शर्मनाक! नेत्रहीन बुजुर्ग महिला को कंधा देने तक नहीं आए बेटे, दाह संस्कार के लिए स्कूटी से ले जाया गया शव
करनाल के सेक्टर-32 में करीब 100 वर्षीय नेत्रहीन बुजुर्ग महिला का निधन हो गया, जिसे मौत के बाद भी अपनों का सहारा नहीं मिला।

नेत्रहीन बुजुर्ग महिला की मौत, नहीं मिला अपनों का सहारा।
HighLights
नेत्रहीन बुजुर्ग महिला का करनाल में निधन
अपनों ने नहीं दिया अंतिम संस्कार में सहारा
'अपना आशियाना' टीम ने किया अंतिम संस्कार
जागरण संवाददाता, करनाल। उम्र करीब 100 साल... आंखों की रोशनी जा चुकी थी और जिंदगी का सहारा भी लगभग छिन चुका था। सेक्टर-32 के समीप झुग्गी-झोपड़ी में अकेली रह रही नेत्रहीन बुजुर्ग महिला ने आखिरकार दुनिया को अलविदा कह दिया।
मौत के बाद भी उसे अपनों का कंधा नसीब नहीं हुआ। अपना आशियाना की टीम स्कूटी पर उसका शव लेकर कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज के शवगृह पहुंची। अपना आशियाना टीम का कहना था कि उन्होंने एंबुलेंस को कॉल नहीं किया।
अपना आशियाना से राजकुमार ने बताया कि यह महिला सेक्टर 32 स्थित झुग्गी झोपड़ी में रहती थी। वह नेत्रहीन थी। उसके दो बच्चे हैं। इनमें एक दिल्ली रहता है और एक बिहार में रहता है।
वह लंबे समय से अपनी मां के पास नहीं आए हैं। आस पास के व्यक्ति ही उसे भोजन कराते थे। वहां के प्रधान ने उन्हें इसकी सूचना दी थी। अब वही बुजुर्ग महिला का संस्कार कराएंगे।
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