गुरुग्राम में महिला से अभद्रता और गाड़ियों को टक्कर मारने वाले स्कॉर्पियो ड्राइवर को मिली बेल, पुलिस पर उठे सवाल
गुरुग्राम के सेक्टर-83 में पांच गाड़ियों को टक्कर मारने और महिला से अभद्रता करने वाले स्कॉर्पियो ड्राइवर को गिरफ्तार कर थाने से ही जमानत दे दी गई।
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आरोपी ड्राइवर। AI जनरेटेड
HighLights
स्कॉर्पियो ड्राइवर ने पांच गाड़ियों को टक्कर मारी।
विरोध करने पर महिला से की थी अभद्रता।
गैर-जमानती धारा के बावजूद थाने से मिली जमानत।
जागरण संवाददाता, गुरुग्राम। गुरुग्राम के सेक्टर-83 में स्कॉर्पियो ड्राइवर द्वारा रॉन्ग साइड चलाकर पांच गाड़ियों को टक्कर मारने और विरोध करने पर महिला से अभद्रता करने के मामले में खेड़कीदौला थाना पुलिस ने आरोपी ड्राइवर को शनिवार को गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस ने कुछ देर बाद ही उसे थाने से जमानत दे दी गई। जबकि दर्ज एफआइआर में गैर-जमानती धारा लगी है। इस पर पीड़ित महिला ने सवाल उठाए हैं।
5 गाड़ियों को मारी टक्कर
घटना 14 अक्टूबर की रात की है। सेक्टर-82 निवासी पीड़ित महिला ने आरोप लगाया था कि शराब के नशे में स्कार्पियो ड्राइवर रांग साइड गाड़ी दौड़ा रहा था और उसकी किआ सोनेट समेत पांच गाड़ियों को टक्कर मार दी थी।
महिला ने बताया कि जब उसने विरोध जताया तो आरोपी ने उसके कपड़े खींचे, बदतमीजी की, मारपीट की और अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते हुए धमकी दी। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हुआ था। वीडियो में महिला द्वारा भी स्कॉर्पियो ड्राइवर को पांच-छह थप्पड़ मारना रिकॉर्ड हुआ था।
आरोपी से जान का खतरा
महिला के अनुसार, दुर्घटना और मारपीट में उसके बाएं हाथ, होंठ, नाक और छाती पर चोटें आईं। कार में सवार उसके पति और सास को भी चोट आई। सास का कुछ दिन पहले ही घुटनों का ऑपरेशन हुआ था, हादसे के बाद उनकी तकलीफ बढ़ गई है। महिला ने कहा कि उसे आरोपी से जान का खतरा है।
इस मामले में जांच करते हुए खेड़कीदौला थाना पुलिस ने कार्रवाई की। पकड़े गए आरोपी की पहचान सेक्टर-83 स्थित वाटिका इंडिया नेक्स्ट निवासी चंद्रशेखर अग्रवाल के रूप में हुई है। वह गैस पाइप लाइन की फिटिंग का ठेका लेता है।
जेल और जुर्माने का है प्रविधान
पुलिस ने उसकी स्कॉर्पियो को जब्त कर लिया है। पुलिस ने महिला की शिकायत पर बीएनएस की धारा 74 समेत हादसे से संबंधित अन्य धाराओं में केस दर्ज किया है। धारा 74 संज्ञेय और गैर-जमानती अपराध है, जिसमें कम से कम एक साल और अधिकतम पांच साल तक की जेल और जुर्माने का प्रविधान है और पुलिस बिना वारंट के भी गिरफ्तार कर सकती है। ऐसे में थाने से जमानत मिलने पर सवाल उठ रहे हैं।
खेड़कीदौला थाना प्रभारी इंस्पेक्टर विनोद कुमार का कहना है कि एफआइआर में जो भी धाराएं हैं, उनमें सात साल से कम की सजा है। इसलिए मामले में अर्नेस कुमार लागू कर आरोपी को शामिल अनुसंधान कराया गया। जांच में जो भी सामने आएगा, उसके अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
