गुरुग्राम की सड़कों पर फिर लौटा अतिक्रमण, GMDA अभियान की प्रभावशीलता पर सवाल
गुरुग्राम में जीएमडीए के अतिक्रमण हटाओ अभियान के बाद भी बसई रोड समेत कई इलाकों में फिर से कब्जे हो गए हैं।
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गुरुग्राम की सड़कों पर फिर लौटा अतिक्रमण ( एआई जेनरेटेड इमेज )
HighLights
जीएमडीए अभियान के बाद गुरुग्राम की सड़कों पर फिर अतिक्रमण।
बसई रोड, सदर बाजार सहित प्रमुख चौराहों पर फिर कब्जे।
निगरानी की कमी से अभियान की प्रभावशीलता पर उठे सवाल।
जागरण संवाददाता, गुरुग्राम। शहर की सड़कों को अतिक्रमण मुक्त बनाने के लिए गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) ने अगस्त के अंतिम सप्ताह में अभियान चलाकर खूब कार्रवाई की।
कई किलोमीटर लंबी सड़कों से कब्जे हटाए गए और राहगीरों व वाहन चालकों के लिए रास्ता खुलवाया गया। लेकिन, कार्रवाई का असर ज्यादा दिन नहीं टिक सका। अब बसई रोड से लेकर अग्रसेन चौक, महावीर चौक और सदर बाजार तक अतिक्रमण फिर लौट आया है।
अतिक्रमण हटाने का समाधान कहां?
हालात देखकर लगता है कि कब्जाधारियों को कार्रवाई का डर नहीं है और संबंधित एजेंसियों की निगरानी भी नियमित नहीं है। सवाल है कि जब कुछ ही समय में सड़कें फिर घिरनी थीं, तो अतिक्रमण हटाने के अभियान का स्थायी समाधान आखिर कहां है?
बसई रोड पर जिला नागरिक अस्पताल के आसपास और सड़क के अन्य हिस्सों में ठेले-रेहड़ी वालों ने फिर जगह घेरनी शुरू कर दी है। कुछ स्थानों पर झुग्गियां भी दिखाई देने लगी हैं। इससे सड़क पर आवाजाही के लिए उपलब्ध जगह कम हो रही है।
लोगों को करना पड़ रहा परेशानी का सामना
अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों और उनके स्वजन को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है। जिस सड़क से मरीजों को आसानी से अस्पताल पहुंचना चाहिए। वहां अतिक्रमण के कारण रास्ता संकरा हो रहा है। अग्रसेन चौक और महावीर चौक पर भी स्थिति सुधरने के बजाय बिगड़ती दिखाई दे रही है।
दुकानों के बाहर सामान रखने और रेहड़ियां लगाने से सड़क किनारे का हिस्सा घिर रहा है। पैदल चलने वालों को रास्ता तलाशना पड़ता है, तो वाहन चालकों को भी निकलने में दिक्कत होती है।
सदर बाजार में दुकानों के बाहर सामान और रेहड़ियों के कारण अतिक्रमण बढ़ रहा है। वहीं, पुराना महरौली रोड पर जगह-जगह अवैध आटो स्टैंड बनने से यातायात व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
अभियान के बाद निगरानी कहां गायब हो जाती है?
जीएमडीए की टीम ने अगस्त के अंतिम सप्ताह में इन क्षेत्रों सहित शहर की कई प्रमुख सड़कों पर अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाया था। कार्रवाई के बाद रास्ते खुले थे, लेकिन नियमित निगरानी के अभाव में कब्जे दोबारा होने लगे। इससे अभियान की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
अतिक्रमण हटाना जितना जरूरी है, उतना ही जरूरी दोबारा कब्जे होने से रोकना भी है। केवल अभियान चलाकर तस्वीर बदलने का दावा करना पर्याप्त नहीं, जब तक सड़कें स्थायी रूप से अतिक्रमण मुक्त न रहें।
सेक्टर-एक से सेक्टर-57 तक अतिक्रमण के विरुद्ध कार्रवाई के लिए विशेष पेट्रोलिंग टीमें लगाई गई हैं, जो लगातार निगरानी कर रही हैं। बसई रोड सहित जिन स्थानों पर दोबारा अतिक्रमण हुआ है, वहां सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी सूरत में अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। -- आरएस बाठ, डीटीपी, जीएमडीए
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