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आर-पार हुईं 10 गोलियां, 2 शरीर में धंसी और 15 जख्म... हिसार कोर्ट के बाहर मारे गए विनोद काणा की पोस्टमार्टम रिपोर्ट

Published: Sat, 22 Aug 2026 09:48 AM (IST)

हिसार कोर्ट परिसर में मारे गए गैंगस्टर विनोद पानू उर्फ काणा का पोस्टमार्टम सात घंटे चला, जिसमें शरीर पर 12 गोलियों के निशान और 15 से अधिक जख्म मिले।

विनोद काणा उर्फ पानू (फाइल फोटो)

विनोद काणा उर्फ पानू (फाइल फोटो)

HighLights

  1. विनोद काणा के शरीर पर 12 गोलियों के निशान मिले।

  2. पोस्टमार्टम में 15 से अधिक गंभीर जख्मों की पुष्टि हुई।

  3. सात घंटे चला पोस्टमार्टम, दो गोलियां शरीर से निकलीं।

जागरण संवाददाता, हिसार। हिसार कोर्ट परिसर में वीरवार को ताबड़तोड़ गोलीबारी में मारे गए कुख्यात गैंग्सटर हांसी के गांव थुराना निवासी विनोद पानू उर्फ काणा का शुक्रवार को अग्रोहा मेडिकल कालेज में पोस्टमार्टम किया गया।

फोरेंसिक एक्सपर्ट की देखरेख में मेडिकल बोर्ड ने करीब सात घंटे तक पोस्टमार्टम किया। कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद शाम सवा पांच बजे शव भारी पुलिस सुरक्षा के बीच स्वजन को सौंप दिया गया।

पोस्टमार्टम में विनोद काणा के शरीर पर कुल 12 गोलियों के निशान मिले हैं। विनोद काणा के शरीर के अंदर दो गोलियां मिलीं। एक गोली सिर व दूसरी दाहिनी बाजू से निकाली गई। 10 गोलियां आरपार निकल गई थी, इनमें से छह छाती को चीर गई थीं जिससे शरीर के सभी अंदरूनी हिस्से डैमेज हो गए थे।

15 से ज्यादा इंजरी शरीर में मिली

अन्य गोलियां कंधे, पेट, पांव के पास लगी थी। 15 से ज्यादा इंजरी शरीर पर मिली है। पोस्टमार्टम के बाद शुक्रवार शाम को थुराना में विनोद काणा का अंतिम संस्कार किया गया। गौरतलब है कि वीरवार को हिसार कोर्ट परिसर में पेशी पर आए विनोद पानू उर्फ काणा की बाइक पर आए दो हमलावरों ने ताबड़तोड़ गोलियां मारकर हत्या कर दी थी।

हत्यारों ने पहले की थी रेकी

पहलवान विनोद उर्फ पानू व अजीत पहलवान पहले दोस्त थे, लेकिन बाद में वर्चस्व को लेकर झगड़ा हुआ, जिसके बाद दोनों ने अपने-अपने गुट बना लिए। इसके बाद दोनों गैंग के बीच एक के बाद एक वारदातें हुईं। करीब एक साल से अजीत पहलवान गैंग के गुर्गे विनोद उर्फ पानू की हत्या के प्रयास में थे। वीरवार सुबह नौ बजे से ही हत्यारे कोर्ट परिसर में रेकी कर रहे थे।

हिमांशु सोनीपत ने ली जिम्मेदारी, पुलिस बोली-फर्जी अकाउंट से हुई पोस्ट

गैंगस्टर पानू की हत्या के मामले में इंटरनेट मीडिया पर हिमांशु सोनीपत की पोस्ट सामने आई। जिसमें उसने जिम्मेदारी लेने का दावा किया। हालांकि पुलिस ने इसकी पुष्टि नहीं की है। एसपी सिद्धांत जैन ने प्रेस वार्ता कर बताया कि इस मामले में जांच की गई है, जिस अकाउंट से पोस्ट डाली गई वह फर्जी निकला है।

आरोपित राकेश ने बताया सहयोगी अजय का ठिकाना, सीसीटीवी में एचएयू गेट तक दिखा

वारदात के बाद पकड़े गए आरोपित राकेश से पुलिस पूछताछ कर रही है। राकेश ने अपने फरार साथी का नाम गढ़ी निवासी अजय बताया है। साथ ही थुराना के ही अजीत गैंग से जुड़े होने की बात कही है। उसने बताया कि इसी रंजिश में विनोद पानू की हत्या की गई है। पुलिस के अनुसार राकेश और अजय के खिलाफ डकैती, हत्या और लूट जैसी संगीन धाराओं में करीब 7 से 8 मामले दर्ज हैं।

राकेश ने बताया कि वर्ष 2016 में उसकी हिसार सेंट्रल जेल में अजय से मुलाकात हुई थी। इसके बाद वह अजीत गैंग से जुड़ गया था। राकेश जेल से बाहर आने पर दिल्ली में कैब भी चलाता था। पुलिस ने अजय की तलाश में सीसीटीवी फुटेज खंगाली है।

फुटेज में अजय एचएयू के चार नंबर गेट तक जाते हुए दिखाई दिया है। इसके आधार पर पुलिस उसके आगे जाने वाले रास्ते और संभावित ठिकानों की जानकारी जुटा रही है। पुलिस मामले में फरार आरोपित की तलाश के साथ वारदात में इस्तेमाल हथियार और हत्या के पीछे के कारणों की भी जांच कर रही है।

 

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