गुरुग्राम में रिहायशी इलाकों में कमर्शियल का खेल खत्म, SC की सख्ती से हड़कंप, गुरुग्राम में 98 PG और गेस्ट हाउस सील
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद गुरुग्राम में रिहायशी इलाकों में चल रही कमर्शियल गतिविधियों पर कार्रवाई तेज होगी। डीटीपी ...और पढ़ें

गुरुग्राम में रिहाइशी इलाकों में कमर्शिाल गतिविध पर होगी कार्रवाई। फोटो: एआई जनरेटेड
HighLights
सुप्रीम कोर्ट ने रिहायशी क्षेत्रों में कमर्शियल गतिविधि पर रोक लगाई
गुरुग्राम में 150 इमारतें सील, पीजी और गेस्ट हाउस शामिल
अवैध निर्माण और भू-उपयोग उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी
गौरव सिंगला, नया गुरुग्राम। रिहायशी क्षेत्रों में नियमों के विपरीत चल रही कमर्शियल गतिविधियों पर अब कार्रवाई और तेज होगी। सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट कर दिया है कि जिन क्षेत्रों का भू-उपयोग केवल रिहायशी है, वहां कमर्शियल गतिविधियां नहीं चल सकतीं।
रिहायशी क्षेत्रों में पहले सीलिंग होगी
ऐसे मामलों में सबसे पहले संबंधित परिसर को सील करने की कार्रवाई की जानी चाहिए। सुप्रीम कोर्ट के इस निर्देश के बाद गुरुग्राम में रिहायशी संपत्तियों में चल रहे पीजी, गेस्ट हाउस, होटल और अन्य कमर्शियल गतिविधियों पर कार्रवाई को और मजबूती मिलेगी।
सुप्रीम कोर्ट ने यह महत्वपूर्ण निर्देश 22 सितंबर को लोगनाथन बनाम तमिलनाडु राज्य मामले की सुनवाई के दौरान दिए। इस मामले में हरियाणा सरकार और गुरुग्राम के विभिन्न विभाग पक्षकार बने हुए हैं।
कोर्ट ने कहा कि किसी भी संपत्ति पर कार्रवाई का आधार उसका स्वीकृत भू-उपयोग और सक्षम प्राधिकरण से मिली अनुमति होनी चाहिए।
यदि किसी क्षेत्र को विशेष रूप से रिहायशी उपयोग के लिए निर्धारित किया गया है और वहां केवल रिहायशी गतिविधि की अनुमति है, तो वहां कमर्शियल गतिविधि पाए जाने पर परिसर को पहले सील किया जाए।
दो माह में 150 इमारतें सील
गुरुग्राम में टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग के डीटीपी एन्फोर्समेंट अमित मधोलिया की ओर से रिहायशी क्षेत्रों में नियमों के उल्लंघन के विरुद्ध अभियान चलाया जा रहा है। पिछले करीब दो माह में विभाग की ओर से 150 इमारतों को सील किया जा चुका है।
98 पीजी, गेस्ट हाउस और होटल
ये कार्रवाई मुख्य रूप से डीएलएफ फेज-3, डीएलएफ फेज-4, सुशांत लोक-1 और साउथ सिटी-1 में की गई है। सील की गई 150 इमारतों में 98 पीजी, गेस्ट हाउस और होटल शामिल हैं।
वहीं 52 मकानों में अन्य प्रकार की कमर्शियल गतिविधियां संचालित पाई गई थीं। अभी यह कार्रवाई डीएलएफ समेत 32 लाइसेंस कालोनियों में जारी रहेगी।
कमर्शियल गतिविधि को नहीं मिलेगी छूट
सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि यदि मास्टर प्लान या स्वीकृत योजना के अनुसार किसी क्षेत्र का उपयोग केवल रिहायशी है तो वहां कमर्शियल गतिविधि की अनुमति नहीं दी जा सकती।
ऐसी स्थिति में कार्रवाई करते समय संबंधित संपत्ति के वास्तविक उपयोग के साथ-साथ उसके स्वीकृत भू-उपयोग और बिल्डिंग प्लान को भी देखा जाएगा।
सुप्रीम कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि केवल किसी संपत्ति से जुड़ा विवाद अदालत में लंबित होने से कार्रवाई पर रोक नहीं लगती। यदि संपत्ति का वास्तविक उपयोग उस उद्देश्य के विपरीत पाया जाता है।
जिसके लिए जमीन आवंटित की गई थी या भवन का नक्शा स्वीकृत किया गया था, तो सक्षम प्राधिकरण कानून के अनुसार सीलिंग की कार्रवाई कर सकता है।
वहीं, जिस निर्माण के लिए किसी भी सक्षम प्राधिकरण से कोई मंजूरी नहीं ली गई है, उसके मामले में कानून के अनुसार सीलिंग या ध्वस्तीकरण की कार्रवाई में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं।
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