गुरुग्राम पुलिस ने बचाई दो जिंदगियां, इमरजेंसी कॉल मिलते ही 7 मिनट में पहुंचकर ERV; सड़क पर हुई डिलीवरी
गुरुग्राम पुलिस की ईआरवी टीम ने सेक्टर-68 में एक गर्भवती महिला की मौके पर ही सुरक्षित डिलीवरी कराई, जिससे मां और नवजात शिशु की जान बच गई।

नवजात के साथ पुलिसकर्मी।
HighLights
गुरुग्राम पुलिस की ईआरवी टीम ने दिखाई मानवीय संवेदनशीलता।
सेक्टर-68 में गर्भवती महिला की मौके पर कराई डिलीवरी।
मां और नवजात बेटे को सुरक्षित अस्पताल पहुंचाया गया।
जागरण संवाददाता, गुरुग्राम। गुरुग्राम पुलिस की ईआरवी टीम की तत्परता और मानवीय संवेदनशीलता से एक गर्भवती महिला की मौके पर ही सुरक्षित डिलीवरी कराई गई। पुलिस टीम ने मां और नवजात शिशु को समय पर चिकित्सा सहायता पहुंचाकर उनकी अनमोल जिंदगियां बचा लीं।
जानकारी के अनुसार, मंगलवार रात करीब आठ बजे गुरुग्राम पुलिस की ईआरवी-235 को सेक्टर-68 स्थित एमथ्रीएम मरीना से एक इमरजेंसी काल प्राप्त हुई। वहां चाय का ठेला लगाने वाली कालर उर्मिला ने सूचना दी कि उनके ठेले के पास खड़ी एक गर्भवती महिला की हालत अत्यंत गंभीर है और उसकी डिलीवरी होने वाली है।
सूचना मिलते ही ईआरवी पर तैनात हेड कांस्टेबल संदीप व कांस्टेबल संदीप (चालक) ने बिना कोई देरी किए तुरंत घटनास्थल के लिए रवाना होकर मात्र सात मिनट में मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला।
ईआरवी टीम ने कैसे किया सहयोग?
मौके पर पहुंचने पर पुलिस टीम ने देखा कि गर्भवती महिला की हालत काफी गंभीर थी तथा तत्काल सहायता की आवश्यकता थी। परिस्थितियों की गंभीरता को समझते हुए ईआरवी टीम ने सूझबूझ एवं तत्परता का परिचय दिया और आसपास मौजूद महिलाओं के सहयोग से मौके पर ही महिला की सुरक्षित डिलीवरी करवाई।
स्थानीय महिलाओं के सामूहिक प्रयासों से महिला ने एक स्वस्थ बेटे को जन्म दिया। इसके बाद ईआरवी टीम ने दोनों को सुरक्षित डिस्पेंसरी बादशाहपुर पहुंचाया। यहां फिलहाल उनका इलाज चल रहा है।
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