हरियाणा पुलिस में रिश्वत का 'रेट कार्ड': 11 साल में 223 ASI समेत 673 पुलिसकर्मी रिश्वत लेते पकड़े गए रंगे हाथ
हरियाणा पुलिस में पिछले 11 सालों में रिश्वतखोरी के 574 मामलों में 673 पुलिसकर्मी पकड़े गए हैं, जिसमें ASI, हेड ...और पढ़ें
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574 केसों में रंगे हाथ पकड़े गए 673 पुलिसकर्मी।
HighLights
11 साल में 673 पुलिसकर्मी रिश्वत लेते पकड़े गए
रिश्वत लेने के 30 से अधिक तरीके सामने आए
गुरुग्राम पुलिस पर सबसे अधिक भ्रष्टाचार के दाग
सोमदत्त शर्मा, करनाल। हरियाणा में खाकी के पास रिश्वत लेने के लिए तरकीबों की कमी नहीं है। केस दर्ज करने से लेकर, रद्द करने और समझौता कराने तक के लिए रिश्वत ली जाती है। इनके साथ ही आरोपित से मारपीट नहीं करने, केस में राहत देने के साथ-साथ जांच में फेरबदल करने समेत 30 तरीके हैं।
यह खुलासा 11 वर्षों में भ्रष्टाचार के 574 मामलों में पकड़े गए 673 अधिकारी और कर्मचारियों के केसों की पड़ताल में हुआ है। ये न केवल पुलिस, बल्कि जेल विभाग और गृह रक्षी एवं नागरिक सुरक्षा विभाग में भ्रष्टाचार के तरीकों की कमी नहीं है।
हालांकि, तीनों विभाग में अलग-अलग सेवाओं और तरीकों से भ्रष्टाचार चल रहा है। हर सेवा के लिए रिश्वत के रेट भी अलग-अलग हैं। हरियाणा में खाकी के भीतर व्याप्त भ्रष्टाचार की यह स्थिति चिंताजनक है।
सबसे अधिक जांच अधिकारी नपे
तमाम केसों की पड़ताल में यह भी सामने आया कि 11 साल में मात्र एक आइपीएस और एक ही एचपीएस भ्रष्टाचार के मामलों में फंसे हैं। सबसे अधिक पकड़े गए आरोपित जांच अधिकारी हैं, जो जांच को किसी भी एंगल पर घुमा सकते हैं।
पुलिस विभाग में हैड कांस्टेबल को मामले की जांच का अधिकार होता है। भ्रष्टाचार के मामलों में सबसे अधिक 223 एएसआइ (सहायक उप निरीक्षक) पकड़े गए हैं।
इनके बाद मुख्य सिपाही 181, एसआइ (उप निरीक्षक) 169, सिपाही 58 और 39 इंस्पेक्टर, 223 एएसआइ, 181 हेड कांस्टेबल और 169 एसआइ शामिल हैं।
गुरुग्राम पुलिस पर सबसे अधिक भ्रष्टाचार के दाग
11 साल में गुरुग्राम पुलिस पर सबसे अधिक भ्रष्टाचार के दाग लगे हैं। यहां पर कुल 64 पुलिस अधिकारी और कर्मचारी रिश्वत लेते पकड़े जा चुके हैं। इसके बाद फरीदाबाद में 46, अंबाला 42, सोनीपत 40, नूंह 31, करनाल 28, पानीपत 28, पलवल 25 , कैथल 24, हिसार व कुरुक्षेत्र में 23- 23, यमुनानगर 21, झज्जर 20, जींद-फतेहाबाद 18-18, भिवानी, सिरसा, पंचकूला 16-16, नारनौल, रेवाड़ी व रोहतक में 14-14, हांसी 10, दादरी 8, डबवाली 6, रेलवे 7, दूरसंचार विभाग 1, द्वितीय वाहिनी 2 अपराध शाखा 1 कर्मी शामिल है।
हथीन पुलिस चौकी इंचार्ज एसआइ राजेश कुमार को तीन हजार रुपये लेते एसीबी ने काबू किया। आरोप है कि उसने शिकायतकर्ता पर शराब पीने का केस दर्ज नहीं करने की एवेज में 10 हजार की रिश्वत मांगी थी।
एसीबी ने उसे रंगेहाथ काबू किया। इसी प्रकार, पलवल में एएसआइ होशियार सिंह को 2023 के एक हनीट्रैप मामले में समझौता कराने के एवज में दो लाख की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया था।
रोहतक में सुनारिया जेल में बंद कैदियों को प्रताड़ित न करने की एवज में एक लाख की रिश्वत मांगने के मामले में एसीबी ने सहायक अधीक्षक जेल जोगिंदर और एक चाय वाले को गिरफ्तार किया था।
हाल ही में सांपला (रोहतक) के एक डबल मर्डर केस में आरोपित को जेल में कम पीटने और केस से छुड़ाने के नाम पर 50 हजार की रिश्वत मांगने के आरोप में एएसआइ दीनबंधु को एसीबी ने 10 हजार की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया।
सप्ताह पहले ही नूंह जिले के होमगार्ड अनीश को चार हजार की रिश्वत लेते गिरफ्तार गया। आरोपित ने विभाग के ही साथी होमगार्ड की पोस्टिंग पलवल से नूंह करवाने के नाम पर सात हजार की रिश्वत मांगी थी। तीन हजार वह पहले ले चुका था, बाकी की राशि मांग रहा था। इस मामले में नूंह सेंटर कमांडर विक्रम की भूमिका भी संदिग्ध मिली है।
