गुरुग्राम में मकानों की सीलिंग और तोड़फोड़ पर सुप्रीम कोर्ट की रोक, 160 से अधिक मकान हो चुके हैं सील; क्या हाेगा आगे?
सुप्रीम कोर्ट ने गुरुग्राम की लाइसेंस प्राप्त कॉलोनियों में अवैध निर्माण और व्यावसायिक गतिविधियों के खिलाफ चल रही तोड़फोड़ और ...और पढ़ें

लाइसेंस प्राप्त कॉलोनियों में अवैध निर्माण और व्यावसायिक गतिविधियों के विरुद्ध चल रही तोड़फोड़ और सीलिंग की कार्रवाई पर रोक लग गई है। एआई इमेज
HighLights
सुप्रीम कोर्ट ने गुरुग्राम में सीलिंग पर दो सप्ताह की रोक लगाई।
अवैध निर्माण और व्यावसायिक गतिविधियों के खिलाफ कार्रवाई रुकी।
मामले की अगली सुनवाई 3 नवंबर 2026 को होगी।
गौरव सिंगला, नया गुरुग्राम। लाइसेंस प्राप्त कॉलोनियों में अवैध निर्माण और व्यावसायिक गतिविधियों के विरुद्ध चल रही तोड़फोड़ और सीलिंग की कार्रवाई के बीच सुप्रीम कोर्ट ने गौरव कोहली बनाम हरियाणा सरकार मामले में दो सप्ताह तक कार्रवाई रोकने के निर्देश दिए हैं। मामले की अगली सुनवाई 3 नवंबर 2026 को होगी।
160 से अधिक मकान हो चुके हैं सील
टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग के जिला नगर योजनाकार इंफोर्समेंट (डीटीपीई) अमित मधोलिया की अगुवाई में गुरुग्राम की लाइसेंस प्राप्त कॉलोनियों में अवैध निर्माण और नियमों के उल्लंघन के विरुद्ध लगातार कार्रवाई की जा रही है। अब तक व्यावसायिक गतिविधियां संचालित करने वाले लगभग 160 से अधिक मकानों को सील किया जा चुका है।
क्यों की जा रही गुरुग्राम में सीलिंग?
विभाग की टीम डीएलएफ फेज-3, डीएलएफ फेज-4, सुशांत लोक-1 और साउथ सिटी-1 समेत कई क्षेत्रों में तोड़फोड़ की कार्रवाई भी कर चुकी है। इन कॉलोनियों में आवासीय मकानों में व्यावसायिक गतिविधियां संचालित करने और निर्माण नियमों के उल्लंघन के मामलों में विभाग की ओर से कार्रवाई की जा रही है।
हाईकोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती
सुप्रीम कोर्ट में गौरव कोहली बनाम हरियाणा सरकार मामले की सुनवाई के दौरान लाइसेंस कॉलोनियों में कार्रवाई से जुड़े मुद्दे पर विचार किया गया। मामला एसएलपी (सी) नंबर 035321/2026 से संबंधित है। इसमें पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी गई है, जो टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग के अधिकार क्षेत्र से जुड़ा है।
कब होगी गुरुग्राम सीलिंग की अगली सुनवाई?
अदालत ने दो सप्ताह तक तोड़फोड़ और सीलिंग की कार्रवाई रोकने के निर्देश दिए हैं। साथ ही कहा है कि अगली सुनवाई पर मामले की सुनवाई कर एसएलपी का निपटारा किया जाएगा। अब 3 नवंबर को होने वाली सुनवाई पर नजर रहेगी।
आदेश के दायरे पर रहेगी नजर
सुप्रीम कोर्ट के आदेश का गुरुग्राम की लाइसेंस प्राप्त कॉलोनियों में चल रही प्रवर्तन कार्रवाई पर क्या प्रभाव पड़ेगा, यह आदेश के सटीक दायरे और संबंधित विभागों को मिलने वाले निर्देशों पर निर्भर करेगा।
