घर नल से जल योजना पर उठे सवाल
सरकार की महत्वाकांक्षी ''हर घर नल से जल'' योजना का उद्देश्य प्रत्येक घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाना है, लेकिन गांव के मौजूदा हालात इस व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जब जल घर की मोटर चार दिन तक खराब पड़ी रहे और शिकायतों के बाद भी समाधान न हो, तो लोगों को पानी के लिए भटकना ही पड़ेगा।
'जल्द ही ठीक करने वाले कर्मचारी को भेजकर चेक किया जाएगा। यदि जरूरत पडी तो मोटर की वैकल्पिक व्यवस्था की जाएगी।'
-महबूब खान, जेई ज़न स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग नूंह।
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