विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

महेंद्रगढ़ पुलिस पर अवैध हिरासत में टॉर्चर का आरोप, कोर्ट ने थाना प्रभारी समेत 3 के खिलाफ FIR के दिए आदेश

Published: Fri, 18 Sep 2026 07:59 PM (IST)

महेंद्रगढ़ में न्यायाधीश विक्रांत ने शहर थाना प्रभारी, सीआईए इंचार्ज उज्वल और एएसआई जयकिशन सहित अन्य के खिलाफ मामला दर्ज ...और पढ़ें

एआई जेनेरेटेड इमेज।

एआई जेनेरेटेड इमेज।

HighLights

  1. न्यायाधीश विक्रांत ने महेंद्रगढ़ पुलिस अधिकारियों पर मामला दर्ज करने का आदेश दिया।

  2. आशा ने अपने पति दीपक को अवैध हिरासत में टार्चर का आरोप लगाया।

  3. पुलिस पर सीसीटीवी फुटेज न देने और मानवाधिकार उल्लंघन का आरोप।

संवाद सहयोगी, महेंद्रगढ़। गांव सिगड़ा की रहने वाली आशा की शिकायत पर न्यायाधीश विक्रांत ने शहर थाना महेंद्रगढ़ प्रभारी सीआइए इंचार्ज उज्वल, एएसआई जयकिशन व अन्य के विरुद्ध मामला दर्ज करने के आदेश दिए हैं।

गुरुवार रात को शहर थाना प्रभारी, सीआइए के सब इंस्पेक्टर, व एक एएसआई पर व्यक्ति के साथ अवैध हिरासत में लेकर टार्चर के आरोप लगाए गए हैं। इस मामले की शिकायत शुक्रवार को एसडीजेएम विक्रांत की अदालत में की गई। इस पर न्यायाधीश ने तुरंत आरोपितों के विरुद्द मामला दर्ज करने के आदेश दिए हैं।

गांव सिगड़ा की रहने वाली आशा ने आरोप लगाए हैं कि आरोपितों ने उसके पति दीपक को गुरुवार रात सीआईए में ले जाकर टार्चर किया था।

सीसीटीवी फुटेज के साथ उपस्थित होने के निर्देश

न्यायाधीश ने अपने आदेश में लिखा है कि शुक्रवार सुबह करीब साढ़े दस बजे उन्हें शिकायत प्राप्त हुई। इस पर शहर थाना महेंद्रगढ़ के प्रभारी जयकिशन को नोटिस भेजकर सीसीटीवी फुटेज के साथ दो घंटे में उपस्थित होने के निर्देश दिए गए।

थाना प्रभारी दीपक केस से संबंधित शिकायत की प्रकृति के तथ्य प्रस्तुत नहीं कर पाए। इसके बाद थाना प्रभारी ने बताया कि गुरुवार रात हरीश और रोहित ने थाने में बुलाया गया था। रोहित को 11:45 पर छोड़ दिया गया। दीपक को पुलिस ने डिटेन स्वयं किया।

दीपक को गिरफ्तार करने की ग्राउंड थाना प्रभारी के पास नहीं था। उसे बीएनएस की धारा 126,170 के तहत गिरफ्तार किया गया, लेकिन बतौर एरिया मजिस्ट्रेट एसडीएम या एसडीजेएम को सूचना नहीं दी गई। करीब साढ़े तीन बजे एएसआई जयकिशन न्यायालय में पेश हुए और उन्होंने गिरफ्तारी रिपोर्ट पेश की।

बताया कि थाने में सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं पर एक साल से कार्य नहीं कर रहे हैं। सीआइए स्टाफ उज्जवल ने पीड़ित के कपड़े फाड़ दिए और उसकी पिटाई की। शाम साढ़े चार बजे पीएसआई उज्जवल न्यायालय में पेश हुए और उन्होंने दीपक के साथ मारपीट के आरोपों को निराधार बताया।

न्यायाधीश ने स्पष्ट किया कि संविधान के आर्टिकिल 22(1) के अनुसार किसी भी व्यक्ति को बगैर पूर्व सूचना के डिटेन या गिरफ्तार नहीं किया जा सकता है। व्यक्तिगत स्वतंत्रता के अधिकार आर्टिकल 21 का भी उल्लंघन किया गया है।

आरोपी पुलिस वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के आदेश

बीएनएसएस की धारा 50 के तहत हर पुलिस अधिकारी बगैर किसी सूचना या वारंट के किसी भी व्यक्ति को गिरफ्तार नहीं कर सकता है। न्यायाधीश ने आरोपित पुलिस अधिकारियों के विरुद्ध मामला दर्ज करने के आदेश दिए हैं।

इस बारे में पुलिस अधीक्षक दीपक कुमार ने कहा कि इस मामले में अपील की जाएगी। थाने में टार्चर के आरोप गलत हैं।

यह भी पढ़ें- बोकारो में बड़े पैमाने पर पुलिस अधिकारियों का तबादला, 24 अफसरों का हुआ ट्रांसफर; कई थाना प्रभारी बदले

यह भी पढ़ें- उत्तराखंड में 12 PPS अधिकारियों का तबादला, किसे मिली कौन सी जिम्मेदारी?