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गुरुग्राम में नियमों के विरुद्ध चल रहे पीजी पर प्रशासन की बड़ी कार्रवाई

Published: Thu, 08 Oct 2026 05:57 PM (GMT+05:30)

गुरुग्राम प्रशासन ने नियमों का उल्लंघन कर चल रहे पेइंग गेस्ट (पीजी) आवासों पर कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी ...और पढ़ें

गुरुग्राम में नियमों के विरुद्ध चल रहे पीजी पर प्रशासन की बड़ी कार्रवाई  ( एआई जेनरेटेड इमेज )

गुरुग्राम में नियमों के विरुद्ध चल रहे पीजी पर प्रशासन की बड़ी कार्रवाई ( एआई जेनरेटेड इमेज )

HighLights

  1. प्रशासन ने गुरुग्राम में अवैध पीजी पर कार्रवाई की तैयारी की।

  2. नगर निगम ने 1625 पंजीकृत पीजी की पहचान की है।

  3. बिना अनुमति और सुरक्षा मानकों के चल रहे पीजी पर फोकस।

जागरण संवाददाता, गुरुग्राम। गुरुग्राम के रिहायशी इलाकों में नियमों को ताक पर रखकर चलाए जा रहे पेइंग गेस्ट (पीजी) आवासों पर अब प्रशासन ने कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है। नगर निगम ने माना है कि शहर में बड़ी संख्या में पीजी संचालित हो रहे हैं।

निगम के संपत्ति कर रिकार्ड में 1625 संपत्तियां पीजी के रूप में दर्ज हैं। इनमें नियमों का पालन नहीं करने वाले पीजी की पहचान कर कार्रवाई के निर्देश संबंधित विभागों को दिए गए हैं।

संचालित पीजी की पहचान करने को कहा गया

नगर निगम के अतिरिक्त आयुक्त यश जलुका ने हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी), नगर निगम, जिला नगर योजनाकार एन्फोर्समेंट (डीटीपीई) और हरियाणा राज्य औद्योगिक एवं बुनियादी ढांचा विकास निगम (एचएसआइआइडीसी) के अधिकारियों को पत्र भेजकर अपने-अपने क्षेत्र में नियमों के विपरीत संचालित पीजी की पहचान करने को कहा है।

संपत्ति मालिकों और संचालकों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई के भी निर्देश दिए गए हैं। संपत्ति कर रिकार्ड के अनुसार शहर में दर्ज 1625 पीजी में से एचएसवीपी सेक्टरों में 276, लाइसेंस प्राप्त कालोनियों में 492, नगर निगम क्षेत्र में 856 और एचएसआइआइडीसी क्षेत्र में एक पीजी है।

हालांकि, यह संख्या केवल उन संपत्तियों की है, जिन्होंने पीजी के रूप में पंजीकरण कराया है और निगम के रिकार्ड में दर्ज हैं। बिना पंजीकरण और अनुमति के चल रहे पीजी की वास्तविक संख्या कितनी है, इसका कोई स्पष्ट आंकड़ा फिलहाल निगम के पास नहीं है।

निगम संबंधित विभागों के साथ ऐसे पीजी की पहचान करने की प्रक्रिया शुरू करेगा, जो अब तक सरकारी रिकार्ड से बाहर हैं। 

क्षमता से कई गुना लोग, सुरक्षा पर गंभीर सवाल

नगर निगम को क्षेत्रीय कर्मचारियों से मिली जानकारी में सामने आया है कि कई रिहायशी मकानों में बिना जरूरी अनुमति, लाइसेंस, पंजीकरण और अग्निशमन सुरक्षा स्वीकृति के पीजी संचालित किए जा रहे हैं।

कई मकान परिवार के रहने के हिसाब से बनाए गए हैं। लेकिन, उनमें क्षमता से कई गुना लोगों को ठहराया जा रहा है। ऐसे पीजी में आग लगने की स्थिति में सुरक्षित निकासी, बिजली के अतिरिक्त भार, भवन की मजबूती और अग्निशमन व्यवस्था को लेकर गंभीर खतरा रहता है।

वर्षों बाद जागा प्रशासन

नए गुरुग्राम से लेकर पुराने शहर और एचएसवीपी सेक्टरों तक रिहायशी मकानों में पीजी संचालन लंबे समय से होता रहा है। अब सवाल यह है कि अगर नियमों के उल्लंघन की जानकारी विभागों को पहले से मिल रही थी, तो कार्रवाई अब तक क्यों नहीं हुई।

1625 पीजी रिकार्ड में दर्ज होने के बावजूद बिना पंजीकरण चल रहे पीजी की संख्या का ठोस आंकड़ा नहीं होना भी निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है।

अतिरिक्त आयुक्त ने एचएसवीपी के संपदा अधिकारी-1 और 2, नगर निगम के सभी संयुक्त आयुक्तों, डीटीपीई और एचएसआइआइडीसी अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र में जांच कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।

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