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नया गुरुग्राम: महिंद्रा ओरा RWA के फैसले से निवासियों के बचेंगे ₹4 करोड़, चुना सस्ता और नजदीक बिजली कनेक्शन

Published: Wed, 16 Sep 2026 12:18 PM (IST)

नया गुरुग्राम के महिंद्रा ओरा सोसायटी के निवासियों ने 33 केवी बिजली कनेक्शन के लिए बिल्डर के बजाय एक वैकल्पिक स्रोत चुना है।

सांकेतिक तस्वीर एआई जनरेटेड

सांकेतिक तस्वीर एआई जनरेटेड

HighLights

  1. महिंद्रा ओरा आरडब्ल्यूए ने वैकल्पिक बिजली स्रोत को प्राथमिकता दी।

  2. इस निर्णय से सोसायटी के 3.99 करोड़ रुपये बचेंगे।

  3. केएनएस इंफ्राकॉन का ईएसएस 2027 तक चालू होगा।

संवाद सहयोगी, नया गुरुग्राम। नया गुरुग्राम सेक्टर-110ए स्थित महिंद्रा ओरा सोसायटी के निवासियों ने प्रस्तावित 33 केवी बिजली कनेक्शन के लिए बिल्डर द्वारा प्रस्तावित विकल्प के बजाय वैकल्पिक बिजली स्रोत को प्राथमिकता देने का फैसला किया है। आरडब्ल्यूए के अनुसार, इस विकल्प से सोसायटी के निवासियों के करीब 3.99 करोड़ रुपये बच सकते हैं।

16 अगस्त को हुई ओरा आरडब्ल्यूए की 10वीं वार्षिक आम सभा (एजीएम) में केएनएस इंफ्राकान प्राइवेट लिमिटेड, जो टाशी ग्रुप की कंपनी है, की ओर से 33 केवी बिजली आपूर्ति के प्रस्ताव पर चर्चा हुई।

वहीं, महिंद्रा लाइफस्पेसेज एंड डेवलपर्स लिमिटेड (एमएलडीएल) की ओर से सीएसएन एस्टेट्स प्राइवेट लिमिटेड के माध्यम से प्रस्तावित बिजली कनेक्शन भी चर्चा में था।

आरडब्ल्यूए के मुताबिक, केएनएस इंफ्राकान का बिजली स्विचिंग स्टेशन (ईएसएस) पुरी डिप्लोमैटिक एन्क्लेव के पास है, जबकि एमएलडीएल द्वारा प्रस्तावित ईएसएस बजघेड़ा गांव के आगे है। दूरी कम होने के कारण केएनएस के विकल्प में केबल बिछाने का खर्च काफी कम आने की उम्मीद है।

3.6 किलोमीटर के बजाय करीब 1.2 किलोमीटर केबल

9 सितंबर को एमएलडीएल को भेजे पत्र में आरडब्ल्यूए ने बताया कि केएनएस का ईएसएस ऑरा से करीब 1.2 किलोमीटर दूर है, जबकि सीएसएन एस्टेट्स वाला ईएसएस करीब तीन किलोमीटर दूर है।

इसके चलते केएनएस के विकल्प में करीब 1.2 किलोमीटर केबल बिछानी होगी, जबकि दूसरे विकल्प में करीब 3.6 किलोमीटर केबल की जरूरत पड़ेगी।

आरडब्ल्यूए के अनुसार 3.6 किलोमीटर कनेक्शन पर करीब 6 करोड़ रुपये या इससे अधिक खर्च आने का अनुमान है। वहीं, छोटी दूरी वाले विकल्प में खर्च करीब एक-तिहाई रहने की उम्मीद है।

आरडब्ल्यूए पदाधिकारियों का कहना है कि केएनएस इंफ्राक्रान के ईएसएस से कनेक्शन लेने पर करीब चार करोड़ रुपये की बचत हो सकती है।

आरडब्ल्यूए की तरफ से एमएलडीएल से केएनएस इंफ्राक्रान के ईएसएस के माध्यम से 33 केवी बिजली आपूर्ति के लिए समझौता करने का अनुरोध किया है।

जनवरी 2027 तक चालू होने की उम्मीद

एजीएम में बताया गया कि केएनएस इंफ्राक्रान के ईएसएस में क्षमता उपलब्ध है और इसके दिसंबर 2026 या जनवरी 2027 तक चालू होने की उम्मीद है।

आरडब्ल्यूए के अनुसार, दोनों ईएसएस को दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (डीएचबीवीएन) की मंजूरी प्राप्त है। आरडब्ल्यूए ने 9 सितंबर का पत्र जिला नगर योजनाकार (प्रवर्तन) और डीएचबीवीएन के अधीक्षण अभियंता को भी भेजा है।

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