9 महीने, 12 हादसे... हरियाणा की सड़कों पर दौड़ती 'मौत', आखिर कब थमेगा हादसों का सिलसिला?
हरियाणा में पिछले नौ महीनों में निजी बसों से जुड़े 12 बड़े हादसों में 14 लोगों की मौत हुई और 50 से अधिक घायल हुए हैं।

हरियाणा में हादसाग्रस्त बस (फाइल फोटो)
HighLights
9 माह में निजी बसों के 12 बड़े हादसे हुए
इन हादसों में 14 मौतें, 50 से अधिक घायल
बसों की फिटनेस और सुरक्षा पर गंभीर सवाल
नवनीत शर्मा, भिवानी: सफर मंजिल तक पहुंचने के लिए शुरू होता है, लेकिन हरियाणा में निजी बसों से जुड़े हादसों ने इस सफर की सुरक्षा पर ही सवाल खड़े कर दिए हैं।
कहीं चलती बस आग का गोला बन गई, कहीं अनियंत्रित होकर खेत में पलट गई तो कहीं दूसरी गाड़ियों से टक्कर ने कई परिवारों की खुशियां छीन लीं।
इस वर्ष फरवरी से अक्टूबर माह तक प्रदेश के अलग-अलग जिलों में सामने आए हादसों की तस्वीर डराने वाली है। सोनीपत, भिवानी, फतेहाबाद, हिसार और रेवाड़ी समेत कई इलाकों में हुए हादसों में लोगों की जान गई, जबकि अनेक यात्री और राहगीर घायल हुए। प्रदेश में 1600 से अधिक निजी बसों के संचालन के बीच अब सबसे बड़ा सवाल यात्रियों की सुरक्षा का है।
नौ माह में में निजी बसों के 12 बड़े हादसे
प्रदेश में 21 फरवरी से 16 अक्टूबर तक निजी बसों से जुड़े 12 गंभीर हादसों में कम से कम 14 लोगों की मौत हुई, जबकि 50 से अधिक लोग घायल हुए।
हादसों में बसों की ट्रक व डंपर से टक्कर, बाइक सवारों को कुचलने, बस पलटने और आग लगने की घटनाएं शामिल हैं। भिवानी के मिलकपुर में बस में आग लगने से दो यात्रियों की मौत और 11 लोग झुलसे थे। फतेहाबाद में बस पलटने से तीन, जबकि भिवानी में पलटने से तीन लोगों की मौत हुई।
बसों की फिटनेस और सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
लगातार सामने आ रहे हादसों ने निजी बसों के संचालन, वाहनों की तकनीकी जांच और सड़क सुरक्षा नियमों के पालन पर सवाल खड़े किए हैं।
बसों में आग लगने, ब्रेक फेल होने, दूसरे वाहनों से टक्कर और नियंत्रण खोने जैसी घटनाएं यात्रियों की सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती हैं। ऐसे में बसों की नियमित फिटनेस जांच, अग्निशमन उपकरणों की उपलब्धता, चालकों के प्रशिक्षण और निर्धारित गति सीमा के पालन पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है।
निजी बसों से जुड़े हादसों को गंभीरता से लेते हुए आरटीए टीम को जांच के निर्देश दिए गए हैं। टीम की ओर से समय-समय पर वाहनों की जांच की जा रही है। नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी, ताकि सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ हादसों पर अंकुश लगाया जा सके। -महेश कुमार, एसडीएम एवं क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी, भिवानी।
