गुरुग्राम में वायु प्रदूषण से निपटने के लिए सड़कों के गड्ढे 72 घंटे में भरें
गुरुग्राम में बढ़ते वायु प्रदूषण को देखते हुए निगमायुक्त ने सड़कों के गड्ढे 72 घंटे में भरने का निर्देश दिया ...और पढ़ें

गुरुग्राम में वायु प्रदूषण से निपटने के लिए सड़कों के गड्ढे 72 घंटे में भरें (फोटो स्रोत : जागरण)
HighLights
सड़कों के गड्ढे 72 घंटे में भरने का निर्देश।
कार्यकारी अभियंता सड़कों का निरीक्षण कर रिपोर्ट देंगे।
धूल प्रदूषण रोकने को सफाई अभियान चलेगा।
जागरण संवाददाता, गुरुग्राम। शहर में बढ़ते वायु प्रदूषण को देखते हुए निगमायुक्त प्रदीप दहिया ने निर्देश दिए हैं कि सड़कों पर मौजूद गड्ढों की मरम्मत 72 घंटे के भीतर कराई जाए।
सभी कार्यकारी अभियंताओं को अपने-अपने क्षेत्रों की सड़कों का स्वयं निरीक्षण कर यह सुनिश्चित करना होगा कि सड़कें वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) के निर्धारित मानकों के अनुरूप हैं या नहीं।
इन कारणों से हो रहा धूल प्रदूषण
मंगलवार को नगर निगम कार्यालय में हुई समीक्षा बैठक में निगमायुक्त ने कहा कि टूटी सड़कें, क्षतिग्रस्त फुटपाथ और सड़क किनारे जमा मिट्टी धूल प्रदूषण के प्रमुख कारण हैं। कार्यकारी अभियंता निरीक्षण के बाद सड़कों की स्थिति प्रमाणित करेंगे।
वरिष्ठ अधिकारी भी इन रिपोर्ट का सत्यापन करेंगे। सड़क किनारे जमा मिट्टी और निर्माण मलबा हटाने के साथ फुटपाथों की मरम्मत को प्राथमिकता दी जाएगी।
डस्ट हॉटस्पॉट पर बनेगी कार्ययोजना
निगमायुक्त ने खुले में सीएंडडी वेस्ट, बागवानी कचरा और अन्य कचरा मिलने पर नियमित उठान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। धूल प्रभावित स्थानों की पहचान कर डस्ट हॉटस्पॉट एक्शन प्लान के तहत सुधारात्मक कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने एनजीओ और नागरिकों की भागीदारी से डीप क्लीनिंग अभियान चलाने और बिल्डरों और एनजीओ को सड़कों के रखरखाव की जिम्मेदारी सौंपने की संभावनाएं तलाशने के निर्देश भी दिए। निगमायुक्त ने स्पष्ट किया कि प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े कार्यों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।