बदलते मौसम और प्रदूषण से गुरुग्राम में हृदय रोगियों की बढ़ी चिंता, विशेषज्ञ बोले- रहें सतर्क
बदलते मौसम और प्रदूषण के कारण गुरुग्राम में हृदय रोगियों की संख्या बढ़ रही है, पिछले आठ दिनों में 381 मरीज हृदय आरोग्य केंद्र पहुंचे।
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हृदय रोगियों की बढ़ी चिंता ( एआई जेनरेटेड इमेज )
HighLights
बदलते मौसम से गुरुग्राम में हृदय रोगियों की संख्या बढ़ी।
आठ दिनों में 381 मरीज हृदय आरोग्य केंद्र पहुंचे।
प्रदूषण और मौसम बदलाव में अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह।
जागरण संवाददाता, गुरुग्राम। बदलता मौसम और प्रदूषण का असर केवल सांसों तक सीमित नहीं है, बल्कि हृदय रोगियों के लिए भी परेशानी बढ़ा सकता है।
बदलते मौसम के बीच सीने में तकलीफ और सांस लेने में परेशानी जैसी शिकायतों को लेकर मरीज जिला नागरिक अस्पताल के हृदय आरोग्य केंद्र पहुंच रहे हैं। पिछले आठ दिनों में यहां 381 मरीजों ने उपचार के लिए संपर्क किया।
हृदय रोगियों के लिए चिंता बरकरार
मंगलवार को विजयादशमी की छुट्टी के दिन ओपीडी में 12 मरीज पहुंचे, जबकि सांस संबंधी समस्या के चलते तीन मरीजों को इमरजेंसी में लाया गया।
सेक्टर-10 स्थित जिला नागरिक अस्पताल में मरीजों की आवाजाही के बीच सबसे अहम चिंता उन लोगों को लेकर है, जो पहले से हृदय या सांस संबंधी बीमारी से जूझ रहे हैं।
हृदय आरोग्य केंद्र के कार्डियोलाजिस्ट विशेषज्ञ डा. विवेक मोहंती ने बताया कि प्रदूषित हवा के संपर्क में रहने और मौसम में बदलाव के दौरान ऐसे मरीजों को अपनी सेहत को लेकर अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है। सांस फूलने या सीने में असहजता को सामान्य परेशानी समझकर टालना जोखिम बढ़ा सकता है।
लक्षण दिखें तो जांच में देरी न करें
डाक्टरों के मुताबिक, हृदय रोगियों को नियमित दवाएं लेने, चिकित्सक की सलाह का पालन करने और प्रदूषण अधिक होने पर बाहर की गतिविधियां सीमित रखने की जरूरत है। सांस लेने में परेशानी, सीने में दबाव या असामान्य थकान होने पर चिकित्सकीय परामर्श लेना चाहिए।
मौसम में बदलाव के दौरान सतर्कता ही गंभीर परेशानी से बचाव में मदद कर सकती है। सीने में तेज दर्द या अचानक गंभीर सांस की तकलीफ होने पर तुरंत अस्पताल पहुंचना जरूरी है। -डा. अनिल कुमार यादव, कार्डियोलाजिस्ट, जिला नागरिक अस्पताल, सेक्टर-10
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