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गुरुग्राम वाले कृपया ध्यान दें! SIR अभियान के सिर्फ 4 दिन शेष, गणना प्रपत्र BLO को सौंपे

Published: Sat, 11 Jul 2026 09:49 AM (IST)

गुरुग्राम में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के समापन में केवल चार दिन शेष हैं, मतदाताओं को गणना प्रपत्र बीएलओ ...और पढ़ें

एसआईआर अभियान के समापन में अब केवल चार दिन शेष।

एसआईआर अभियान के समापन में अब केवल चार दिन शेष।

HighLights

  1. एसआईआर अभियान के समापन में अब केवल चार दिन शेष।

  2. मतदाता गणना प्रपत्र बीएलओ के पास तुरंत जमा करें।

  3. ऑनलाइन पोर्टल पर मतदाता सूची में नाम सत्यापित करें।

जागरण संवादाता, गुरुग्राम। विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के समापन में अब केवल चार दिन शेष हैं। जिन मतदाताओं ने अभी तक अपना गणना प्रपत्र जमा नहीं किया है, उन्हें इसे तुरंत भरकर अपने संबंधित बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) के पास जमा करना चाहिए।

उपायुक्त उत्तम सिंह ने कहा कि समय पर गणना प्रपत्र जमा करने से मतदाता के निर्वाचन रिकॉर्ड का सत्यापन सुगमता से हो सकेगा और भविष्य में किसी भी प्रकार की असुविधा से बचा जा सकेगा। सभी पात्र मतदाता अपने वर्तमान मतदाता विवरण और आवश्यकता होने पर वर्ष 2002 की निर्वाचक नामावली या संबंधित परिजन के विवरण के आधार पर आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराएं।

ऑनलाइन सर्च करने की व्यवस्था भी उपलब्ध

भारत निर्वाचन आयोग ने मतदाताओं की सुविधा के लिए ऑनलाइन सर्च करने की व्यवस्था भी उपलब्ध कराई है। मतदाता वर्ष 2002 की विशेष गहन पुनरीक्षण सूची में अपना नाम निम्न लिंक पर जाकर देख सकते हैं: https://voters.eci.gov.in/searchInSIR/S2UA4DPDF-JK4QWODSE। वर्तमान मतदाता सूची में अपना नाम, ईपीआईसी नंबर या अन्य विवरण के माध्यम से भी खोजा जा सकता है।

इसी पोर्टल पर 'Know Your Polling Officials' विकल्प के माध्यम से संबंधित बीएलओ की जानकारी भी प्राप्त की जा सकती है।

उपायुक्त ने भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों का हवाला देते हुए सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों से अपील की है कि वे अपने बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) को विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के दौरान बीएलओ के साथ सक्रिय समन्वय एवं सहयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दें।

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बीएलओ और बीएलए के बेहतर तालमेल से मतदाता सूची का पुनरीक्षण कार्य पारदर्शी, त्रुटिरहित एवं समयबद्ध तरीके से पूरा किया जा सकेगा, जिससे प्रत्येक पात्र मतदाता तक पहुंच सुनिश्चित होगी और लोकतांत्रिक प्रक्रिया और अधिक सुदृढ़ बनेगी।