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हरियाणा में जोनिंग नियमों को बदलने की तैयारी, गुरुग्राम के हजारों मकान मालिकों पर पड़ेगा सीधा असर

Published: Fri, 02 Oct 2026 08:59 AM (IST)

हरियाणा सरकार ने जोनिंग नियमों में बदलाव का प्रस्ताव दिया है, जिससे गुरुग्राम में आवासीय संपत्तियों को व्यावसायिक उपयोग के लिए इस्तेमाल करने वाले हजारों मकान मालिक प्रभावित होंगे।

जोनिंग नियम बदलने से गुरुग्राम में हजारों मकान मालिकों पर पड़ेगा असर। फोटो: आर्काइव

जोनिंग नियम बदलने से गुरुग्राम में हजारों मकान मालिकों पर पड़ेगा असर। फोटो: आर्काइव

HighLights

  1. हरियाणा सरकार ने जोनिंग नियमों में बदलाव का प्रस्ताव किया

  2. गुरुग्राम के हजारों मकान मालिक इससे सीधे प्रभावित होंगे

  3. विभाग ने 30 दिनों में सुझाव और आपत्तियां मांगी हैं

जागरण संवाददाता, नया गुरुग्राम। हरियाणा सरकार के प्रस्तावित नए जोनिंग नियम गुरुग्राम में अपने मकान का इस्तेमाल कार्यालय, क्लीनिक, रेस्टोरेंट, गेस्ट हाउस या अन्य व्यावसायिक गतिविधियों के लिए करने वाले संपत्ति मालिकों को प्रभावित कर सकते हैं।

टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग ने 30 सितंबर को सार्वजनिक सूचना जारी कर प्रस्ताव पर लोगों से सुझाव और आपत्तियां मांगी हैं।

अभी अनुमति, आगे प्रतिबंध का मॉडल

मौजूदा व्यवस्था में अलग-अलग जोन के लिए यह तय किया जाता है कि वहां कौन-कौन सी गतिविधियां की जा सकती हैं। प्रस्तावित व्यवस्था में इसके उलट उन गतिविधियों की सूची तैयार की जाएगी, जिन्हें किसी क्षेत्र में करने की अनुमति नहीं होगी।

यानी शुरुआती स्तर पर व्यवस्था यह देखने के बजाय कि किस गतिविधि की अनुमति है, यह देखने पर आधारित होगी कि कौन-सी गतिविधि प्रतिबंधित है।

आवासीय क्षेत्रों में कई गतिविधियां

गुरुग्राम-मानेसर शहरी परिसर 2031 की मौजूदा व्यवस्था में आवासीय क्षेत्रों का इस्तेमाल केवल रहने के लिए सीमित नहीं है। कुछ परिस्थितियों में पेशेवर कार्यालय, दुकान, रेस्टोरेंट, स्वास्थ्य और शिक्षण संस्थान, सामुदायिक सुविधाएं तथा गेस्ट या बोर्डिंग हाउस जैसी गतिविधियों का प्रावधान है।

हालांकि किसी गतिविधि का जोनिंग नियमों में उल्लेख होने का मतलब यह नहीं है कि मकान मालिक बिना अनुमति के उसे शुरू कर सकता है। संबंधित सेक्टर या कॉलोनी की योजना और लागू सरकारी नीति के साथ जरूरी मंजूरियां भी देखनी होती हैं।

गेस्ट हाउस और रेस्टोरेंट भी दायरे में

सरकार की हाल की सूचनाओं में भी इसका उदाहरण सामने आया है। वर्ष 2026 में सेक्टर 61, 76, 69, 70 और 86 सहित कई आवासीय क्षेत्रों में गेस्ट या बोर्डिंग हाउस के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए।

इसी तरह कुछ सेक्टरों में रेस्टोरेंट के लिए भी संबंधित नीति के तहत आवेदन मांगे गए हैं।

व्यावसायिक इस्तेमाल पर शर्तें रहेंगी

नए प्रस्ताव का यह मतलब नहीं होगा कि आवासीय मकानों को बिना किसी शर्त के व्यावसायिक इस्तेमाल की खुली छूट मिल जाएगी। भवन निर्माण, अग्नि सुरक्षा, पार्किंग, रास्ता, पर्यावरण और अन्य कानूनी नियमों का पालन जरूरी रहेगा।

इसके अलावा अंतिम प्रतिबंधित गतिविधियों की सूची अभी तय नहीं हुई है।

30 दिन के अंदर मांगे गए सुझाव

टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग ने प्रस्ताव पर 30 दिनों के भीतर आपत्तियां और सुझाव मांगे हैं। इसके बाद मिलने वाले सुझावों के आधार पर अंतिम नियम तय किए जाएंगे।

नए नियमों का असर गुरुग्राम में आवासीय संपत्तियों में कार्यालय, क्लीनिक, पीजी, गेस्ट हाउस और अन्य गतिविधियां संचालित करने वाले हजारों संपत्ति मालिकों पर पड़ सकता है।

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