गुरुग्राम की सड़कों पर जल्द दौड़ेंगी 55 इलेक्ट्रिक बसें, 25 से ज्यादा रूट तय; हर सीट पर होगा SOS बटन
गुरुग्राम में 55 इलेक्ट्रिक बसें डिपो पहुंची हैं, जिनमें से 40 का रूटों पर ट्रायल शुरू हो गया है। शेष ...और पढ़ें

सेक्टर दस बस डिपो परिसर मेंं खड़ी इलेक्ट्रिक बसें। फोटो: जागरण
जागरण संवाददाता, गुरुग्राम। साइबर सिटी की सड़कों पर जल्द ही इलेक्ट्रिक सिटी बसें दौड़ती नजर आएंगी। गुरुग्राम मेट्रोपाॅलिटन सिटी बस लिमिटेड (जीएमसीबीएल) के सेक्टर-10 स्थित बस डिपो में 55 इलेक्ट्रिक बसें पहुंच चुकी हैं।
इनमें से 40 बसों का रूटों पर ट्रायल शुरू कर दिया गया है, जबकि शेष 15 बसों के पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी कराई जा रही है। बसों के संचालन के लिए जीएमसीबीएल की ओर से 25 से ज्यादा रूट भी तैयार कर लिए गए हैं।
यात्रियों की संख्या और मांग के अनुसार इन रूटों में बदलाव भी किया जा सकेगा।
नई इलेक्ट्रिक बसों में यात्रियों की संख्या का सही आंकड़ा रखने और टिकट व्यवस्था में गड़बड़ी रोकने के लिए प्रवेश और निकास द्वार पर विशेष हेड काउंट कैमरे लगाए गए हैं। एक बार पूरी तरह चार्ज होने पर ये बसें करीब 150 किलोमीटर तक चल सकेंगी।
जीएमसीबीएल के अधिकारियों के अनुसार बसों के रूट तैयार हैं। पंजीकरण सहित जरूरी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद इन्हें निर्धारित रूटों पर चलाया जाएगा।
18 चार्जिंग प्वॉइंट, एक साथ चार्ज होंगी 36 बसें
इलेक्ट्रिक बसों के संचालन के लिए सेक्टर-10 बस डिपो में चार्जिंग व्यवस्था तैयार की गई है। यहां कुल 18 चार्जिंग प्वॉइंट बनाए गए हैं, जिनमें से 16 तैयार हो चुके हैं। इनकी मदद से एक साथ 36 बसें चार्ज की जा सकेंगी।
सामान्य चार्जिंग मोड में बस को पूरी तरह चार्ज होने में करीब दो घंटे, जबकि फास्ट चार्जिंग मोड में लगभग एक घंटे का समय लगेगा। सेक्टर-48 में भी इलेक्ट्रिक बसों के लिए अलग डिपो तैयार किया गया है।
26 यात्री बैठ सकेंगे, हर सीट पर एसओएस बटन
बसों में एक बार में 26 यात्रियों के बैठने की व्यवस्था है। यात्रियों की सुरक्षा के लिए प्रत्येक सीट पर एसओएस बटन लगाया गया है। आपात स्थिति में बटन दबाने पर जीएमसीबीएल के अधिकारियों तक अलर्ट पहुंचेगा।
इसके अलावा दिव्यांग यात्रियों की सुविधा के लिए व्हीलचेयर लिफ्ट भी दी गई है, जिससे उन्हें बस में चढ़ने और उतरने में आसानी होगी। सुरक्षा के लिहाज से बसों में विशेष व्यवस्था की गई है। खिड़की खुली होने की स्थिति में बस नहीं चल सकेगी।
इन इलेक्ट्रिक बसों की लंबाई नौ मीटर है। शहर में पहले से चल रही लो फ्लोर बसों की तुलना में इनका ग्राउंड क्लीयरेंस अधिक रखा गया है। इससे खराब और ऊबड़-खाबड़ सड़कों पर भी इनके संचालन में सहूलियत मिलने की उम्मीद है।
गुरुग्राम से दिल्ली, वल्लभगढ़ और मानेसर से द्वारका सहित 25 से ज्यादा मार्गों पर इन बसों को चलाने की योजना है।
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