सालभर की योजना, 5 घंटे का इंतजार और 14 राउंड फायरिंग; हिसार कोर्ट के बाहर गैंगस्टर विनोद काणा की हत्या की पूरी कहानी
गैंगस्टर विनोद पानू उर्फ काणा की हत्या की साजिश एक साल से रची जा रही थी, जिसमें आरोपितों ने हिसार ...और पढ़ें
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हिसार कोर्ट के बाहर रची गैंगस्टर विनोद काणा की हत्या की साजिश (फाइल फोटो)
HighLights
विनोद काणा की हत्या की साजिश एक साल से रची जा रही थी
आरोपितों ने हिसार कोर्ट में 5 घंटे 40 मिनट इंतजार किया
पुरानी रंजिश और गैंगवार हत्या का मुख्य कारण
जागरण टीम, हिसार। हांसी के थुराना निवासी गैंग्सटर विनोद पानू उर्फ काणा की हत्या की साजिश पिछले करीब एक साल से रची जा रही थी। पुलिस पूछताछ में पकड़े गए आरोपित राकेश ने कई अहम बातें उजागर की है।
आरोपित राकेश के अनुसार अजीत गैंग से जुड़े वह और फरार आरोपित अजय वारदात वाले दिन सुबह करीब नौ बजे ही डीलक्स बाइक से हिसार कोर्ट परिसर पहुंच गए थे। दोनों विनोद पानू और उसके साथियों के कोर्ट पहुंचने का इंतजार कर रहे थे।
पुलिस पूछताछ के अनुसार विनोद पानू के कोर्ट परिसर में पहुंचते ही दोनों सतर्क हो गए। इसके बाद उन्होंने पार्किंग के आसपास मौका तलाशना शुरू किया। आरोपितों ने पांच घंटे 40 मिनट बाद दोपहर करीब 2:40 बजे मौका मिलते ही विनोद पानू पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी गई।
वारदात के बाद फरार हुआ अजय
वारदात के बाद अजय मौके से फरार हो गया, जबकि राकेश को विनोद के साथी रविंद्र ने पकड़ लिया था। हालांकि रविंद्र को जांघ में गोली भी लगी थी, लेकिन उसने राकेश को दबोचे रखा, बाद में पुलिसकर्मियों ने आरोपित को गिरफ्तार कर लिया।
रविंद्र को निजी अस्पताल में आइसीयू में भर्ती करवाया गया है। पुलिस जांच में पुरानी रंजिश ही सामने आई है। बताया जा रहा है कि वर्ष 2008-09 में बिट्टू और विनोद पानू आपस में दोस्त थे।
विनोद पानू ने की थी मारपीट
चारों गांव के खेल मैदान में कुश्ती करते थे और प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेते थे। कुश्ती में एक-दूसरे से आगे निकलने की होड़ के चलते इनके बीच व्यक्तिगत खींचतान शुरू हुई, जो बाद में विवाद में बदल गई। आरोप है कि इसी दौरान विनोद पानू के साथ मारपीट की गई और अजीत गैंग से जुड़े लोगों ने उसकी एक आंख पर हमला किया था। इसके बाद उसे काणा के नाम से जाना जाने लगा।
बाद में अजीत और विनोद पानू के अलग-अलग गैंग बन गए और दोनों गुटों के बीच दुश्मनी बढ़ती चली गई। राजा मास्टर और बिट्टू की गोली मारकर हत्या के मामले में भी विनोद पानू पर आरोप लगे थे। इसके बाद से वह अजीत गैंग से जुड़े लोगों के निशाने पर था।
थुराना गांव में किया अंतिम संस्कार
मृतक विनोद पानू उर्फ काणा का शुक्रवार शाम गांव थुराना में भारी सुरक्षा के बीच विनोद पानू का अंतिम संस्कार किया गया। पुलिस अब राकेश से रिमांड के दौरान वारदात की पूरी साजिश, फरार अजय की भूमिका और अन्य संभावित आरोपितों के बारे में जानकारी जुटा रही है।
पुलिस ने पिस्तौल, दो मैगजीन और बाइक किए बरामद
पुलिस ने पकड़े गए आरोपित राकेश का भारी सुरक्षा के बीच नागरिक अस्पताल में मेडिकल करवाया। इसके बाद उसे अदालत में पेश किया गया, जहां से तीन दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। करीब 30 वर्षीय खरड़ गांव के राकेश ने बताया कि वह अजय से रोहतक के एक केस में पेशी के दौरान किसी अन्य साथी के जरिए मिला था। इस बीच उसने दिल्ली में कैब भी चलाई थी।
पुलिस के अनुसार राकेश की निशानदेही पर एक सामान्य पिस्तौल और दो मैगजीन बरामद की गई हैं। वारदात में इस्तेमाल डीलक्स बाइक भी पुलिस ने बरामद कर ली है।
पूछताछ में राकेश ने बताया कि बाइक और हथियार फरार आरोपित अजय लेकर आया था। बाइक समालखा में अजय के किसी रिश्तेदार की बताई जा रही है। पुलिस अब अजय की तलाश के साथ हथियार और वारदात से जुड़े अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है।
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