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सोहना डंपिंग यार्ड पर राजनीतिक तकरार, पार्षदों ने घेरी चेयरपर्सन और अधिकारियों की भूमिका

Published: Thu, 29 Oct 2026 03:45 PM (IST)

सोहना में गुरुग्राम के कूड़े के लिए प्रस्तावित डंपिंग यार्ड को लेकर राजनीतिक घमासान तेज हो गया है। पार्षदों ने ...और पढ़ें

सोहना डंपिंग यार्ड पर राजनीतिक तकरार ( एआई जेनरेटेड इमेज )

सोहना डंपिंग यार्ड पर राजनीतिक तकरार ( एआई जेनरेटेड इमेज )

HighLights

  1. सोहना डंपिंग यार्ड पर राजनीतिक विवाद गहराया।

  2. पार्षदों ने अधिकारियों, चेयरपर्सन की भूमिका पर सवाल उठाए।

  3. जनप्रतिनिधियों को अंधेरे में रखने का आरोप लगा।

जागरण संवाददाता, सोहना। गुरुग्राम का कूड़ा सोहना में डालने के लिए प्रस्तावित डंपिंग यार्ड का मामला अब राजनीतिक तकरार में बदलता जा रहा है। महापंचायत में विरोध के बाद नगर परिषद के जनप्रतिनिधियों और चेयरपर्सन प्रतिनिधि आमने-सामने आ गए हैं।

पार्षद मोगली एडवोकेट ने डंपिंग यार्ड की योजना को लेकर अधिकारियों की भूमिका पर सवाल उठाने के साथ चेयरपर्सन प्रीति बागड़ी के पिता और ग्रीवेंस कमेटी के सदस्य राजेंद्र बागड़ी से भी जवाब मांगा है।

वहीं, राजेंद्र बागड़ी ने आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि उन्हें इस योजना की जानकारी नहीं थी और जनता का हित उनके लिए सर्वोपरि है।

क्यों नहीं बुलाई गई बैठक

पार्षद मोगली एडवोकेट ने सवाल उठाया है कि जब डंपिंग यार्ड की योजना कई महीनों से चल रही थी, तो इसकी जानकारी जनप्रतिनिधियों को समय रहते क्यों नहीं दी गई? पार्षदों की ओर से बार-बार बैठक बुलाने की मांग के बावजूद बैठक क्यों नहीं बुलाई गई?

उन्होंने कहा कि योजना रातोंरात तैयार नहीं हुई होगी, इसलिए अधिकारियों के साथ चेयरपर्सन की जवाबदेही भी तय होनी चाहिए। लोगों को अंधेरे में रखने के मामले में संबंधित अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को जवाब देना चाहिए। पार्षद के आरोपों पर राजेंद्र बागड़ी ने कहा कि उन्हें डंपिंग यार्ड के निर्माण और योजना के बारे में कोई जानकारी नहीं थी।

उन्होंने कहा कि वह जनता की सेवा के लिए खड़े हैं और उनके लिए किसी पद से ज्यादा क्षेत्र के लोगों का हित महत्वपूर्ण है। जनता के हित में जरूरत पड़ी तो वह पद छोड़ने से भी पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों के बीच जनहित को प्राथमिकता देने की बात कही।

बढ़ सकता है बीमारियों का खतरा

विरोध करने वालों का कहना है कि प्रस्तावित स्थल के आसपास रिहायशी क्षेत्र बसा हुआ है। इसके नजदीक दो कालोनियां, दो स्कूल, एक धार्मिक स्थल और एक कालेज स्थित हैं। ऐसे में यहां बड़े पैमाने पर कूड़ा डाले जाने से दुर्गंध, प्रदूषण और बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। ऐसे में डंपिंग यार्ड बनाना उचित नहीं है।

गुरुग्राम में कूड़ा निस्तारण के लिए चार जोन बनाए गए हैं। सोहना में प्रस्तावित डंपिंग यार्ड को लेकर क्षेत्र के लोगों की चिंताओं को मुख्यमंत्री के समक्ष रखने और कमेटी के साथ मिलकर समाधान तलाशने का भरोसा दिया है।-- तेजपाल तंवर, विधायक

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