दिल्ली-जयपुर हाईवे पर नहीं होगा जलभराव, जून तक तैयार होगी गुरुग्राम की लेग-4 मास्टर ड्रेन; 80% काम पूरा
गुरुग्राम में मानसून के दौरान जलभराव की समस्या से निजात दिलाने के लिए जीएमडीए की लेग-4 मास्टर ड्रेन का 80% ...और पढ़ें

एसपीआर के किनारे निर्माणाधीन लेग-चार ड्रेन। जागरण
HighLights
लेग-4 मास्टर ड्रेन का 80% निर्माण कार्य पूरा
जून तक ड्रेन तैयार, मानसून जलभराव से मिलेगी राहत
दिल्ली-जयपुर हाईवे, नए सेक्टरों में पानी नहीं भरेगा
संदीप रतन, गुरुग्राम। शहर में मानसून के दौरान जलभराव की समस्या से जूझ रहे लोगों के लिए राहत भरी खबर है। गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) द्वारा बनाई जा रही लेग-4 मास्टर ड्रेन का करीब 80 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हो चुका है और इसे जून तक यानी मानसून की शुरुआत से पहले तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है।
इसके पूरा होने के बाद दिल्ली-जयपुर हाईवे और नए गुरुग्राम के कई सेक्टरों में जलभराव की समस्या में काफी कमी आने की उम्मीद है। जीएमडीए द्वारा सोहना रोड स्थित वटिका चौक से लेकर एनएच-8 तक सदर्न पेरिफेरल रोड (एसपीआर) के साथ 4.6 किलोमीटर लंबी आरसीसी बाक्स ड्रेन का निर्माण किया जा रहा है।
यह ड्रेन सेक्टर-69, 70, 75 और 75ए के साथ होकर गुजरेगी और सेक्टर-68 से 80 तक के इलाकों का बरसाती पानी निकालने में अहम भूमिका निभाएगी। करीब 105 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हो रही यह परियोजना शहर के ड्रेनेज नेटवर्क को मजबूत करेगी।
मानसून के दिनों में बादशाहपुर ड्रेन में अरावली पहाड़ियों की तरफ अचानक ज्यादा बरसाती पानी आने से यह ड्रेन ओवरफ्लो हो जाती है। इससे दिल्ली-जयपुर हाईवे पर नरसिहंपुर में वर्षा का पानी भर जाता है। हीरो होंडा चौक से खेड़कीदौला टोल प्लाजा तक ट्रैफिक जाम रहता है।
बादशाहपुर ड्रेन पर कम होगा दबाव
अभी तक शहर का अधिकतर बरसाती पानी बादशाहपुर ड्रेन के जरिए नजफगढ़ ड्रेन में जाता है, जिससे मानसून के दौरान इस पर अत्यधिक दबाव बन जाता है और कई जगह ओवरफ्लो की स्थिति पैदा हो जाती है।
लेग-4 ड्रेन बनने के बाद इस दबाव में कमी आएगी और जलभराव की समस्या पर नियंत्रण पाया जा सकेगा। खासकर भारी वर्षा के दौरान नए विकसित सेक्टरों में राहत मिलने की संभावना है।
- 80 प्रतिशत लेग-4 मास्टर ड्रेन का निर्माण कार्य पूरा
- 30 2026 तक ड्रेन को पूरा करने का लक्ष्य
- 4.6 किलोमीटर आरसीसी बाक्स ड्रेन की कुल लंबाई
- 105 करोड़ रुपये परियोजना की अनुमानित लागत
- 68–80 सेक्टर इलाकों को मिलेगा सीधा फायदा
- 69, 70, 75, 75A सेक्टर ड्रेन का गुजरने वाला मार्ग
तीन ड्रेनों के साथ चौथी कड़ी बनेगी लेग-4
गुरुग्राम में तीन प्रमुख ड्रेन लेग-1, लेग-2 और लेग-3 शहर के पानी को नजफगढ़ ड्रेन तक पहुंचाती हैं। लेग-3 को ही बादशाहपुर ड्रेन के नाम से जाना जाता है। नई बन रही ड्रेन शहर की चौथी कड़ी के रूप में कार्य करेगी और इससे ड्रेनेज सिस्टम मजबूत होने की उम्मीद है।
आईआईटी रुड़की से मंजूर हुआ था डिजाइन
इस आरसीसी बाक्स ड्रेन का डिजाइन आईआईटी रुड़की द्वारा स्वीकृत किया गया था। जीएमडीए अधिकारियों के अनुसार, परियोजना का निर्माण कार्य तेजी से जारी है और तय समय सीमा के भीतर इसे पूरा करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
लेग-4 ड्रेन के शुरू होने के बाद सेक्टर-68 से 80 तक के निवासियों को मानसून में जलभराव से काफी राहत मिलेगी। बादशाहपुर ड्रेन पर भी पानी का दबाव कम होगा, जिससे दिल्ली-जयपुर हाईवे पर भी बरसाती पानी भरने की समस्या काफी हद तक कम हो जाएगी।
- हेमंत यादव, चीफ इंजीनियर जीएमडीए।यह भी पढ़ें- गुरुग्राम के शंकर चौक पर बनेगा नमो भारत का अंडरग्राउंड स्टेशन, हरियाणा सरकार ने दी हरी झंडी
