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ओल्ड गुरुग्राम मेट्रो के लिए मालिकों ने जमीन देने से किया इनकार, प्लॉट और सरकारी नौकरी की मांग; अब अधिग्रहण की तैयारी

Published: Thu, 01 Oct 2026 09:10 PM (IST)

ओल्ड गुरुग्राम मेट्रो विस्तार के लिए भू-मालिकों से आपसी सहमति से जमीन अधिग्रहण की कोशिशें विफल हो गई हैं। 95% भू-मालिकों ने शर्तों पर जमीन देने से इनकार कर दिया।

ओल्ड गुरुग्राम मेट्रो के लिए मालिकों ने जमीन देने से किया इनकार। फाइल फोटो

ओल्ड गुरुग्राम मेट्रो के लिए मालिकों ने जमीन देने से किया इनकार। फाइल फोटो

HighLights

  1. आपसी सहमति से जमीन अधिग्रहण की कोशिशें हुईं विफल।

  2. 95% भू-मालिकों ने तय शर्तों पर जमीन देने से इनकार किया।

  3. सरकार अब भूमि अधिग्रहण कानून के तहत जमीन लेगी।

राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। ओल्ड गुरुग्राम मेट्रो विस्तार परियोजना के लिए जमीन उपलब्ध कराने की कोशिशों को बड़ा झटका लगा है। भू-मालिकों से आपसी सहमति के आधार पर जमीन लेने के लिए गठित प्रशासनिक कमेटी की कई दौर की बातचीत के बावजूद सहमति नहीं बन पाई।

परियोजना के लिए चिन्हित जमीन के करीब 95 प्रतिशत भू-मालिकों ने तय शर्तों पर जमीन देने से इन्कार कर दिया है। ऐसे में अब प्रदेश सरकार भूमि अधिग्रहण कानून के तहत जमीन लेने की प्रक्रिया आगे बढ़ाने की तैयारी कर रही है।

भू-मालिकों की अलग-अलग मांगों के कारण सहमति नहीं बन सकी। अधिकतर भू-मालिक जमीन के बदले प्लाट देने के साथ परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग कर रहे हैं। कुछ भू-मालिकों का कहना है कि जमीन के बदले प्रस्तावित मुआवजा राशि उनकी अपेक्षा के अनुरूप नहीं है। वे मुआवजे की राशि बढ़ाकर करीब दोगुनी करने की मांग कर रहे हैं।

मुख्य सचिव ने अगले सप्ताह बैठक बुलाई

इस मामले में मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने अगले सप्ताह बैठक बुलाई है। बैठक में जमीन उपलब्ध कराने के लिए आगे की रणनीति और कानूनी प्रक्रिया पर नीतिगत फैसला होने की संभावना है। प्रशासनिक कमेटी की ओर से बातचीत की स्थिति से सरकार को अवगत करा दिया गया है।

अब सरकार के सामने आपसी सहमति के बजाय भूमि अधिग्रहण कानून के तहत आगे बढ़ने का विकल्प प्रमुख रूप से है। बैठक में यह तय किया जाएगा कि आवश्यक जमीन किस कानूनी प्रक्रिया के तहत उपलब्ध कराई जाए। यदि भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया अपनाई जाती है तो भू-मालिकों को नियमानुसार मुआवजा देने और अधिग्रहण की अन्य कानूनी औपचारिकताएं पूरी करनी होंगी।

उपायुक्त की अध्यक्षता में हुई थी प्रशासनिक कमेटी गठित

ओल्ड गुरुग्राम में मेट्रो विस्तार परियोजना को दो चरणों में विकसित किया जा रहा है। पहले चरण का काम भी आगे बढ़ रहा है। परियोजना के लिए आवश्यक जमीन गुरुग्राम मेट्रो रेल कारपोरेशन को उपलब्ध कराने के उद्देश्य से भू-मालिकों से आपसी सहमति के आधार पर जमीन लेने की पहल की गई थी। गुरुग्राम के उपायुक्त की अध्यक्षता में एक प्रशासनिक कमेटी गठित की गई थी।

कमेटी ने संबंधित भू-मालिकों से कई दौर की बातचीत की। गांव इस्लामपुर में करीब 8,653 वर्ग मीटर और बसई गांव में 1,695 वर्ग मीटर जमीन की आवश्यकता चिन्हित की गई है। भू-मालिकों को सहमति के आधार पर जमीन देने के लिए समझाने का प्रयास किया गया, लेकिन बातचीत के बाद भी स्थिति में खास बदलाव नहीं आया।

पांच प्रतिशत भू-मालिक ही तय शर्तों के अनुसार जमीन देने को तैयार हुए, जबकि 95 प्रतिशत ने इन्कार कर दिया। भू-मालिकों ने जमीन के बदले प्लाट, परिवार के सदस्य को सरकारी नौकरी और अधिक मुआवजे समेत कई मांगें प्रशासन के सामने रखी हैं। इन पर सहमति नहीं बनने के बाद प्रशासनिक कमेटी ने पूरी स्थिति से प्रदेश सरकार को अवगत करा दिया है।