9 महीने की उम्र में पोलियो, पर नहीं मानी हार; नारनौल की बहू मोना अग्रवाल ने जापान पैरा एशियन गेम्स में जीता गोल्ड
बचपन में पोलियो से ग्रसित मोना अग्रवाल ने जापान पैरा एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया है।

मोना बढ़ाया देश का मान
HighLights
बचपन में पोलियो से ग्रसित मोना ने जीता स्वर्ण पदक।
जापान पैरा एशियन गेम्स में शूटिंग में हासिल की सफलता।
पैरा ओलंपिक कांस्य को स्वर्ण में बदला, अर्जुन अवार्ड विजेता।
बलवान शर्मा, नारनौल। जापान पैरा एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल मेडल जितने वाली जिले के गांव कालबा की रहने वाली पोलियो ग्रसित मोना अग्रवाल के संघर्ष की कहानी पैदा होते ही शुरू हो गई थी। उनको नौ महीने की उमर में ही पोलियो हो गया था।
मोना अग्रवाल ने शूटिंग में 2024 के पैरा ओलिंपिक में कास्य पदक जीता था और अपनी मेहनत की बदौलत कांस्य को अब जापान में चल रहे पैरा एशियन गेम्स में गोल्ड में बदल दिया।
पढ़ाई और करियर
अर्जुन अवार्डी मोना अग्रवा ने सिकर से एमबीए तक पढ़ाई की। उनका पीहर सिकर है। मल्टीनेशनल कंपनी में स्टेट हैड तक रही हैं। खेल में भाग्य आजमाने के साथ पढ़ाई भी नहीं छोड़ी है और 2024 में एमएसी साइक्लाजी की है। उन्होंने खेलों में आने से पहले प्राइवेट जाब के लिए घर से बाहर कदम रखा।

दो-तीन मल्टीनेशनल कंपनी में सर्विस की। इस दौरान उनको पैरा गेम्स का इंटरनेट मीडिया से पता लगा। एथलेटिक्स खेलना 2016-17 में शुरू किया। एथलेटिक्स में स्टेट चैंपियन रही। सीटिंग वालीबाल खेलना शुरू किया और फाउंडर प्लेयर बनी।
राजस्थान स्टेट टीम की कैप्टन रही। पूरे देश में घूम-घूम कर हर स्टेट सीटिंग वालीबाल की टीम बनाई। पूरे देश में सीटिंग वालीबाल का जागरूक किया। लड़कियों को जगाया। प्रोत्साहित किया। सीटिंग वालीबाल में नेशनल चैंपियन रही।
उनके पति कालबा के रहने वाले रविंद्र चौधरी भी पैरा खिलाड़ी स्टेट चैंपियन हैं। रविंद्र चौधरी ने दैनिक जागरण से विशेष बातचीत में बताया कि मोना अग्रवाल से मुलाकात खेल के मैदान पर ही हुई थी। इसके बाद घर वालों ने शादी तय कर दी। उनकी 2018 में शादी हुई। 2021 में बेटा हुआ।

शादी के बाद बदला खेल
अंतरराष्ट्रीय टीम में चयन हुआ। बच्चा होने वाला था। इसलिए खेल नहीं पाई। इसके बाद पावर लिफ्टिंग खेलना शुरू कर दिया। इसमें भी स्टेट चैंपिंयनशिप रही, नेशनल क्वालीफाई किया, लेकिन नहीं खेला और क्योंकि 2022 से शूटिंग खेलना शुरू कर दिया।
तब से लेकर अभी तक सभी अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में मेडल जीते। करीब आठ मेडल अंतरराष्ट्रीय स्तर के मेडल जीत चुकी हैं। 2024 दिल्ली वर्ल्ड कप में दो मेडल जीते, एक गोल्ड, एक सिल्वर। 2024 में पैरा आलिंपिक में कांस्य पदक जीता।
अर्जुन अवार्ड भी मिल चुका है। कालबा गांव में रविंद्र सिटिंग वालीबाल,व्हीलचेयर बास्केट बाल का राष्ट्रीय खिलाड़ी। व्हीलचेयर बास्केट बाल में राजस्थान टीम के कैप्टन रहे हैं। उनके दो बच्चे हैं। बेटा आविक पांच साल का है। बेटी आर्वी सात साल की है।
