विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

मूलभूत सुविधाओं को तरस रहे खिलाड़ी, 12 करोड़ खर्च के बाद भी बदहाल गुरुग्राम का जाटोली स्टेडियम

Published: Thu, 27 Aug 2026 04:27 PM (IST)

गुरुग्राम का जाटोली खेल स्टेडियम 12 करोड़ की लागत से बनने के बाद भी बदहाल है, जहां खिलाड़ियों को मूलभूत ...और पढ़ें

पटौदी-जाटोली स्टेडियम में उगी कांग्रेस घास। जागरण

पटौदी-जाटोली स्टेडियम में उगी कांग्रेस घास। जागरण

HighLights

  1. 12 करोड़ की लागत से बना जाटोली स्टेडियम बदहाल।

  2. खिलाड़ियों को नहीं मिल रही पर्याप्त सुविधाएं और कोच।

  3. नगर परिषद कमियां दूर कर स्टेडियम को सौंपने की तैयारी में।

डा. ओम प्रकाश अदलखा, पटौदी (गुरुग्राम)। गुरुग्राम में पटौदी-जाटोली मंडी नगर परिषद क्षेत्र के जाटोली में करीब आठ एकड़ में 12 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया गया खेल स्टेडियम अपने उद्देश्य से दूर होता जा रहा है।

वर्ष 2023 में निर्माण पूरा होने के करीब तीन साल बाद भी स्टेडियम में खिलाड़ियों को जरूरी सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। हालात यह हैं कि यहां दौड़ लगाने के अलावा अन्य खेलों का अभ्यास लगभग ठप है। न पर्याप्त खेल उपकरण हैं और न ही खिलाड़ियों को प्रशिक्षण देने के लिए कोच की व्यवस्था हो सकी है।

स्विमिंग पूल भी पड़ा है बेकार

स्टेडियम में बनाया गया स्विमिंग पूल भी लंबे समय से उपयोग में नहीं आ रहा है। देखरेख के अभाव में पूल का भवन और आसपास का परिसर जर्जर होने लगा है। करोड़ों रुपये खर्च करने के बाद भी खेल सुविधाओं का उपयोग न हो पाना खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों के लिए निराशाजनक स्थिति है।

दरअसल, वर्ष 2016 में तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने तत्कालीन हेलीमंडी नगर पालिका क्षेत्र के जाटोली में स्टेडियम बनाने की घोषणा की थी।

तत्कालीन विधायक बिमला चौधरी की मांग पर हुई घोषणा के बाद निर्माण कार्य शुरू हुआ और वर्ष 2023 में स्टेडियम बनकर तैयार हुआ। हालांकि, निर्माण पूरा होने के बाद भी इसका नियमित और समुचित संचालन शुरू नहीं हो सका।

ट्रैक खराब, वर्षा में भरता है पानी

स्टेडियम में आने वाले प्रदीप चौहान, देवेंद्र और अरुण आदि का कहना है कि परिसर में सुविधाओं की कमी के साथ सफाई व्यवस्था भी खराब है। ट्रैक कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त है और बारिश के दौरान इसमें पानी भर जाता है। परिसर में कांग्रेस घास और झाड़ियां उगने से सांप व अन्य जहरीले जीवों का खतरा बना रहता है।

सामने स्थित एसटीपी प्लांट से आने वाली दुर्गंध भी खिलाड़ियों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है। पीने के पानी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। शौचालयों में पानी की समस्या और सफाई के अभाव के कारण गंदगी बनी रहती है। मच्छर-मक्खियों की समस्या भी खिलाड़ियों को परेशान करती है। स्टेडियम में लगाई गई कई लाइटें भी नहीं जलतीं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि स्टेडियम को केवल भवन और ट्रैक तक सीमित रखने के बजाय यहां सभी खेल सुविधाएं, उपकरण और प्रशिक्षकों की व्यवस्था की जाए, ताकि जिस उद्देश्य से करोड़ों रुपये खर्च किए गए हैं, वह पूरा हो सके।

कमियां दूर करने के लिए जारी किए टेंडर

नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी संदीप मलिक और कनिष्ठ अभियंता दीपक हुड्डा का कहना है कि स्टेडियम के संचालन की जिम्मेदारी खेल विभाग को देने के लिए परिषद की ओर से प्रक्रिया शुरू की गई थी। खेल विभाग के अधिकारियों ने निरीक्षण के दौरान कुछ कमियां बताकर उनकी सूची दी थी। इन कमियों को दूर करने के लिए टेंडर जारी किए जा चुके हैं। स्टेडियम में वाटर कूलर, स्विमिंग पूल के लिए फिल्टर समेत अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

यह भी पढ़ें- गुरुग्राम में 600 किमी सीवर-ड्रेनेज नेटवर्क का होगा सर्वे, सड़क धंसने की वजह तलाशेगा GMDA

कांग्रेस घास खत्म करने के लिए दवा का छिड़काव कराया जा रहा है। शौचालय का बंद पानी कनेक्शन भी चालू कर दिया गया है। आवश्यक कार्य पूरे होने के बाद स्टेडियम को खेल विभाग को सौंप दिया जाएगा।