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अपनों को खोने का दर्द, ऊपर से फाइलों का चक्कर... हरियाणा के नारनौल में 100 से अधिक हिट एंड रन पीड़ित मुआवजे को तरसे

Published: Wed, 04 Nov 2026 12:48 PM (IST)

नारनौल में 2022 से अब तक 100 से अधिक हिट एंड रन पीड़ितों को मुआवजे का इंतजार है, जिसकी प्रक्रिया लंबी और जटिल बनी हुई है।

सांकेतिक तस्वीर एआई जनरेटेड।

सांकेतिक तस्वीर एआई जनरेटेड।

HighLights

  1. नारनौल में 100 से अधिक हिट एंड रन मामले लंबित।

  2. मुआवजे की प्रक्रिया लंबी, पीड़ितों को इंतजार।

  3. प्रशासनिक खामियों से राहत मिलने में देरी।

जागरण संवाददाता, नारनौल। नारनौल जिले में 2022 के बाद हिट एंड रन की 100 से अधिक घटनाएं हो चुकी हैं। इन घटनाओं के पीड़ितों में जिले के अलावा राजस्थान, उतरप्रदेश और मध्यप्रदेश के रहने वाले हैं।

जांच की लंबी प्रक्रिया, वास्तविक हकदारों की पहचान और उनको पीएम राहत और कैशलेस योजना के तहत उपचार का खर्च मुहैया करवाने की प्रक्रिया लंबी होने की वजह से राहत का इंतजार चल रहा है। इस योजना के तहत पीड़ितों के उपचार का खर्च सरकार को उठाना होता है।

जिले में 2022-23 के दौरान हुी 19 मामलों की जांच अभी तक अधर में लटकी है, वहीं अभी तक करीब 100 घटनाएं हो चुकी हैं और उनको भी राहत राशि जारी नहीं हो पाई है। अक्टूबर में हुई पांच घटनाओं में से तीन को ही मंजूरी मिल पाई, उन पर भी आपत्ति लग चुकी है।

समीक्षा में हुए क्या खुलासे?

हाल ही में आयोजित की गई सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में जिला प्रशासन द्वारा आज सड़क दुर्घटना पीड़ितों को राहत देने वाली सरकारी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। बैठक में पीएम राहत और कैशलेस योजना , और 'हिट एंड रन' मोटर दुर्घटना पीड़ितों को मुआवजा योजना, 2022 पर चर्चा हुई।

बैठक में सिविल सर्जन द्वारा पीएम राहत योजना की प्रगति के बारे में जानकारी दी गई। बताया गया कि एक अक्टूबर 2026 से 14 अक्टूबर 2026 के बीच सड़क दुर्घटना के कुल पांच मामले सामने आए। इनमें से तीन मामलों को मंजूरी दी गई। सूत्रों ने बताया कि इन पर भी आपत्ति लग गई है।

यहां एक तथ्य यह भी सामने आया है कि हिट एंड रन के सभी मामलों का नोडल अधिकारी 2022 से ही नारनौल एसडीएम को बनाया हुआ था, जो कि तकनीकी रूप से ठीक नहीं था। इस वजह से एसडीएम नारनौल के पास जिले भर में हुई हिट एंड रन की घटनाओं के करीब 100 मामलों की फाइल अभी तक पहुंच गई।

संबंधित एसडीएम को भेजी गई फाइल

अब एसडीएम ने इस विसंगति को दूर करते हुए जिले के संबंधित एसडीएम को उनके एरिया की फाइलें भेज दी हैं, ताकि असली हकदार को ही इस योजना का लाभ मिल सके और किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या असली की बजाए गलत व्यक्ति के हाथ में यह राशि न पहुंच पाए।

2022 के दौरान के 19 मामलों को लेकर हाल ही में संपन्न हुई सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में विचार-विमर्श के बाद, उपायुक्त ने पुनः जांच करने के आदेश दिए थे। रिपोर्ट के अनुसार, तीन सितंबर 2026, 24 सितंबर और 13 अक्टूबर को पत्र भेजकर उप-मंडल अधिकारी नारनौल कार्यालय को इन मामलों में आवश्यक कार्रवाई करने का अनुरोध किया गया था, लेकिन अभी तक कोई रिपोर्ट प्राप्त नहीं हुई है।

हिट एंड रन के मामलों में असली हकदार या वारिसियान को ही लाभ उपलब्ध करवाना सुनिश्चित करना होता है। इसके लिए बाकायदा प्रक्रिया बनी हुई है। जांच के लिए नोडल अधिकारी संबंधित एसडीएम होते हैं। यह मेरी जानकारी में नहीं है कि नारनौल एसडीएम को जिले भर के हादसों के लिए नोडल अधिकारी कैसे बनाया गया। फिलहाल हमने सभी उपमंडल अधिकारियों को संबंधित फाइलें भेज दी है। नारनौल से संबंधित मामलों की जांच कर रिपोर्ट आरटीए कार्यालय में जल्द मुहैया करवाई जाएगी।
-गुरुविंद्र सिंह, एसडीएम नारनौल

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