लाखों टैक्स के बावजूद गुरुग्राम की सड़कें बदहाल, हादसों का खतरा बढ़ा
गुरुग्राम के सेक्टर 22, 23 और 23ए में लाखों रुपये प्रापर्टी टैक्स देने के बावजूद सड़कें बदहाल हैं, जिससे लोगों को भारी परेशानी हो रही है।
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लाखों टैक्स के बावजूद गुरुग्राम की सड़कें बदहाल ( एआई जेनरेटेज इमेज )
HighLights
लाखों रुपये टैक्स देकर भी गुरुग्राम में खराब सड़कें।
सेक्टर 22, 23, 23ए में गड्ढों से हादसे का डर।
स्थानीय लोगों ने सड़कों की तत्काल मरम्मत की मांग की।
आदित्य राज, गुरुग्राम। हर महीने लाखों रुपये प्रापर्टी टैक्स देने के बावजूद लोगों को अपने घर तक की अच्छी सड़क की सुविधा नहीं मिल रही है।
सेक्टर 22, 23 और 23ए में सड़कों की हालत खराब होने के कारण वाहन चालकों और राहगीरों को रोजाना परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
हादसों का खतरा बढ़ गया
गड्ढों में वर्षा का पानी भरने से उनकी गहराई का अंदाजा लगाना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में दोपहिया वाहन चालकों के गिरने और दुर्घटना होने का खतरा बना रहता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर निगम को लाखों रुपये टैक्स देने के बावजूद उन्हें सड़कों जैसी बुनियादी सुविधा के लिए जूझना पड़ रहा है।
स्थानीय निवासियों के अनुसार, पूरे मानसून सीजन में सड़कों पर गड्ढों और जलभराव की समस्या बनी रही। उम्मीद थी कि मानसून बीतने के बाद नगर निगम सड़कों की मरम्मत कराएगा, लेकिन अब तक हालात में सुधार नहीं हुआ है।
छह गाड़ियों से गड्ढे भरने का दावा
नगर निगम की ओर से शहर के सड़कों के गड्ढे भरने के लिए छह गाड़ियां चलाने की बात कही गई थी। हालांकि, स्थानीय लोगों का कहना है कि उनके सेक्टरों में ये गाड़ियां दिखाई नहीं देतीं और सड़कों की हालत खराब है। लोगों ने सवाल उठाया कि जब गड्ढे भरने के लिए अभियान चलाया जा रहा है, तो इन क्षेत्रों की सड़कों की मरम्मत क्यों नहीं हो रही।
स्थानीय लोगों ने उठाई मरम्मत की मांग
स्थानीय निवासियों का कहना है कि नगर निगम को टैक्स वसूलने के साथ नागरिक सुविधाओं की जिम्मेदारी भी निभानी चाहिए। सड़कों की बदहाली के कारण वाहन चालकों, पैदल राहगीरों और आसपास के दुकानदारों को परेशानी झेलनी पड़ रही है।
लोगों ने मांग की है कि सेक्टर 22, 23 और 23ए की सड़कों का सर्वे कराया जाए और प्राथमिकता के आधार पर गड्ढे भरने के साथ क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत कराई जाए।
सड़कों पर जगह-जगह गड्ढे हैं। रात को हादसा होने का डर रहता है। नगर निगम को जल्द समस्या का समाधान करना चाहिए। वर्षा के बाद जलभराव हो जाता है।- नीर सिंह
वर्षा के पानी में गड्ढे दिखाई नहीं देते। दोपहिया वाहन चालकों के गिरने का खतरा बना रहता है। घर तक पहुंचने का रास्ता नहीं है।- सुभाष कौशिक
पूरे मानसून में परेशानी झेली और अब भी हालात नहीं सुधरे। छह गाड़ियों से गड्ढे भरने की बात कही गई थी, लेकिन हमारे क्षेत्र में कोई काम नजर नहीं आता।- जिले सिंह
खराब सड़कों से राहगीरों को परेशानी होती है। निगम को दावों के बजाय मौके पर काम कराकर लोगों को राहत देनी चाहिए।- मलखान सिंह, पूर्व आरडब्ल्यूए अध्यक्षसेक्टरों की सड़कों के निर्माण के लिए टेंडर लगाए जा चुके हैं। गड्ढे भरने का कार्य भी किया जा रहा है।- विजय ढाका, चीफ इंजीनियर नगर निगम गुरुग्राम
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