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NCR में ‘पार्किंग की जंग’ ले रही जान, गाड़ी खड़ी करने को लेकर रोज टकराव; गुरुग्राम-दिल्ली में बढ़े विवाद

Published: Tue, 15 Sep 2026 05:25 AM (IST)

एनसीआर में पार्किंग की कमी अब जानलेवा विवादों का कारण बन रही है, जहां एक घर में कई गाड़ियां होने ...और पढ़ें

एआई जेनेरेटेज इमेज।

एआई जेनेरेटेज इमेज।

HighLights

  1. एनसीआर में पार्किंग की कमी से हिंसक विवाद बढ़ रहे हैं।

  2. गुरुग्राम में पार्किंग विवाद में कई जानलेवा हमले हुए हैं।

  3. समस्या के समाधान हेतु सख्त नियम और मल्टीलेवल पार्किंग जरूरी।

विनय त्रिवेदी, गुरुग्राम। गुरुग्राम, दिल्ली समेत एनसीआर में पार्किंग अब सिर्फ जगह की कमी नहीं, बल्कि जानलेवा विवाद की वजह बन गई है।

गुरुग्राम, दिल्ली, नोएडा और गाजियाबाद की कालोनियों से लेकर हाई-राइज सोसाइटियों तक हर जगह एक ही तस्वीर है, एक-एक घर में दो से तीन और चार तक गाड़ियां हैं, लेकिन खड़ी करने की जगह एक की भी नहीं। नतीजा, गाली-गलौज, मारपीट और अब हत्या तक।

ताजा मामला गुरुग्राम का है, जहां 10 सितंबर को सेक्टर-65 स्थित मैग्नम ग्लोबल पार्क में रिटायर्ड ग्रुप कैप्टन अमित कुमार गुप्ता पर पार्किंग विवाद में लोहे की राड से जानलेवा हमला किया गया, जिसमें उनके सिर और हाथ में गंभीर चोट आई।

गुरुग्राम में यह कोई पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी पार्किंग को लेकर बड़ी-बड़ी घटनाएं होती आई हैं। आज बड़ी-बड़ी सोसाइटियों में भी कार पार्किंग को लेकर रोज झगड़े होते हैं।

कई बार मकान मालिक अपनी गाड़ी दूसरे के नाम अलाट पार्किंग में लगा देते हैं तो कहीं मेहमान की गाड़ी खड़ी करने पर भी विवाद हो जाता है। किराएदार और मकान मालिक, पड़ोसी-पड़ोसी और दुकानदार-दुकानदार में पार्किंग ही झगड़े की सबसे बड़ी वजह बन रही है।

पुराने, नए शहर और खेड़कीदौला में पार्किंग के नाम पर रोज जंग

गुरुग्राम के नए इलाकों में तो पार्किंग की लड़ाई सोसाइटी और माल तक सीमित है, लेकिन पुराने शहर और खेड़कीदौला क्षेत्र में हालात और भी खराब हैं। पुराने शहर की गलियां इतनी संकरी हैं कि वहां से गाड़ी निकलना ही मुश्किल है, खड़ी करना तो दूर की बात है।

एक गाड़ी खड़ी होते ही पूरी गली जाम हो जाती है। यहीं से रोज के झगड़े शुरू होते हैं। वहीं खेड़कीदौला क्षेत्र में पार्किंग विवाद में आए दिन मारपीट की घटनाएं सामने आ रही हैं। थोड़ी सी जगह के लिए लोग आपस में भिड़ जाते हैं।

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कई बार सुबह-सुबह गाड़ियों के शीशे टूटे हुए मिलते हैं, तो कभी टायर की हवा निकली हुई मिलती है। अभी एक महीने पहले ही खेड़कीदौला क्षेत्र में दस से ज्यादा गाड़ियों के शीशे तोड़ दिए गए थे।

क्रोनोलाजी, एनसीआर में कब-कब पार्किंग पर गई जान

24 मई 2026 : गुरुग्राम के खांडसा मंडी में फल व्यापारी भरत भूषण बनेचा की पार्किंग विवाद में सूआ घोंपकर हत्या कर दी गई थी। भरत भूषण कमान सराय के रहने वाले थे। पड़ोस में दुकान लगाने वाले व्यक्ति से गाड़ी खड़ी करने को लेकर उनका झगड़ा हुआ था। आरोपित ने अपने साथियों को बुलाकर वारदात को अंजाम दिया।

20 अप्रैल 2026 : दिल्ली के प्रीत विहार में गोलीकांड, पूर्वी दिल्ली के प्रीत विहार में बेसमेंट पार्किंग की जगह और गाड़ी खड़ी करने के अधिकार को लेकर दो पड़ोसियों में विवाद हो गया। विवाद इतना बढ़ा कि किराएदार गौरव शर्मा ने पिस्टल से गोलियां चला दीं। इसमें 34 वर्षीय व्यापारी पंकज नय्यर की मौत हो गई, जबकि उनका भाई गंभीर रूप से घायल हो गया।

20 जून 2026 : दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के बिंदापुर में मोटरसाइकिल पार्क करने को लेकर पड़ोसियों में कहासुनी हो गई। एक नाबालिग सहित दो हमलावरों ने दंपती पर चाकू से हमला कर दिया। हमले में आरती नामक महिला की मौत हो गई, जबकि उसका पति विक्की गंभीर रूप से घायल हो गया।

30 जनवरी 2024 : गुरुग्राम के बालियावास में फार्म हाउस मालिक की हत्या, बालियावास गांव के एक फार्म हाउस में जन्मदिन पार्टी मनाने आए छात्रों का गांव के ही कुछ युवकों से गाड़ी खड़ी करने को लेकर विवाद हो गया। देखते ही देखते विवाद मारपीट में बदल गया। युवकों ने फार्म हाउस मालिक प्रवीण की डंडों से पीट-पीटकर हत्या कर दी, जबकि आठ अन्य लोगों पर जानलेवा हमला किया।

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समाधान क्या है

विशेषज्ञों के मुताबिक इस समस्या का समाधान सिर्फ पुलिस कार्रवाई नहीं, बल्कि प्लानिंग और नियमों से निकलेगा।

- सोसाइटियों और कालोनियों में एक फ्लैट पर एक ही स्टिकर पार्किंग का नियम सख्ती से लागू हो। दूसरी गाड़ी के लिए बाहर पेड पार्किंग लेनी पड़े।
- आरडब्ल्यूए और पुलिस की साझा व्यवस्था, हर सोसाइटी में पार्किंग का नक्शा, नंबर अलाटमेंट और सीसीटीवी निगरानी अनिवार्य हो। रान्ग पार्किंग पर जुर्माना       लगे।
- पब्लिक ट्रांसपोर्ट और मल्टीलेवल पार्किंग, गुरुग्राम और दिल्ली में मार्केट और गांवों के पास नगर निगम को मल्टीलेवल पार्किंग बनानी होगी
- किराएदारों के लिए क्लियर एग्रीमेंट, रेंट एग्रीमेंट में ही पार्किंग का अधिकार साफ लिखा हो, ताकि मकान मालिक की जगह पर जबरन कब्जा न हो।

अगर हम पार्किंग करते समय सिर्फ हम अपने बारे में न सोचे, पड़ोसियों के बारे में सोचे, एक-दूसरे का सम्मान करें।अपनी गाड़ियां स्टिल्ट पार्किंग में लगाएं। थोड़ी सी लापरवाही होती है और इसमें ही सारा काम बिगड़ जाता है।

शहर में हर व्यक्ति की कोशिश अपने घर के सामने ही गाड़ी खड़ी करने की रहती है। कई बार जगह नहीं मिलती, जिससे झगड़े होते हैं। पुराने शहर में कई जगहे ऐसी हैं, जहां पार्किंग नहीं है तो उन्हें पेड पार्किंग लेनी चाहिए।

हमने अपनी सोसायटी में स्टिकर दिए हैं, इसलिए लोगों को कम परेशानी होती है।
- पंकज रामपाल, पालम विहार एच ब्लाक आरडब्ल्यूए अध्यक्ष व गुरुग्राम बिल्डर एसोसिएशन के सचिव