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दिल्ली में भारत रिन्यूएबल एनर्जी समिट, ग्रीन हाइड्रोजन पर वैश्विक मंथन और ISA सभा

Published: Wed, 28 Oct 2026 03:55 PM (IST)

भारत मंडपम में 2 से 5 नवंबर तक भारत रिन्यूएबल एनर्जी समिट एंड एक्सपो (बीआरईएसई) आयोजित होगा, जिसमें अंतरराष्ट्रीय सौर ...और पढ़ें

दिल्ली में भारत रिन्यूएबल एनर्जी समिट ( फोटो स्रोत : जागरण )

दिल्ली में भारत रिन्यूएबल एनर्जी समिट ( फोटो स्रोत : जागरण )

HighLights

  1. भारत मंडपम में बीआरईएसई, ISA और ग्रीन हाइड्रोजन सम्मेलन।

  2. 'निवेश, नवाचार और प्रेरणा' थीम पर 130 से अधिक देशों की भागीदारी।

  3. ग्रीन हाइड्रोजन, सौर-पवन ऊर्जा और ऊर्जा भंडारण पर विशेष चर्चा।

आदित्य राज, गुरुग्राम। स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में निवेश, तकनीक और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देने के लिए भारत मंडपम में दो से पांच नवंबर तक भारत रिन्यूएबल एनर्जी समिट एंड एक्सपो (बीआरईएसई) आयोजित होगा।

इसके साथ अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन (आइएसए) की नौवीं सभा और चौथा अंतरराष्ट्रीय ग्रीन हाइड्रोजन सम्मेलन भी होगा। इस बार देश के कई राज्यों के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे। आयोजन की थीम ‘निवेश, नवाचार और प्रेरणा’ रखी गई है।

ग्रीन हाइड्रोजन को मिलेगी प्रमुखता 

आयोजन में ग्रीन हाइड्रोजन को अलग से प्रमुखता मिलेगी। चर्चा में हाइड्रोजन के उत्पादन, उसके उपयोग और उससे जुड़े वैश्विक पारिस्थितिकी तंत्र पर विचार होगा। इसके साथ सौर और पवन ऊर्जा, हाइब्रिड ऊर्जा प्रणालियों, ऊर्जा भंडारण, ग्रिड से नवीकरणीय ऊर्जा के बेहतर एकीकरण और हरित वित्तपोषण पर सत्र प्रस्तावित हैं।

स्वच्छ ऊर्जा के उपकरणों का घरेलू विनिर्माण, जैव ऊर्जा, विकेंद्रित नवीकरणीय ऊर्जा, डिजिटल तकनीक और ऊर्जा क्षेत्र में कृत्रिम बुद्धिमत्ता भी चर्चा के विषय होंगे।

सम्मेलन में तकनीकी सत्रों, नीतिगत चर्चाओं और उद्योग जगत की गोलमेज बैठकों के जरिए सरकारों, निवेशकों, शोधकर्ताओं और कंपनियों को एक मंच पर लाने की योजना है।

आयोजन का उद्देश्य निवेश और तकनीक के आदान-प्रदान के साथ परियोजनाओं और साझेदारियों को आगे बढ़ाना है।

राज्यों को निवेश और साझेदारी का मंच

20 से अधिक राज्य सरकारों की भागीदारी से राज्यों को अपनी नवीकरणीय ऊर्जा नीतियां, परियोजनाएं और निवेश अवसर अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों के सामने रखने का अवसर मिलेगा। तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु जैसे राज्यों ने सम्मेलन में अपनी स्वच्छ ऊर्जा क्षमता और निवेश योजनाएं प्रदर्शित करने में रुचि जताई है।

ऊर्जा भंडारण, इलेक्ट्रोलाइजर, ग्रीन हाइड्रोजन, सौर विनिर्माण और ग्रिड तकनीक जैसे क्षेत्रों में साझेदारी के अवसर भी सामने रखे जाएंगे। चार दिनों में 80 से अधिक सत्र और 500 से अधिक वक्ताओं का कार्यक्रम प्रस्तावित है।

400 से अधिक प्रदर्शनी दिखाई जाएगी

400 से अधिक प्रदर्शकों की प्रदर्शनी में स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र की तकनीक, विनिर्माण और परियोजनाएं दिखाई जाएंगी। इस तरह एक ही परिसर में आइएसए की सदस्य देशों वाली सभा, ग्रीन हाइड्रोजन सम्मेलन और व्यापक नवीकरणीय ऊर्जा प्रदर्शनी का आयोजन होगा।

इस बार सम्मेलन में 130 से अधिक देशों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। बताया जाता है कि सम्मेलन में आने वाले कई विदेशी मेहमान गुरुग्राम-फरीदाबाद रोड स्थित राष्ट्रीय सौ ऊर्जा संस्थान के सूर्य भवन में संचालित आइएसए के सचिवालय का अवलोकन करने भी आ सकते हैं।

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