गुरुग्राम में धनतेरस की बंपर खरीदारी, बाजारों में 20% बिक्री बढ़ने का अनुमान
गुरुग्राम में धनतेरस के साथ पांच दिवसीय दीपोत्सव शुरू होगा, जहां सोने-चांदी, बर्तनों और वाहनों की खरीदारी में 20% तक ...और पढ़ें

दुकानों में खरीदारी करते लोग।
HighLights
धनतेरस पर गुरुग्राम में 20% अधिक बिक्री का अनुमान।
सोने-चांदी, बर्तन, वाहन और इलेक्ट्रॉनिक्स की खरीदारी में उछाल।
सजे बाजारों में ग्राहकों की भीड़, स्वदेशी सजावटी सामान पसंद।
जागरण संवाददाता, गुरुग्राम। धनतेरस के साथ ही कल से पांच दिवसीय दीपोत्सव की शुरुआत हो जाएगी। इस बार धनतेरस पर खरीदारी का उत्साह है, लेकिन सोने-चांदी की कीमतों में उतार चढ़ाव के बावजूद ग्राहकों की पसंद में बदलाव नहीं दिख रहा है।
कोई शुभ मुहूर्त में सोने-चांदी के सिक्के और आभूषण खरीदने की तैयारी में है तो कोई तांबा, पीतल और कांसे के बर्तनों को प्राथमिकता दे रहा है। वहीं, वाहन खरीदने वालों ने पहले से ही कार और बाइक की बुकिंग करा रखी है। शुक्रवार को बाजारों में खरीदारों की भीड़ उमड़ने की उम्मीद है। कारोबारियों ने भी ग्राहकों के स्वागत और बिक्री के लिए विशेष इंतजाम किए हैं।
धनतेरस को लेकर शहर के प्रमुख बाजार सजकर तैयार हैं। सदर बाजार, गलेरिया मार्केट, हांगकांग बाजार, सेक्टर-31, सेक्टर-14, सेक्टर-15 पार्ट-दो, सेक्टर-4, सेक्टर-40 और सेक्टर-22 के बाजारों में दुकानों को आकर्षक तरीके से सजाया गया है।
आभूषण, बर्तन, इलेक्ट्रानिक्स, कपड़े, देवी-देवताओं की मूर्तियों और उपहारों की दुकानों पर विशेष तैयारियां की गई हैं। एमजी रोड स्थित सहारा माल, एमजीएफ माल और एंबियंस माल में भी धनतेरस की पूर्व संध्या पर ग्राहकों की अच्छी चहल-पहल रही।
महंगे सोने के बीच चांदी के सिक्कों और आभूषणों की मांग
साइबर सिटी का सराफा बाजार में खरीदारी को लेकर उत्साह बना हुआ है। ग्राहकों ने धनतेरस के लिए पहले से ही सोने-चांदी के सिक्कों और आभूषणों की बुकिंग करा रखी है। कारोबारियों का अनुमान है कि इस बार गोल्ड और डायमंड के गहनों की मांग में पिछले वर्ष की तुलना में 20 प्रतिशत से अधिक वृद्धि हो सकती है।
ग्राहक अपने बजट के अनुसार छोटे आभूषणों और सिक्कों की खरीदारी को प्राथमिकता दे रहे हैं। कारोबारियों को उम्मीद है कि शुभ मुहूर्त में बिक्री में तेजी आएगी।
तांबा-पीतल के बर्तनों की ओर बढ़ा रुझान
सोने-चांदी की बढ़ती कीमतों के बीच बर्तन बाजार में भी ग्राहकों के लिए कई विकल्प उपलब्ध हैं। धनतेरस पर धातु के बर्तन खरीदने की परंपरा को देखते हुए दुकानदारों ने तांबा, पीतल और कांसे के बर्तनों का स्टाक बढ़ाया है। इस बार कापर मटका और ब्रास कुकर जैसे उत्पाद भी बाजार में आकर्षण का केंद्र हैं।
दुकानदार ग्राहकों को उपहार और छूट देकर आकर्षित कर रहे हैं। इसके अलावा छठ पूजा को देखते हुए भी बर्तनों की पर्याप्त व्यवस्था की गई है। फर्नीचर और गिफ्ट आइटम की दुकानों पर भी खरीदारी की उम्मीद है।
स्वदेशी सजावटी सामान की भी मांग
दिवाली की सजावट के लिए बाजार में चीन निर्मित इलेक्ट्रानिक लड़ियां और अन्य सजावटी सामान उपलब्ध हैं, लेकिन इस बार स्वदेशी उत्पाद भी ग्राहकों को आकर्षित कर रहे हैं। पारंपरिक सजावटी वस्तुओं, दीपों और अन्य घरेलू उत्पादों की बाजार में भरमार है। दुकानदारों को उम्मीद है कि ग्राहक इस बार स्वदेशी सजावटी सामान को भी प्राथमिकता देंगे।
ग्राहकों की भीड़ संभालने के लिए बढ़ाया स्टाफ
बाजारों में धनतेरस पर संभावित भीड़ को देखते हुए दुकानदारों ने अतिरिक्त कर्मचारियों की व्यवस्था की है। जिन दुकानों पर सामान्य दिनों में दो से तीन कर्मचारी होते थे, वहां अब पांच से सात सेल्स ब्वाय और सेल्स गर्ल्स लगाए गए हैं। सराफा व इलेक्ट्रानिक्स कारोबारियों ने एडवांस बुकिंग के आधार पर सामान की डिलीवरी की तैयारी कर ली है। इलेक्ट्रानिक्स दुकानदारों ने भी टीवी, फ्रिज और अन्य घरेलू उपकरणों की बिक्री के लिए विशेष तैयारियां की हैं। कारोबारियों को पिछले वर्ष की तुलना में बेहतर कारोबार की उम्मीद है।
पांच दिवसीय दीपोत्सव की शुरुआत 6 नवंबर से
धनतेरस के साथ पांच दिवसीय दीपोत्सव शुरू होगा। पहले दिन धनतेरस, दूसरे दिन नरक चतुर्दशी, तीसरे दिन दीपावली, चौथे दिन गोवर्धन पूजा और पांचवें दिन भैया दूज मनाया जाएगा। धनतेरस की शाम यमराज के निमित्त आटे का चौमुख दीपक बनाकर घर के मुख्य द्वार पर रखने की परंपरा है। मान्यता है कि इससे परिवार पर अकाल मृत्यु का भय नहीं रहता है।
यह रहेगा पूजा का शुभ मुहूर्त
धनतेरस पर भगवान धन्वंतरि, कुबेर महाराज और माता लक्ष्मी की पूजा का विशेष महत्व है। पंडित अमरचंद्र भारद्वाज के अनुसार, छह नवंबर को दोपहर 12 बजे से 2:15 बजे तक और शाम 6:02 बजे से 7:57 बजे तक पूजा के दो शुभ मुहूर्त रहेंगे।
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