विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

गुरुग्राम में पार्किंग स्टाफ ने 'ऑपरेशन सफेद सागर' के पूर्व सैनिक पर किया हमला, फ्रैक्चर हुआ हाथ

Published: Mon, 14 Sep 2026 02:12 AM (IST)

गुरुग्राम के मैग्नम ग्लोबल पार्क में कारगिल युद्ध के एक सेवानिवृत्त ग्रुप कैप्टन पर पार्किंग अटेंडेंट ने लोहे की रॉड ...और पढ़ें

तस्वीर- सोशल मीडिया।

तस्वीर- सोशल मीडिया।

HighLights

  1. कारगिल युद्ध के सेवानिवृत्त ग्रुप कैप्टन पर हमला।

  2. पार्किंग अटेंडेंट ने लोहे की रॉड से किया गंभीर घायल।

  3. पीड़ित ने पुलिस, अस्पताल पर सहयोग न करने का आरोप लगाया।

डिजिटल डेस्क, गुरुग्राम। गुरुग्राम के मैग्नम ग्लोबल पार्क में पार्किंग अटेंडेंट द्वारा लोहे की रॉड से हमला किए जाने के बाद कारगिल युद्ध के एक योद्धा (रिटायर्ड ग्रुप कैप्टन) गंभीर रूप से घायल हो गए। उनके सिर में गंभीर चोट आई है और हाथ की हड्डी टूट गई है। पीड़ित ग्रुप कैप्टन अमित कुमार गुप्ता (सेवानिवृत्त) ने पुलिस शिकायत में आरोप लगाया है कि अटेंडेंट ने उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी।

इसके साथ ही उन्होंने पुलिस पर मदद न करने और अस्पताल पर फर्जी रिपोर्ट तैयार करने का भी आरोप लगाया है। वर्ष 1999 में भारतीय वायुसेना के 'ऑपरेशन सफेद सागर' टीम का हिस्सा रहे गुप्ता गुरुवार की रात मैग्नम ग्लोबल पार्क स्थित गोंजो रेस्टोरेंट में अपने परिवार के साथ डिनर के लिए गए थे।

अपनी शिकायत में गुप्ता ने बताया कि रात करीब 8 बजे उन्होंने अपने परिवार को रेस्टोरेंट के पास उतारा और कार पार्क करने के लिए जगह ढूंढने लगे। लेकिन पार्किंग स्टाफ उन्हें अलग-अलग जगह वैले, बेसमेंट और मल्टीलेवल पार्किंग भटकाता रहा और आखिरकार कार पार्क करने से मना कर दिया।

इसी दौरान, जब उन्होंने अपनी कार को रिवर्स करने की कोशिश की, तो एक पार्किंग अटेंडेंट ने कार का शीशा तोड़ने की नीयत से विंडशील्ड पर हमला कर दिया। मीडिया से बात करते हुए उन्होंने बताया कि "जब मैं कार से बाहर निकला और विरोध किया, तो अटेंडेंट लोहे की रॉड ले आया और उसने मुझ पर दो बार हमला किया, एक बार मेरे हाथ पर और फिर मेरे सिर पर। मैं खून से लथपथ हो गया था।"

जान से मारने की धमकियां भी दीं
उन्होंने बताया कि मौके पर मौजूद न तो सुरक्षाकर्मियों और न ही अन्य पार्किंग कर्मचारियों ने उन्हें बचाने की कोशिश की। उन्होंने पुलिस हेल्पलाइन पर भी फोन किया, लेकिन आधे घंटे तक कोई पुलिसकर्मी मौके पर नहीं पहुंचा। आखिरकार एक शेफ ने बीच-बचाव किया, जिससे उनकी जान बच सकी।

सिर और कोहनी में गंभीर चोटें आने के कारण उन्हें एम्बुलेंस से मेदांता अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी कोहनी की हड्डी को प्लेट्स के जरिए जोड़ने के लिए सर्जरी की गई। उन्होंने कहा कि यह हमला अचानक और बिना किसी उकसावे के किया गया था। मुझे अपना बचाव करने तक का मौका नहीं मिला।

उन्होंने आगे आरोप लगाया कि अस्पताल ने एक झूठी एमएलसी (मेडिको-लीगल केस) रिपोर्ट जमा की, जिसमें खून बहने और कोहनी की चोट का कोई उल्लेख नहीं है। उन्होंने कहा, "मुझे पुलिस से भी कोई सहयोग नहीं मिल रहा है।"

पुलिस को दी अपनी शिकायत में गुप्ता ने आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि आरोपी के खिलाफ हत्या के प्रयास और गंभीर चोट पहुंचाने की धाराओं में एफआईआर दर्ज की जानी चाहिए।

'ऑपरेशन सफेद सागर' 1999 में कारगिल क्षेत्र में भारतीय चौकियों पर कब्जा जमाने वाले पाकिस्तानी घुसपैठियों को खदेड़ने के लिए भारतीय वायुसेना द्वारा चलाया गया एक उच्च ऊंचाई वाला हवाई अभियान था। हाल ही में अगस्त में रिलीज हुई एक नेटफ्लिक्स सीरीज में इस साहसिक हवाई अभियान को श्रद्धांजलि दी गई है।