गुरुग्राम: कभी बॉलीवुड शो से गुलजार रहता था KOD, अब 10वीं बार धधकी आग; जलकर राख हुआ कबाड़ और फर्नीचर
सोमवार रात गुरुग्राम के सेक्टर-29 स्थित बंद पड़े किंगडम ऑफ ड्रीम्स में एक बार फिर आग लग गई, जिससे परिसर में रखा कबाड़ और फर्नीचर जलकर राख हो गया।
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किंगडम ऑफ ड्रीम्स में फिर लगी रहस्यमयी आग
HighLights
बंद किंगडम ऑफ ड्रीम्स में सोमवार रात फिर लगी आग।
परिसर में रखा कबाड़ और फर्नीचर जलकर राख हुआ।
सील होने के बाद दस से अधिक बार लग चुकी आग।
जागरण संवाददाता, गुरुग्राम। सेक्टर-29 स्थित बंद पड़े किंगडम आफ ड्रीम्स (केओडी) में सोमवार देर रात एक बार फिर आग लग गई। बंद परिसर के अंदर रखे कबाड़ और बचे हुए सामान में आग की लपटें उठती देख आसपास हड़कंप मच गया।
सूचना मिलते ही सेक्टर-29 दमकल केंद्र से पांच दमकल गाड़ियां मौके पर भेजी गईं। दमकलकर्मियों ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। गनीमत रही कि इस घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है। आग में अंदर रखा फर्नीचर और कबाड़ जलकर राख हो गया।
यह कोई पहली घटना नहीं है। एचएसवीपी द्वारा सील किए जाने के बाद से केओडी परिसर में अब तक दस से ज्यादा बार आग लग चुकी है। हर बार बंद पड़े हाल और गोदाम में रखे कबाड़ में ही रहस्यमयी तरीके से आग लगती है।
बार-बार जलने से करोड़ों की यह आलीशान इमारत अब अंदर से पूरी तरह जर्जर हो चुकी है। कभी इसकी छत गिरती है तो कभी दीवारें, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। बंद परिसर में बार-बार आग लगना कई गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।
250 करोड़ की लागत से बना था सपनों का साम्राज्य
केओडी का निर्माण 29 जनवरी 2010 को लगभग 250 करोड़ रुपये की लागत से हुआ था। 30 जुलाई 2010 को यहां देश के 14 राज्यों के जायके वाली प्रसिद्ध कल्चर गली की शुरुआत हुई थी। अपने दौर में यह दिल्ली-एनसीआर का सबसे बड़ा सांस्कृतिक और मनोरंजन केंद्र था।
यहां रोजाना 2500 से ज्यादा लोग शो देखने और खाना खाने आते थे, जिससे लाखों की कमाई होती थी। यहां 1100 से ज्यादा कलाकारों और कर्मचारियों को रोजगार मिला हुआ था। केओडी का नौटंकी महल कोई आम थिएटर नहीं था। यहां मंचन होने वाले ‘जंगूरा- द जिप्सी प्रिंस’ और ‘झुमरू’ शो बालीवुड में खूब मशहूर हुए थे।
सील होने के बाद से गहराया रहस्य
करोड़ों रुपये बकाया होने के चलते जुलाई 2022 में हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण ने केओडी को सील कर दिया था, तब से यह बंद पड़ा है। इसके बाद से कभी इसका प्रसिद्ध थिएटर जला तो कभी कल्चर गली। पिछले साल कल्चर गली में लगी भीषण आग को बुझाने 25 गाड़ियां लगी थीं, जिसमें छत और दीवार गिर गई थी, दमकलकर्मी बाल-बाल बचे थे।
