FTA के जरिए वैश्विक बाजारों में छाएंगे हरियाणा के उत्पाद, 5 साल में निर्यात दोगुना करेगी CM सैनी सरकार
हरियाणा सरकार ने अगले 5 वर्षों में राज्य का निर्यात दोगुना करने का लक्ष्य रखा है। गुरुग्राम में आयोजित कार्यशाला ...और पढ़ें
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हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी। फोटो-जागरण आर्काइव
HighLights
अगले पांच वर्षों में निर्यात दोगुना करने का लक्ष्य।
मुक्त व्यापार समझौतों से वैश्विक बाजार पहुंच पर जोर।
गुरुग्राम में राज्य स्तरीय निर्यात कार्यशाला आयोजित।
जागरण संवाददाता, गुरुग्राम। हरियाणा के उत्पादों को वैश्विक बाजारों तक पहुंचाने और प्रदेश के निर्यात को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के उद्देश्य से मंगलवार को गुरुग्राम में राज्य स्तरीय कार्यशाला आयोजित की गई।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने वीडियो संदेश के माध्यम से कार्यशाला को संबोधित करते हुए अगले पांच वर्षों में प्रदेश का निर्यात दोगुना करने का लक्ष्य रखा।
एफटीए के माध्यम से निर्यात विस्तार की पर चर्चा
वहीं हरियाणा के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह ने होटल ग्रैंड हयात में लेवरेजिंग एफटीए–आउटरीच प्रोग्राम का शुभारंभ किया।
एमएसएमई निदेशालय द्वारा आयोजित कार्यशाला में भारत के मुक्त व्यापार समझौतों (एफटीए) के माध्यम से हरियाणा के उद्योगों, एमएसएमई और निर्यातकों के लिए वैश्विक बाजार में उपलब्ध अवसरों तथा निर्यात विस्तार की रणनीतियों पर चर्चा की गई।
प्रदेश के उत्पादों को दुनिया तक पहुंचाने का लक्ष्य
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने वीडियो संदेश में कहा कि सरकार का लक्ष्य प्रदेश के उत्पादों को दुनिया के हर बाजार तक पहुंचाना है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत के मुक्त व्यापार समझौतों के माध्यम से 36 विकसित देशों के बाजारों तक पहुंच के नए अवसर खुले हैं।
हरियाणा सरकार इन अवसरों को प्रदेश के उद्योगों, एमएसएमई, किसानों और युवाओं तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 में हरियाणा का मर्चेंडाइज निर्यात 20 बिलियन डज्ञलर से अधिक रहा और देश के कुल निर्यात में हरियाणा देश में छठे स्थान पर है।
भारत-ब्रिटेन मुक्त व्यापार समझौता प्रदेश के लिए मौका
मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरुग्राम के ऑटोमोबाइल एवं आईटी क्षेत्र, फरीदाबाद के इंजीनियरिंग उत्पाद, पानीपत के होम टेक्सटाइल, करनाल के बासमती चावल, झज्जर के फुटवियर और अंबाला के वैज्ञानिक उपकरण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हरियाणा की पहचान हैं।
भारत-ब्रिटेन मुक्त व्यापार समझौते के लागू होने से प्रदेश के टेक्सटाइल, गारमेंट, फुटवियर सहित विभिन्न क्षेत्रों के लिए नए अवसर खुले हैं।
विकसित भारत के लिए उद्योगों का विस्तार जरूरी
मंत्री राव नरबीर सिंह ने कहा कि विकसित भारत-2047 का संकल्प केवल कृषि क्षेत्र के दम पर पूरा नहीं हो सकता, इसके लिए उद्योगों का विस्तार और निर्यात में उल्लेखनीय वृद्धि बेहद जरूरी है।
उन्होंने उद्यमियों से बेहतर गुणवत्ता वाले उत्पाद तैयार कर अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्रतिस्पर्धा करने तथा अनुभवी निर्यातकों से नए उद्यमियों को प्रोत्साहित करने का आह्वान किया, ताकि अधिक से अधिक उद्योग निर्यात से जुड़ें और भारत वैश्विक व्यापार में अपनी मजबूत पहचान स्थापित कर सके।
उद्यमियों के सुझाव पर नई एमएसएमई नीति तैयार
उन्होंने कहा कि उद्योगपतियों एवं उद्यमियों के सुझावों के आधार पर हरियाणा की नई औद्योगिक एवं एमएसएमई नीति तैयार की गई है। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से सोहना के विधायक तेजपाल तंवर, भारत सरकार के वाणिज्य विभाग के अतिरिक्त सचिव नितिन कुमार यादव, उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के कमिश्नर व सचिव डा. अमित के. अग्रवाल, गुरुग्राम के डिविजनल कमिश्नर रवि प्रकाश गुप्ता, हरियाणा एमएसएमई एवं उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के महानिदेशक डा. यश गर्ग, भारत सरकार के वाणिज्य विभाग में निदेशक डा. गरिमा मित्तल तथा एचएसआईआईडीसी के एमडी विनय प्रताप सिंह सहित केंद्र एवं राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी, व्यापार विशेषज्ञ और विभिन्न औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
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